दुष्कर्म पीड़िता आत्मदाह मामले को लेकर व्यापारियों ने बंद किया बाजार, थानाधिकारी एपीओ

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/30 07:37

जयपुर: राजधानी के वैशाली नगर थाने में हुए महिला आत्मदाह मामले ने आज तूल पकड़ लिया. एक तरफ जहां वैशाली नगर व्यापार मंडल और राजपूत समाज ने घटना के विरोध में बाजार बंद करवाये. वहीं राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य राजुल देसाई ने भी जयपुर पहुंचकर पुलिस कमिश्नर आंनद श्रीवास्तव से मामले की जानकारी ली और पीड़ित परिवार से घटनाक्रम की चर्चा की. उधर मामले की गंभीरता और राजपूत समाज के विरोध को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने वैशाली नगर थानप्रभारी संजय गोदारा को एपीओ कर दिया. एक रिपोर्ट: 

थानाधिकारी एपीओ:
वैशाली नगर थाने में महिला द्वारा आत्मदाह करने के मामले में मंगलवार को व्यापारियों ने बाजार बंद रखा. व्यापारियों की मांग है कि वैशाली नगर थानाधिकारी संजय गोदरा और डिप्टी रायसिंह को सस्पेंड किया जाए. हालांकि, पुलिस मुख्यालय ने संजय गोदरा को एपीओ कर दिया. वहीं, मामले की जांच सीआईडी सीबी को सौंपी गई है. प्रदर्शन के दौरान राजपूत समाज के कई संगठन के लोग भी पहुंचे. उन्होंने कुछ इलाके में बाजार भी बंद करवाया. वहीं मृतक महिला का पति भी सड़कों पर राजपूत समाज के लोगों के साथ नजर आया. मृतक महिला के पति ने पुलिस प्रशासन पर आरोप लगाते हुए कहा कि अगर समय पर पुलिस चेत जाती तो आज ये घटना नही होती.

राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम पहुंची जयपुर:
वहीं इस पूरे मामले में जांच के लिए राष्ट्रीय महिला आयोग की टीम जयपुर पहुंची. राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ. राजुल देसाई ने जयपुर पुलिस कमिश्नरेट पहुंचकर पुलिस कमिश्नर आनंद श्रीवास्तव व डीसीपी वेस्ट विकास शर्मा ने मामले की जानकारी ली. इस दौरान महिला आयोग के दल ने मृतका के पति व अन्य परिजनों से घटना लेकर बयान लिए. राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य डॉ. राजुल देसाई ने कहा कि राजस्थान में बालिकाओं व महिलाओं के शोषण की घटनाएं बढ़ती जा रही है, लेकिन राज्य सरकार महिला सुरक्षा की ओर ध्यान नहीं दे रही है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अब तक महिला आयोग का गठन नहीं किया है, ये शर्मनाम बात है. वहीं महिला व बाल विकास विभाग ने भी इस मामले में कार्रवाई नहीं की है. पुलिस थानों की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि पुलिस थानों में न तो सीसीटीवी कैमरे है और पुलिस ने मामले में लापरवाही बरती है. साथ ही पीड़िता ने पति ने भी पुलिस पर जांच के नाम पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है. फिलहाल तमाम तथ्यों को जुटाकर महिला आयोग मामले की जांच में जुटा है.  

खाकी की कार्यप्रणाली पर सवाल:
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम ने खाकी की कार्यप्रणाली को उजागर कर दिया है और पुलिस मुख्यालय ने भी थानाधिकारी को एपीओ कर अपनी जिम्मेदारी से इतिश्री कर ली, लेकिन सवाल अभी भी वहीं खड़े हैं कि 'अपराधियों में भय और आमजन में विश्वास' मुहावरे पर कार्य करने वाली पुलिस दुष्कर्म पीड़िता को न्याय भी नहीं दिला पाई कि अबला को थाने में जाकर आत्मदाह करना पड़ा. 

... संवाददाता सत्यनारायण शर्मा की रिपोर्ट 

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