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भूस्खलन से मनाली-लेह राजमार्ग पर ट्रैफिक जाम, सीमा सड़क संगठन ने संभाला मोर्चा 

भूस्खलन से मनाली-लेह राजमार्ग पर ट्रैफिक जाम, सीमा सड़क संगठन ने संभाला मोर्चा 

शिमला: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले में आज फिर से हुए भूस्खलनों के कारण मनाली-लेह राजमार्ग पर यातायात बाधित हुआ. जिसके बाद कुल्लू जिले में मनाली-लेह राजमार्ग पर यातायात जाम के चलते सीमा सड़क संगठन ने मोर्चा संभाला है. BRO राजमार्ग पर रोहतांग दर्रे के पास सड़क की सफाई का संचालन कर रहा है. 

मढी में भूस्खलन:
कुल्लू पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बताया कि मनाली-लेह राजमार्ग पर पूर्वाह्न करीब साढे 11 बजे मनाली और रोहतांग के बीच मढी में भूस्खलन हुए. इसके कारण मनाली-लेह राजमार्ग फिर से बाधित हो गया है. रोहतांग मार्ग पर मढ़ी में मंगलवार तड़के चार बजे भूस्खलन से सैकड़ों पर्यटक वाहनों सहित फंसे रहे. लेह के लिए निकली सेना की गाड़ियां मनाली लौट आईं. भारी बारिश के कारण कुछ दिनों तक बंद रहने बाद राजमार्ग को मंगलवार को वाहनों के लिए खोला गया था. 

बता दें कि प्रदेश में अभी भी 824 सड़कें बंद हैं. जगह-जगह भूस्खलन से प्रदेश में सैकड़ों लोग और पर्यटक फंसे हैं. 
 

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ड्रग्स मामले में दीपिका-सारा और रकुल-श्रद्धा को NCB का समन, आज से पूछताछ शुरू

ड्रग्स मामले में दीपिका-सारा और रकुल-श्रद्धा को NCB का समन, आज से पूछताछ शुरू

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत केस में ड्रग्स एंगल सामने आने के बाद नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की कई बड़े सितारों पर गाज गिरने वाली है. इसी के चलते ड्रग्स केस में अभिनेत्री दीपिका पादुकोण, श्रद्धा कपूर, सारा अली खान, रकुल प्रीत सिंह और सिमोन खंबाटा समेत सात लोगों को NCB ने पूछताछ के लिए समन भेजा है. आज से सभी को बयान दर्ज कराने के लिए पेश होना होगा. आने वाले तीन दिनों में इन अभिनेत्रियों के बयान दर्ज कराए जाएंगे.

आज रकुलप्रीत सिंह और फैशन डिजायनर सिमोन खंबाटा से होगी पूछताछ:
इसी कड़ी में आज एनसीबी ने रकुलप्रीत सिंह और फैशन डिजायनर सिमोन खंबाटा को पूछताछ के लिए बुलाया है. दोनों से ड्रग्स कनेक्शन को लेकर सवाल पूछे जाएंगे. मालूम हो, ड्रग्स कनेक्शन में रकुल का नाम रिया चक्रवर्ती ने लिया है. इससे पहले रकुल ने हाई कोर्ट में याचिका दायर की थी. हालांकि अब रकुल की इस मामलेा में मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. आज रकुल से NCB पूछताछ करने वाली है.

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लोग दीपिका को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल कर रहे: 
वहीं ड्रग्स मामले में दीपिका पादुकोण का नाम सामने आने के बाद बॉलीवुड में हड़कंप मंच गया है. लोग दीपिका को सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल कर रहे हैं. एनसीबी ने दीपिका को समन भेजकर 25 सितंबर को पूछताछ के लिए बुलाया है. अभिनेत्री फिलहाल गोवा में हैं और गुरुवार को मुंबई लौट सकती हैं.

श्रद्धा कपूर और सारा अली खान 26 सितंबर को NCB के सामने पेश होंगी:
अभिनेत्री श्रद्धा कपूर और सारा अली खान 26 सितंबर को NCB के सामने पेश होंगी. सारा और श्रद्ध दोनों ही स्टार डॉटर्स हैं. जहां सारा अली खान सैफ और अमृता की बेटी है तो वहीं श्रद्धा कपूर शक्ति कपूर की बेटी हैं. बता दें कि दोनों ही सुशांत की अच्छी दोस्त थी. 

 

राज्यसभा का मानसून सत्र निर्धारित समय से करीब आठ दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

राज्यसभा का मानसून सत्र निर्धारित समय से करीब आठ दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित

नई दिल्ली: राज्यसभा का मानसून सत्र निर्धारित समय से करीब आठ दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया. छोटी सी अवधि होने के बावजूद सत्र के दौरान 25 विधेयकों को पारित किया जबकि हंगामे के चलते आठ विपक्षी सदस्यों को निलंबित कर दिया गया. 

यह सत्र कुछ मामलों में ऐतिहासिक रहा:  
सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि यह सत्र कुछ मामलों में ऐतिहासिक रहा है. इस बार सत्र के दौरान उच्च सदन के सदस्यों को बैठने की नई व्यवस्था के तहत पांच अन्य स्थानों पर बैठाया गया. उच्च सदन के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है. इसके साथ ही लगातार दस दिनों तक सदन ने काम किया. शनिवार और रविवार को भी सदन का अवकाश नहीं रहा. 

सत्र के दौरान छह विधेयकों को पेश किय गया:
उन्होंने कहा कि इस बार सत्र के दौरान 25 विधेयकों को पारित किया गया या लौटा दिया गया. इसके साथ ही छह विधेयकों को पेश किय गया. सत्र के दौरान पारित किए गए विधेयकों में कृषि क्षेत्र से संबंधित तीन महत्वपूर्ण विधेयक, महामारी संशोधन विधेयक, विदेशी अभिदाय विनियमन संशोधन विधेयक, जम्मू कश्मीर आधिकारिक भाषा विधेयक शामिल हैं. 

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इस सत्र के दौरान 104.47 प्रतिशत कामकाज हुआ:
नायडू ने बताया कि इस सत्र के दौरान 104.47 प्रतिशत कामकाज हुआ. उन्होंने कहा कि इस दौरान विभिन्न मुद्दों पर व्यवधान के कारण जहां सदन के कामकाज में तीन घंटों का नुकसान हुआ वहीं सदन ने तीन घंटे 26 मिनट अतिरिक्त बैठकर कामकाज किया. उन्होंने कहा कि पिछले चार सत्रों के दौरान उच्च सदन में कामकाज का कुल प्रतिशत 96.13 फीसदी रहा है. 

पहली बार उपसभापति को हटाये जाने का नोटिस दिया गया:
नायडू ने कहा कि राज्यसभा के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि उपसभापति को हटाये जाने का नोटिस दिया गया. सभापति ने कहा कि उन्होंने इसे खारिज कर दिया क्योंकि वह नियमों के अनुरूप नहीं था. उन्होंने इसके बाद सदन में हुई घटनाओं को ‘‘पीड़ादायक’’ बताया. 

किसान बिल के विरोध में लंबे वक्त के बाद सियासी कार्यक्रम में दिखे नवजोत सिंह सिद्धू, सड़कों पर उतरकर किया प्रदर्शन

किसान बिल के विरोध में लंबे वक्त के बाद सियासी कार्यक्रम में दिखे नवजोत सिंह सिद्धू, सड़कों पर उतरकर किया प्रदर्शन

अमृतसर: केंद्र सरकार के द्वारा पारित किए गए कृषि बिलों के खिलाफ नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने अमृतसर में सड़क पर उतरकर प्रदर्शन किया. इस दौरान उनके साथ सैकड़ों की भीड़ में समर्थक भी दिखाई दिए. इस दौरान पूर्व क्रिकेटर और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान बिल से जमाखोरी को बढ़ावा मिलेगा. क्या सरकार रोटी को आवश्यक वस्तु नहीं मानती है? 

सिद्धू करीब एक साल बाद मैदान में उतरे:  
इस दौरान सिद्धू ट्रैक्टर पर सवार दिखे. साथ ही किसानों के हाथ में तख्तियां थीं और कुछ ने काले झंडे भी लिए हुए थे. सिद्धू करीब एक साल बाद मैदान में उतरे हैं. नवजोत सिंह सिद्धू पिछले काफी लंबे वक्त के बाद किसी बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम में दिखे हैं. उनका पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर के साथ रिश्ता सही नहीं रहा है, ऐसे में यही वजह है कि पंजाब की पॉलिटिक्स में कम एक्टिव हैं.  हालांकि, कोरोना संकट के दौरान भी वो लगातार सोशल मीडिया पर अपने वीडियो डाल मुद्दों पर बात रखते रहे. 

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पंजाब में किसान बिल का मुद्दा बेहद गरमाया हुआ:
बता दें कि पंजाब में किसान बिल का मुद्दा बेहद गरमाया हुआ है. इससे पहले शिरोमणी अकाली दल की नेता हरसिमरत कौर बादल ने मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने कहा कि सरकार किसानों को विश्वास में लेने में कामयाब नहीं हुई. हालांकि, केंद्र सरकार की ओर से लगातार इस बिल को लेकर विपक्ष पर झूठ फैलाने का आरोप लगाया जा रहा है. और किसानों को विपक्ष की बातों में ना आने की सलाह दी जा रही है. 


 

CoronaVirus in India: देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 56 लाख के पार, अब तक 90 हजार से अधिक मौत

CoronaVirus in India: देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 56 लाख के पार, अब तक 90 हजार से अधिक मौत

नई दिल्ली: देश में लगातार कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. स्वास्थ्य मंत्रालय के ताजा आंकड़ों के अनुसार, देश में पिछले 24 घंटों में 83,347 नए कोरोना मामले दर्ज किए गए हैं और 1085 लोगों की जान भी चली गई है. ऐसे में अब देश में कोरोना संक्रमितों की कुल संख्या 56,46,011 हो गई है.  इसमें से 9,68,377 सक्रिय मामले हैं और वर्तमान में इनका इलाज जारी है. आंकड़ों के मुताबिक, देश में 45,87,614 मरीज कोरोना से उबर चुके हैं और इलाज के बाद अस्पताल से घर लौटे हैं. वहीं, अब तक 90,020 लोगों की कोरोना के चलते मौत हुई है.

कुल 6 करोड़ 62 लाख सैंपल टेस्ट किए जा चुके:
ICMR के मुताबिक, 22 सितंबर तक कोरोना वायरस के कुल 6 करोड़ 62 लाख सैंपल टेस्ट किए जा चुके हैं, जिनमें से 9 लाख 53 हजार सैंपल की टेस्टिंग कल की गई.

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मृत्यु दर में गिरावट:
राहत की बात है कि मृत्यु दर और एक्टिव केस रेट में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है. मृत्यु दर गिरकर 1.58% हो गई. इसके अलावा एक्टिव केस जिनका इलाज चल है उनकी दर भी घटकर 17% हो गई है. इसके साथ ही रिकवरी रेट यानी ठीक होने की दर 81% हो गई है. भारत में रिकवरी रेट लगातार बढ़ रहा है.

देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में: 
देश में सबसे ज्यादा एक्टिव केस महाराष्ट्र में हैं. इसके बाद आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक और उत्तर प्रदेश हैं. इन पांच राज्यों में सबसे ज्यादा एक्टिव केस हैं. एक्टिव केस मामले में दुनिया में भारत का दूसरा स्थान है. मौत के मामले में अमेरिका और ब्राजील के बाद भारत का नंबर है.


 

सदन की कार्यवाही से विपक्ष के बहिष्कार के बीच कृषि से जुड़ा तीसरा बिल भी राज्यसभा से पास

सदन की कार्यवाही से विपक्ष के बहिष्कार के बीच कृषि से जुड़ा तीसरा बिल भी राज्यसभा से पास

नई दिल्ली: विपक्ष के बहिष्कार के बीच कृषि से जुड़ा तीसरा बिल आवश्यक वस्तु विधेयक, 2020 भी राज्यसभा से पास हो गया है. कृषि से जुड़े दो बिल पहले ही राज्यसभा से पास हो चुके हैं. लोकसभा ने 15 सितंबर को आवश्यक वस्तु (संशोधन) विधेयक 2020 को मंजूरी दे दी थी.

इस बिल में खाद्य पदार्थों को नियंत्रण मुक्त करने का प्रावधान:
इस बिल में खाद्य पदार्थों जैसे अनाज, दालें और प्याज को नियंत्रण मुक्त करने का प्रावधान है. बिल पास होने के बाद अब अनाज, दलहन, खाद्य तेल, आलू-प्याज आवश्यक वस्तु नहीं होंगे. उत्पादन, स्टोरेज, डिस्ट्रीब्यूशन पर सरकारी नियंत्रण खत्म होगा. फूड सप्लाई चेन के आधुनिकीकरण में मदद मिलेगी. उपभोक्ताओं के लिए भी कीमतों में स्थिरता बनी रहेगी. सब्जियों की कीमतें दोगुनी होने पर स्टॉक लिमिट लागू होगी.

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सरकार बता रही कृषि क्षेत्र की दिशा में महत्वपूर्ण कदम: 
इससे पहले 20 सितंबर को कृषि से जुड़े दो महत्वपूर्ण विधेयकों को राज्यसभा ने विपक्षी सदस्यों के भारी हंगामे के बीच ध्वनिमत से अपनी मंजूरी दे दी थी. सरकार द्वारा इन दोनों विधेयकों को देश में कृषि क्षेत्र से जुड़े अबतक के सबसे बड़े सुधार की दिशा में उठाया गया महत्वपूर्ण कदम बताया जा रहा है.

राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला:  
वहीं इससे पहले मौजूदा मानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किए जाने के बाद सभी आठ निलंबित सांसदों ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया है. विपक्षी दलों के राज्यसभा सांसदों ने राज्यसभा का वॉकआउट किया है. इसमें कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), डीएमके, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), आम आदमी पार्टी (आप), वामदल, आरजेडी, टीआरएस और बीएसपी ने भी कार्यवाही का बहिष्कार किया है.

राज्यसभा के सभी आठ निलंबित सांसदों का धरना खत्म, विपक्ष ने किया पूरे मानसून सत्र के बहिष्कार का फैसला

राज्यसभा के सभी आठ निलंबित सांसदों का धरना खत्म, विपक्ष ने किया पूरे मानसून सत्र के बहिष्कार का फैसला

नई दिल्ली: मौजूदा मानसून सत्र में कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा राज्यसभा की कार्यवाही का बहिष्कार करने का फैसला किए जाने के बाद सभी आठ निलंबित सांसदों ने अपना धरना प्रदर्शन खत्म कर दिया है. विपक्षी दलों के राज्यसभा सांसदों ने राज्यसभा का वॉकआउट किया है. इसमें कांग्रेस के अलावा समाजवादी पार्टी (सपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी), डीएमके, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), आम आदमी पार्टी (आप), वामदल, आरजेडी, टीआरएस और बीएसपी ने भी कार्यवाही का बहिष्कार किया है.

कार्यवाही का बहिष्कार करने के बाद खत्म किया धरना: 
कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य और निलंबित सांसदों में शामिल राजीव सातव ने कहा कि विपक्ष इस सत्र में उच्च सदन की कार्यवाही का बहिष्कार करेगा. ऐसे में हमने धरना खत्म कर दिया है. अब हम सड़क पर आंदोलन करेंगे. इससे पहले, राज्यसभा में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि जब तक उच्च सदन के आठ सदस्यों का, मानसून सत्र की शेष अवधि से निलंबन वापस नहीं लिया जाता तब तक विपक्ष कार्यवाही का बहिष्कार करेगा.

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सांसदों को निलंबित करने पर सरकार पर साधा था निशाना:
दरअसल, विपक्षी दलों ने रविवार को राज्यसभा में हुए हंगामे के चलते सोमवार को आठ विपक्षी सदस्यों को निलंबित किए जाने को लेकर सरकार पर निशाना साधा था. इस कदम के विरोध में वे संसद भवन परिसर में ‘‘अनिश्चितकालीन’’ धरने पर बैठ गए थे. बता दें कि सभापति वेंकैया नायडू ने तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन और डोला सेन, कांग्रेस के राजीव सातव, रिपुन बोरा, नासिर हुसैन, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, के.के. रागेश और माकपा के ई. करीम को पूरे सत्र के लिए निलंबित कर दिया था. इसके विरोध में सभी सांसद, गांधी प्रतिमा के पास धरने पर थे और पूरी रात संसद परिसर में गुजार दी.


 

धरना दे रहे सांसदों को चाय पिलाने पहुंचे उपसभापति हरिवंश की पीएम मोदी ने की तारीफ, कहा- इससे खूबसूरत संदेश और क्या हो सकता है

धरना दे रहे सांसदों को चाय पिलाने पहुंचे उपसभापति हरिवंश की पीएम मोदी ने की तारीफ, कहा- इससे खूबसूरत संदेश और क्या हो सकता है

नई दिल्ली: राज्यसभा से कृषि बिल पर चर्चा के दौरान हंगामा करने पर निलंबित हो चुके आठ सांसदों से आज सुबह उपसभापति हरिवंश मुलाकात करने पहुंचे. इस दौरान हरिवंश सभी सांसदों के लिए चाय लेकर पहुंचे थे. ऐसे में अब पीएम मोदी ने भी उनके इस व्यवहार की तारीफ की है. 

बिहार सदियों से देश को लोकतंत्र की ताकत का एहसास कराते आया:
प्रधानमंत्री मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा है कि जिन्होंने कुछ दिन पहले उनका अपमान किया, अब हरिवंश जी उनके लिए ही चाय लेकर पहुंचे हैं. पीएम मोदी ने मंगलवार सुबह ट्वीट कर लिखा कि बिहार सदियों से देश को लोकतंत्र की ताकत का एहसास कराते आया है. आज सुबह राज्यसभा के डिप्टी चेयरमैन हरिवंश जी ने जिस तरह का व्यवहार किया है, वह लोकतंत्र के चाहने वालों को गर्व महसूस कराएगा. 

यह हरिवंश जी की उदारता और महानता को दर्शाता है:
उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा कि हर किसी ने देखा कि दो दिन पहले लोकतंत्र के मंदिर में उनको किस प्रकार अपमानित किया गया, उन पर हमला किया गया और फिर वही लोग उनके खिलाफ धरने पर भी बैठ गए. लेकिन आपको आनंद होगा कि आज हरिवंश जी ने उन्हीं लोगों को सवेरे-सवेरे अपने घर से चाय ले जाकर पिलाई. यह हरिवंश जी की उदारता और महानता को दर्शाता है. लोकतंत्र के लिए इससे खूबसूरत संदेश और क्या हो सकता है. मैं उन्हें इसके लिए बहुत-बहुत बधाई देता हूं.  

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कांग्रेस ने किया सदन के मानसून सत्र का 'बायकॉट': 
वहीं कांग्रेस ने सदन के मानसू सत्र का 'बायकॉट' कर दिया है. कांग्रेस ने MSP की मांग नहीं मानने पर संसद की कार्यवाही का बहिष्कार किया है. कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि सांसदों का निलंबन वापस हो, स्वामीनाथन आयोग की सिफारिश पर MSP की गारंटी मिले. ऐसे में मांगें माने जाने तक हम सदन से बायकॉट करेंगे.

कृषि बिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने राज्यसभा में हंगामा किया था:  
बता दें कि कृषि बिल पर चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने राज्यसभा में हंगामा किया था. इस दौरान कई सांसदों ने उपसभापति की टेबल पर कागज फाड़े थे, माइक तोड़ दिया था. साथ ही उपसभापति पर पक्षपात करने का आरोप लगाया था, जिसके बाद एक अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था. इसी पर एक्शन लेते हुए राज्यसभा चेयरमैन वेंकैया नायडू ने विपक्ष के आठ सांसदों को निलंबित कर दिया था. जिसके बाद सभी सांसद सोमवार शाम से ही संसद परिसर में धरने पर बैठे हैं. सभी सांसद पूरी रात संसद परिसर के बाहर ही बैठे रहे.

सरकार ने संसद में दी जानकारी- तबलीगी जमात के कार्यक्रम की वजह से कई व्यक्तियों में फैला कोरोना

सरकार ने संसद में दी जानकारी- तबलीगी जमात के कार्यक्रम की वजह से कई व्यक्तियों में फैला कोरोना

नई दिल्ली: कोरोनावायरस महामारी जब देश में फैलना शुरू हुई तो इसके पीछे बड़ा कारण तबलीगी जमात को बताया गया. आज देश की संसद में भी इसी मामले को लेकर सवाल किया गया तो गृह मंत्रालय ने अपना जवाब दिया. गृह मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना फैलने के बाद विभिन्न अधिकारियों द्वारा जारी किए गए आदेश के बावजूद मार्च में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में भारी भीड़ लंबी अवधि तक एक परिसर में एकत्र रही, जिससे कई व्यक्तियों में संक्रमण फैल गया. 

क्या कोरोना वायरस फैलने के पीछे मुख्य कारण तबलीगी जमात है? 
तबलीगी जमात के मसले पर राज्यसभा में सांसद अनिल देसाई ने सवाल करते हुए पूछा कि क्या ये तथ्य है कि दिल्ली और अन्य राज्यों में कोरोना वायरस फैलने के पीछे मुख्य कारण तबलीगी जमात है? दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके में तब कितने लोग इकट्ठे हुए थे? अभी तक तबलीगी जमात के कितने लोग गिरफ्तार हुए और मौलाना साद का क्या स्टेटस है? अगर मौलाना साद गिरफ्तार हुआ है तो अबतक क्या एक्शन हुआ है?

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भीड़ लंबी अवधि के लिए बंद परिसर में इकट्ठा हुई:
सांसद के इन सवालों पर गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने लिखित में जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जैसा कि दिल्ली पुलिस ने बताया कि कोरोना महामारी के मद्देनजर विभिन्न प्राधिकरणों द्वारा निर्देश जारी करने के बावजूद बिना मास्क, सैनिटाइजर और सामाजिक दूरी का पालन किए भीड़ लंबी अवधि के लिए बंद परिसर में इकट्ठा हुई. इसके कारण कई व्यक्तियों में कोरोना का संक्रमण फैल गया.

पुलिस ने निजामुद्दीन इलाके से 233 लोगों को गिरफ्तार किया:
जवाब में कहा गया है कि 29 मार्च तक दिल्ली पुलिस ने निजामुद्दीन इलाके से कुल 2361 लोगों को निकाला था. इनमें से 233 लोगों को गिरफ्तार किया गया था.  हालांकि, मौलाना साद को लेकर अभी भी जांच चल रही है. इसके साथ ही दिल्ली पुलिस ने 36 देशों के 956 विदेशी नागरिकों के खिलाफ अब तक 59 आरोपपत्र दायर किए हैं. केंद्र सरकार ने जमात में हिस्सा लेने आए विदेशी नागरिकों का वीजा रद्द कर दिया है और उन्हें ब्लैकलिस्ट कर दिया है.