VIDEO: बसों के अवैध संचालन पर परिवहन विभाग सख्त, जयपुर RTO के उड़नदस्तों ने अवैध बसों पर की कार्रवाई

VIDEO: बसों के अवैध संचालन पर परिवहन विभाग सख्त, जयपुर RTO के उड़नदस्तों ने अवैध बसों पर की कार्रवाई

जयपुर: परिवहन विभाग ने शादियों के सीजन में अवैध रूप से चल रही बसों पर कार्रवाई की है. जयपुर आरटीओ ने 24 से 30 नवंबर तक बसों की जांच का अभियान चलाया. इसमें अवैध रूप से मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन कर चल रही बसों पर कार्रवाई की गई. जांच अभियान में कई तरह के रोचक मामले सामने आए और इन बसों से विभाग को करीब 33 लाख रुपए राजस्व मिलने की उम्मीद है.

परिवहन विभाग को मिल रही थीं शिकायतें:
लॉकडाउन के दौरान बसों का संचालन बंद रहने की वजह से बड़ी संख्या में ऐसी बसें हो गई थीं, जिन्होंने परिवहन विभाग को टैक्स ही चुकाना बंद कर दिया था. और ऐसी बसें लॉकडाउन के बाद अभी तक सड़कों पर दौड़ रही थीं. इसके अलावा परिवहन विभाग को ऐसी शिकायतें भी मिल रही थीं कि कुछ बसें रोडवेज के रंग का या लोक परिवहन सेवा का अवैध लोगो लगाकर सड़कों पर चल रही हैं. रोडवेज बसें समझकर यात्री इन बसों में सफर भी कर रहे हैं. जबकि कोरोना काल में इन बसों में सैनिटाइजेशन सहित कोविड प्रोटोकॉल की पालना नहीं की जा रही. इन अवैध रूप से संचालित बसों की जांच को लेकर परिवहन विभाग ने एक अभियान शुरू किया. जयपुर आरटीओ राजेन्द्र कुमार वर्मा के निर्देशन में चलाए गए अभियान में बसों की जांच में बड़ी अनियमितताएं पाई गई हैं. 5 से 6 महीने बिना टैक्स चुकाए चल रही बसों के मामले भी सामने आए.

अभियान में कुल 278 अवैध बसों पर कार्रवाई:
जयपुर आरटीओ के इस अभियान में कुल 278 अवैध बसों पर कार्रवाई की गई है. सबसे ज्यादा मामले बिना टैक्स चुकाए बसें चलाने के सामने आए हैं. इसके अलावा बसों में क्षमता से अधिक सवारियों को बिठाकर यात्रा करने के केस भी बनाए गए हैं. जबकि कोरोना काल में क्षमता से अधिक सवारियां किसी भी स्थिति में नहीं बिठा सकते. ऐसी बसों में कोरोना का संक्रमण होने का खतरा भी अधिक रहता है. 7 दिन के इस अभियान से जयपुर आरटीओ को 33 लाख रुपए के राजस्व की उम्मीद है.

RTO ने जांच की तो मिली अवैध बसें:
- 147 बसें ऐसी मिलीं, जिनका टैक्स जमा नहीं हुआ था
- बसों की छत पर सामान ले जाना अवैध है, लेकिन ऐसी 28 बसों पर कार्रवाई हुई
- 37 बसें ऐसी थी, जिनमें कोरोना काल में भी यात्री ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे
- 59 बसें बिना परमिट लिए चल रही थी, कुछ ने परमिट शर्तों का उल्लंघन किया
- लाइसेंस और पंजीयन में गड़बड़ी, प्रदूषण आदि कई अन्य मामलों में 83 बसों के चालान
- कुल 278 बसों के चालान किए गए, इनसे 33 लाख रुपए राजस्व मिलने की उम्मीद
- अभी तक विभाग को 7 लाख 34 हजार का जुर्माना प्राप्त हो चुका है
- लोक परिवहन बसों के संचालन में गड़बड़ियों पर भी की गई कार्रवाई

सबसे ज्यादा 169 बसों के चालान जयपुर RTO की प्रवर्तन शाखा ने किए:
हालांकि इस अभियान के दौरान चौमूं जिला परिवहन कार्यालय की परफॉर्मेंस कमजोर साबित हुई है. सबसे अधिक 169 बसों के चालान जयपुर आरटीओ की प्रवर्तन शाखा ने किए हैं.  इस कार्रवाई से जयपुर शहर में परिवहन विभाग को 4 लाख 21 हजार रुपए का राजस्व प्राप्त हो चुका है. जबकि सबसे कम 19 बसों के चालान चौमूं जिला परिवहन कार्यालय क्षेत्र में किए गए हैं. दूदू जिला परिवहन कार्यालय क्षेत्र में भी महज 21 बसों के चालान किए गए हैं. जयपुर प्रवर्तन के अलावा दूसरे सबसे ज्यादा चालान कोटपूतली जिला परिवहन कार्यालय ने किए हैं. यहां कुल 37 अवैध बसों पर कार्रवाई की गई है. जयपुर आरटीओ राजेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि इस अभियान के काफी अच्छे परिणाम मिले हैं. अवैध यात्री वाहनों पर लगातार नजर रखी जाएगी और आगामी दिनों में जरूरत पड़ने पर इन अवैध संचालित बसों पर कार्रवाई की जाएगी.

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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