परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने किया फोर्टिस अस्पताल का दौरा, कहा-पैसों के आभाव में न रोके किसी भी मरीज का इलाज

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने किया फोर्टिस अस्पताल का दौरा, कहा-पैसों के आभाव में न रोके किसी भी मरीज का इलाज

जयपुरः परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास ने रविवार को फोर्टिस अस्पताल का दौरा कर वहां भर्ती मरीजों के परिवारजनों से मुलाकात की और फोर्टिस अस्पताल का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने करोना इलाज में कितनी दरें वसूल की जा रही हैं इन सब की जानकारी लेते हुए फोर्टिस अस्पताल के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि कोई भी मरीज इलाज के अभाव में वापस नहीं जाना चाहिए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि पैसों के लिए किसी भी मरीज का इलाज नहीं रोका जाना चाहिए और यदि ऐसा होता है और पैसों के मोल भाव में किसी मरीज ने दम तोड़ा तो सरकार सख्त कार्रवाई करेगी.

मरीजों से निर्धारित दरों से ज्यादा लेना गैरकानूनीः
जानकारी के अनुसार प्रताप सिंह खाचरियावास ने कहा कि फोर्टिस अस्पताल को सरकार ने नाम मात्र की दर पर जमीन इसलिए दी थी कि फोर्टिस अस्पताल शर्तों के आधार पर 25% मरीजों का इलाज मुफ्त करेगा और पिछली बार कोरोना संकट के समय में गजट नोटिफिकेशन जारी भी कर दिया गया था. प्राइवेट अस्पतालों की दरें कोरोना मरीजों को लेकर निर्धारित कर दी गई थी ऐसे में यदि कोई भी निर्धारित दरों से ज्यादा कोरोना मरीजों के इलाज में वसूली करेगा तो वह पूरी तरह से गैरकानूनी है. ऐसे लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करना हमारी जिम्मेदारी है.

ये समय पैसा कमाने से ज्यादा सेवा करने काः
खाचरियावास ने अस्पतालों की जिम्मेदारी बताते हुए कहा कि अब तक तो बड़े अस्पतालों और छोटे अस्पतालों को भी ऑक्सीजन प्लांट लगा लेने चाहिए थे. यह वक्त है वार स्तर पर काम करने का इसलिए कोई भी अस्पताल इलाज के अभाव में मरीज को बाहर नहीं निकाले, यदि बेड फुल है उसको फर्स्ट ऐड देकर ऑक्सीजन उपलब्ध करवाकर दूसरे अस्पताल के लिए रेफर करें. राजस्थान में किसी भी मरीज को तड़पने के लिए सड़क पर छोड़ना मानवता के हिसाब से ठीक नहीं है,  इसलिए सबको जिम्मेदारी के साथ सेवा भावना के साथ मरीजों का इलाज करना होगा. प्राइवेट अस्पतालों को भी यह तय कर लेना चाहिए यह समय पैसा कमाने से ज्यादा सेवा करने का है और इस वक्त जो सेवा करेगा भगवान उसके आगे बढ़ने के रास्ते अपने अपने आप बढ़ाएगा.
फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेन्द्र परमार की रिपोर्ट

और पढ़ें