Oxygen crisis: प्राणदाता पेड़ों के अस्तित्व पर गहराया संकट, केमिकल डालकर सुखाते है पेड़, फिर करते है कटाई, 3 गिरफ्तार

Oxygen crisis:  प्राणदाता पेड़ों के अस्तित्व पर गहराया संकट, केमिकल डालकर सुखाते है पेड़, फिर करते है कटाई, 3 गिरफ्तार

बयाना (भरतपुर): एक ओर तो कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन की कमी पड रही है, वहीं दूसरी और लोग पेडों की कटाई कर रहे हैं. मामला भरतपुर के पहाड़ी-बाड़ी स्टेट मेगा हाईवे का हैं, जहां पर शीशम के पेड़ों को काटते 3 लोग ग्रामीणों के हत्थे चढ गए. स्टेट हाईवे पर गर्वमेंट काॅलेज बयाना से कनावर की तरफ पकड़े गए इन लोगों की पहले तो ग्रामीणों ने जमकर धुनाई की. उसके बाद कोतवाली पुलिस को सौंप दिया.

पुलिस जांच के दौरान आश्चर्यजनक बात सामने आई है कि जो लोग ग्रामीणों ने पेड़ काटते हुए पकड़े थे उनके पास से पेड़ काटने के उपकरण कैसे गायब हो गये ? आपको उससे भी ज्यादा अचरज इस बात पर होगा कि पेेड़ काटते रंगे हाथों धरे गए इन लोगों को कोतवाली पुलिस ने शान्तिभंग की धाराओं में गिरफ्तार किया. आरोपियों को एसडीएम बयाना के समक्ष पेश करते समय एसडीएम द्वारा पुलिस को जमकर लताड़ लगाई और आरोपियों को जेल भेज दिया.

लताड़ खाने के बाद कोतवाली पुलिस में इन आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 379 और 511 में मुकदमा दर्ज किया गया हैै. आरोपियों से पूछताछ के दौरान एक बड़ा खुलासा हआ कि यह लोग संगठित गिरोह बनाकर सड़क किनारे खड़े बेशकीमती इमारती लकड़ी के पेड़ों को चिन्हित कर उनके तने से छाल को उधेड़ देते हैं और तने में ड्रिल मशीन से छेद कर उनमें पेड़ों को सुखाने वाला कैमिकल कारबाइड डाल देते हैं. जिसके बाद पेड़ धीमे-धीमे सूखने लगता है. पेड़ के सूख जाने के बाद माफिया इन्तजार करता है रात के अंधेरे का और कुछ ही दिनों के बाद पेड़ों को अलग अलग साइजों में काटकर फर्नीचर कारोबारियों के गोदामों में पहुंचा दिया जाता है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए मुकुट भारद्वाज की रिपोर्ट 

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