हनुमान बेनीवाल के गढ़ खींवसर में भी त्रिकोणीय मुकाबला

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/03 08:32

नागौर। नागौर जिले की लाईमस्टोन खानों और सौर ऊर्जा उत्पादन वाला क्षेत्र खींवसर विधानसभा सीट प्रदेश हॉट सीट बन चुकी है । यहां से बीजेपी ने रामचन्द्र उत्ता और कांग्रेस के उम्मीदवार सवाई सिह चौधरी के साथ राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक हनुमान बेनीवाल उम्मीदवार चुनावी रण में है, ऐसे में यहां मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है । 

खास बात ये है कि ,कांग्रेस सवाई सिंह चौधरी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशी हनुमान बेनीवाल दोनो जाट समाज से ताल्लुक रखते है, तो बीजेपी ने मूल ओबीसी के रामचन्द्र पर दांव अपना दाव खेला है, खींवसर विधानसभा सीट पर मुकाबला बड़ा ही दिलचस्प मोड़ पर पहुंच चुका है, यूं तो कांग्रेस ने यहां जाट बाहुल्य क्षेत्र होने की वजह से जातिगत समीकरण साधते हुए छात्र राजनीति की सीढ़ियां चढ़कर आए दूसरी बार विधायक बने हनुमान बेनिवाल के सामने कांग्रेस ने जाट समाज के DIG रहे सवाई सिह चौधरी को टिकट दिया है। लेकिन सीट पर जो समीकरण अब बन गए हैं उससे लग रहा है कि क्षेत्र में जाट मतों के दो हिस्से में बटने से अब कांग्रेस और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रत्याशियों का जातीय समीकरण गड़बड़ा गया है ।

मूल ओबीसी के वोटो में दबदबा रखने वाले विधायक हनुमान बेनिवाल के सामने बीजेपी ने जांगिड समाज के रामचन्द्र उत्ता को मैदान में उतराकर जातीय समीकरण को गड़बड़ा दिया है । निर्दलीय विधायक हनुमान बेनिवाल का गढ खींवसर में कांग्रेस और बीजेपी के परंपरागत वोट नहीं सरके इसके लिए दोनों दलों के प्रत्याशियों ने अब राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के अध्यक्ष हनुमान बेनिवाल की क्षेत्र में गैर मौजूदगी में उनके भाई नारायण बेनिवाल ने मोर्चा सभालकर गांव गांव ढाणी ढाणी अपने भाई को जीत दिलवाने के लिए मैदान ताल ठोककर कांग्रेस व बीजेपी मुसिबतें जरूर बढा दी है । 

कांग्रेस के उम्मीदवार सवाई सिंह चौधरी पर हमले के बाद उन्हे गांवों में समर्थन का ग्राफ जरुर बढा है तो बीजेपी के रामचन्द्र भी राजें सरकार व मोदी सरकार के नाम पर वोट मांग रहे है । तीनो प्रत्याशीयों नें पूरी ताकत झोंक रखी है, उधर ग्रामीण क्षेत्रों की बात करें तो यहां भी वही फैक्टर शहर से निकल कर गांव तक पहुंच गया है । जाट वोटों के बटने से अन्य जातियां लामबंद हो रही हैं । यानी हनुमान बेनिवाल का एक छ्त्र जाट वोटो पर कब्जा रहने पर अब बीजेपी ने मूल ओबीसी वोटो को साधने की कोशिश में लगे है, और कांग्रेस के लिए परंपरागत वोट बैंक के साथ जाट वोटो के सहारे अब सवाई सिह चौधरी अपने समर्थन में मत डलवाना चुनौती बन गया है रालोपा के मुखिया हनुमान बेनीवाल की गैर मौजूदगी मे इन दिनों खींवसर उनके भाई नारायण बेनिवाल चुनावी सभा करके हनुमान बेनीवाल के लिए समर्थन मांग रहे है । 

नौजवानों में जोश भरने का काम कर रहे है तो DIG पद पर रहे चुके और पूर्व विधायक के पुत्र सवाई सिह चौधरी बुजुर्ग और ऊर्जावान नौजवानों की फौज के साथ विकास के मुद्दे और क्षेत्र में शांति और सौहार्द के नाम पर वोट मांग रहे है लेकिन बीजेपी उम्मीदवार रामचन्द्र की सभा में भीड़ ज्यादा देखने को नही मिल रही है, लेकिन मूल ओबीसी का वोटर इस बार खामोश जरूर दिखाई दे रहा है ऐसे मे समीकरण का उलटपेर होना निश्चित है, वही आरएलपी के नेता नारायण बेनीवाल से जब बात की गई तो उन्होने  आरएलपी का जल्दी घोषणा पत्र जारी होगा जिसमें किसानों को मुफ्त बिजली के साथ बेरोजगार को रोजगार व भत्ता व किसानों की अलग-अलग तरह की योजनाएं आने वाले वक्त होगी, दुसरी ओर काग्रेस के प्रत्याशी सवाई सिह चौधरी का कहना है कि पिछले दस सालो से खींवसर का विकास रुका हुआ था सड़के पानी किसानों की बिजली की समस्या आज भी वैसी है और बीजेपी के प्रत्याशी रामचन्द्र उत्ता का कहना है कि इस बार दुसरी विधानसभा क्षेत्रो में अधिक कार्य हूए लेकिन यहां निर्दलीय प्रत्याशी की वजह से क्षेत्र का विकास नही हो पाया है, यहां कृषि और खनन क्षैत्र में विकास करने की जरूरत है।
नरपत ज़ोया
संवाददाता
फ़र्स्ट इंडिया न्यूज
नागौर

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