भोपालगढ़ विधानसभा में त्रिकोणीय मुकाबले के आसार

FirstIndia Correspondent Published Date 2018/12/04 09:44

भोपालगढ़(जोधपुर)। किसी जमाने में कांग्रेस के अभेद्य गढ़ माने जाने वाले भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र में इस बार खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के मजबूती से पांव जमाने के चलते न केवल भाजपा व कांग्रेस की चिंता बढ़ गई है। बल्कि इस क्षेत्र में इस बार त्रिकोणीय मुकाबला होने के मजबूत आसार बन गए हैं। यहां तक की लोगों की जुबान पर यह सीट रालोपा के खाते में जाने की चर्चाएं भी पुरजोर होने लगी है।

दिग्गज कांग्रेसी नेता एवं राजस्थान विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय परसराम मदेरणा के राजनीतिक कर्मभूमि के रूप में प्रदेश ही नहीं बल्कि देशभर में अपनी अलग पहचान रखने वाले भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र से 6 बार स्वर्गीय मदेरणा ने इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। जबकि एक बार जनता दल के नारायणराम बेड़ा ने मदेरणा को हराकर कांग्रेस की जीत का क्रम तोड़ा था। वहीं मदेरणा के एक बार गुड़ामालानी से चुनाव लड़ने पर रामनारायण डूडी ने यहां से कांग्रेस के विजय का सिलसिला जारी रखा और 2003 के चुनाव में महिपाल मदेरणा यहां के आखिरी सामान्य वर्ग के विधायक बने।  वर्ष 2008 में भोपालगढ़ क्षेत्र परिसीमन की जद में आ गया और इसे अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित कर दिया गया। क्षेत्र बदला तो लोगों का मिजाज भी बदल गया और तब से लेकर लगातार दो चुनाव में भाजपा की कमसा मेघवाल यहां की विधायक के रुप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रही है।

इस बार है रोचक मुकाबला
2018 के विधानसभा चुनाव में भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र एक बार फिर से हॉट सीट के रूप में उभर कर सामने आया है और इसकी वजह खींवसर विधायक हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की मजबूत मौजूदगी को माना जा रहा है। इस बार के चुनाव में भाजपा ने लगातार तीसरी बार कमसा मेघवाल को चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं कांग्रेस ने लगातार तीसरी बार प्रत्याशी बदलते हुए सूरसागर के पूर्व विधायक भंवर बलाई को प्रत्याशी बनाकर चुनाव मैदान में भेजा है। लेकिन हनुमान बेनीवाल के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी की ओर से चुनाव मैदान में उतरे डिस्कॉम के सेवानिवृत्त अधीक्षण अभियंता पुखराज गर्ग ने जिस मजबूती से चुनावी रंग जमाया है, उसको देखते हुए भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र में इस बार मुकाबला न केवल रोचक, बल्कि त्रिकोणीय बनकर रह गया है। 

सामान्य मतदाता चुप
भोपालगढ़ विधानसभा क्षेत्र वैसे तो अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हो गया है, लेकिन बावजूद इसके क्षेत्र जाट बाहुल्य क्षेत्रों में गिना जाता है और यहां कुल 276710 मतदाताओं में से करीब 95 हजार से अधिक मतदाता जाट जाति के बताए जा रहे हैं। ऐसे में इस बार जाट समाज की भूमिका क्या रहेगी यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा। लेकिन फिलहाल जाट समाज का युवा वर्ग हनुमान बेनीवाल की रालोपा के प्रत्याशी पुखराज गर्ग के साथ खड़ा नजर आ रहा है। ऐसे में रालोपा प्रत्याशी गर्ग को एक मजबूत वोट बैंक मिल गया है। वहीं बुजुर्ग मतदाता कांग्रेस व भाजपा पार्टियों में अभी भी जमे हुए दिखाई दे रहे हैं ।जिसकी वजह से इस क्षेत्र में त्रिकोणीय मुकाबला होना तय माना जा रहा है। हालांकि अन्य जातियों के मतदाता अभी भी मौन नजर आ रहे हैं। ऐसे में परिणाम क्या होंगे, यह तो आने वाला समय बताएगा। लेकिन यह बात तय है कि इस बार परिणाम रोचक जरूर सामने आएंगे।
भोपालगढ़ से संवादाता मनोहर सैनी

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