आगामी बजट सत्र के दौरान तीन कृषि कानूनों को वापस ले सरकार: तृणमूल कांग्रेस

आगामी बजट सत्र के दौरान तीन कृषि कानूनों को वापस ले सरकार: तृणमूल कांग्रेस

आगामी बजट सत्र के दौरान तीन कृषि कानूनों को वापस ले सरकार: तृणमूल कांग्रेस

नई दिल्लीः तृणमूल कांग्रेस ने सोमवार को सरकार से संसद के आगामी बजट सत्र के दौरान तीन विवादास्पद कृषि कानूनों को रद्द करने का अनुरोध किया और कहा कि इन कानूनों में संशोधन या बीच का कोई रास्ता अपनाने का सवाल ही नहीं उठता.

थोपे गए तीन कृषि कानूनः
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने आरोप लगाया कि मानसून सत्र के दौरान ये तीन कानून 'थोपे' गए और याद दिलाया कि वह उन आठ सांसदों में शामिल थे जिन्हें तीन कृषि विधेयकों का विरोध करने पर निलंबित किया गया था. उन्होंने कहा कि आप सभी तीन कृषि कानूनों को लेकर तृणमूल कांग्रेस के रुख और भूमि एवं किसानों के मुद्दों पर ममता बनर्जी की प्रतिबद्धता से वाकिफ हैं. ससंद के आगामी सत्र में, सरकार को तीन कृषि कानूनों को रद्द करने के लिए एक विधेयक पेश करना चाहिए. यहां बीच के किसी रास्ते अथवा संशोधन का सवाल ही नहीं उठता.

पश्चिम बंगाल में प्रधानमंत्री किसान योजना लागू करने में डाली बाधाः
तृणमूल सांसद ने आरोप लगाया कि देश ने देखा कि किस तरह मानसून सत्र में लोकतंत्र की हत्या की गई. उन्होंने भाजपा द्वारा पश्चिम बंगाल सरकार पर राज्य में प्रधानमंत्री किसान योजना लागू करने में बाधा डालने के आरोप पर भी पलटवार किया. ब्रायन ने कहा कि पश्चिम बंगाल ने पहली ही कृषक बंधु योजना सफलतापूर्वक लागू की है जोकि प्रधानमंत्री किसान योजना से कहीं बेहतर है.

भाजपा के लिए 2024 चुनाव होगा बड़ाः
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ महीने में तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के भाजपा में शामिल होने के बीच उन्होंने कहा कि असली परीक्षण 2024 में होगा. ब्रायन ने कहा कि बड़ा चुनाव 2021 में नहीं है बल्कि 2024 में होगा. वर्ष 2021 में तो भाजपा पहले ही पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और केरल में हार चुकी है. वर्ष 2024 के चुनाव तक विपक्ष को एक बार फिर भारत के संविधान और इसके विचार के लिए लड़ना होगा, जिसे हमारे संस्थापकों ने 70 से अधिक वर्षों में गढ़ा है.
सोर्स भाषा

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