तीन तलाक बिल राज्यसभा में पेश, रविशंकर बोले- पीड़ित बेटियों को फुटपाथ पर नहीं छोड़ा जा सकता

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/07/30 12:46

नई दिल्ली:  लोकसभा में आसानी से पास हो चुका तीन तलाक बिल आज राज्यसभा में पेश किया गया. तीन तलाक बिल पर लगभग चार घंटे तक चर्चा होने की उम्मीद है. इस दौरान केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 20 से अधिक देशों में तीन तलाक बैन है इसलिए इन कानून को राजनीति के चश्मे से न देखें. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे असंवैधानिक करार दिया है.  

लोगों की शिकायतों के बाद बिल में बदलाव किए: 
कानून मंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले का बाद भी कार्रवाई नहीं हो पा रही थी और छोटी-छोटी बातों पर तीन तलाक दिया जा रहा था. हम इसी वजह के चलते फिर से कानून लेकर आए हैं. उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतों के बाद बिल में कुछ बदलाव भी किए गए हैं. अब इसमें बेल और समझौते का प्रावधान भी रखा गया है. साथ ही कहा कि इस सवाल को वोट बैंक के तराजू पर न तौला जाए, यह सवाल नारी न्याय, नारी गरिमा और नारी उत्थान का सवाल है. 

तीन तलाक की पीड़ित बेटियों को फुटपाथ पर नहीं छोड़ा जा सकता: 
रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि एक तरफ बेटियां फाइटर प्लेन चला रही हैं और दूसरी तरफ तीन तलाक की पीड़ित बेटियों को फुटपाथ पर नहीं छोड़ा जा सकता. उन्होंने इस दौरान सदन में बिल को पास कराने की अपील की. इस दौरान राज्यसभा में तीन तलाक बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के कई प्रस्ताव विपक्षी सांसदों की ओर से दिए गए हैं. विपक्षी सांसदों ने बिल पर संशोधन का प्रस्ताव भी सदन में पेश किए हैं. 

यह बिल सिर्फ एक महिला नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार से जुड़ा: 
कांग्रेस सांसद अमी याज्ञिक ने बिल पर बोलते हुए कहा कि यह बिल सिर्फ एक महिला नहीं बल्कि उसके पूरे परिवार से जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बैग ग्राउंड में हम भूल जाते हैं कि कोर्ट के फैसले के बाद यह प्रैक्टिस नहीं रहनी चाहिए. याज्ञिक ने कहा कि महिला सशक्तिकरण को सरकार ने एक कोर्ट में ढकेल दिया है और वह भी अपराध बनाकर. इससे आप महिला के साथ न्याय नहीं करने जा रहे हैं.

सरकार देश की सभी महिलाओं के लिए चिंतित क्यों नहीं? 
कांग्रेस सांसद अमी याज्ञिक ने कहा कि सरकार देश की सभी महिलाओं के लिए चिंतित क्यों नहीं है. उन्होंने कहा गुजरात की एक मां मेरे पास आई और कहा कि मेरी MBA लड़की को पति ने निकाल दिया है, क्योंकि रोटी काली हो गई थी. यह बातें सिर्फ एत तबके की महिलाओं को नहीं झेलनी पड़ रही हैं, सभी वर्ग और धर्मों की महिलाओं में ऐसी शिकायतें हैं. उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण और बिल के खिलाफ कतई नहीं है लेकिन बाकी महिलाओं के बारे में सरकार क्यों नहीं सोच रही है. हर महिला को जीवन में ऐसा कुछ न कुछ झेलना पड़ता है और वैसे भी सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को खत्म कर दिया है. कोर्ट ने जिस गैर कानूनी ठहरा दिया आप उस पर कैसे एक कानून ला सकते हैं. 

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