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कोरोना काल के सच्चे पब्लिक सर्वेंट, चार युवा IAS अधिकारियों ने जरूरतमंदों की मदद कर छोड़ी छाप

कोरोना काल के सच्चे पब्लिक सर्वेंट, चार युवा IAS अधिकारियों ने जरूरतमंदों की मदद कर छोड़ी छाप

बीकानेर: जिले में अब तक बहुत हद तक कोराना कन्ट्रोल में रहा. प्रवासियों के लौटने से पहले एक बारगी तो बीकानेर जिला कोरोना फ्री भी हो गया था. निश्चित तौर पर डाक्टर्स और पैरामैडिकल स्टाफ के साथ साथ प्रशासन की भी अहम भूमिका रही. कलक्टर-एसपी के अलावा बीकानेर में चार युवा IAS ऑफिसर्स के काम ने खूब ध्यान खींचा है. खास तौर पर मीडिया की चमक से दमक से दूर रहकर वे साइलेंट परफॉर्मर रहे. 

बीकानेर में युवा चार आइएएस अधिकारियों ने फील्ड में जबरदस्त मेहनत की:
राज्य में लॉकडॉउन के साथ ही पुलिस और प्रशासन के लिए चुनौती शुरू हो गई थी. एक तरफ कोरोना संक्रमण को रोकने की चुनौती तो दूसरी तरफ सूबे के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के निर्देश थे कि कोई जरूरत मंद भूखा नहीं रहे. करीब 50 हजार प्रवासियों के लौटने के बाद चुनौतिया भी बढ़ी है. ऐसे में बीकानेर में युवा चार आइएएस अधिकारियों ने वाकई फील्ड में जबरदस्त मेहनत की.  

पुलिसकर्मी तक इस युवा आइएएस अधिकारियों के मुरीद दिखे:
युवा महिला IAS ऑफिसर रिया केजरीवाल फूड पैकेट्स बटवाने से लेकर मजदूरों को घर भिजवाने को लेकर जो काम किया कि पुलिसकर्मी तक इस युवा महिला IAS के मुरीद दिखे. वहीं माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी जिनको प्रवासी मजदूरों को लाने ले जाने की व्यवस्था का नोडल अधिकारी बनाया था देर रात तक ट्रेन जाने से घण्टो पहले और जाने के बाद भी व्यवस्था में जुटे दिखाई दिए. निगम आयुक्त आइएएस खुशाल यादव भी खासे सक्रिय नजर आए तो ट्रेनी IAS अभिषेक सुराणा भी पीछे नही दिखे. आइए जानते है बीकानेर के इस युवा IAS ब्रिगेड का संक्षिप्त परिचय...

रिया केजरीवाल-


झारखंड मूल की 2017 बैच की ये 28 वर्षीय युवा महिला IAS रिया केजरीवाल के कोरोना काल मे काम की खूब सराहना हुई उन्होंने पार्टी पॉलिटिक्स से ऊपर उठकर गरीब और जरूरतमंद के लिए बेहतरीन काम किया. एक बड़े कांग्रेसी नेता थोड़े नाखुश भी हुए लेकिन मजदूर, आमलोग और यहां तक पुलिसकर्मी भी रिया केजरीवाल की संवेदनशीलता की तारीफ करते नहीं थकते है. कर्फ़्यू से लेकर मजदूरों को घर भेजने की प्रकिया में रिया केजरीवाल ने फील्ड में जमकर पसीना बहाया. नौकरशाही प्रपंचों से दूर बेहद साइलेंट परफ़ॉर्मर के तौर पर रिया ने खास पहचान बनाई. 

सौरभ स्वामी-


2015 बैच के IAS ऑफिसर, माध्यमिक शिक्षा निदेशक के तौर पर कोराना काल में राज्य के सबसे बड़े मैन पॉवर वाले डिपार्टमेंट को हैंडल करने के साथ हर जरूरी आदेश समय पर निकालने में सफल रहे. फिर चाहे परीक्षाओं की बात हो ऑन लाइन एडुकेशन की. जब मजदूरों को लाने ले जाने वाली ट्रेन्स का नोडल अधिकारी बनाया गया तो भी उतने तन्मयता से काम किया. इनकी पत्नी RJS टॉपर रही है. कार्यालय में देर रात तक समय बिताने के लिए जाने जाते हैं. 

खुशाल यादव- 


2017 बैच के IAS ऑफिसर हरियाणा मूल के यादव ने नगर निगम आयुक्त के तौर सफाई कर्मियों की मॉनिटरिंग से लेकर फ़ूड पैकेट्स वितरण में अच्छा योगदान दिया.  हालांकि रिजर्व नेचर के चलते मीडिया में नकारात्मक खबरे भी दिखी. 

अभिषेक सुराणा-


IAS प्रोबेशनर अभिषेक सुराणा भी तेजतर्रार ऑफिसर माने जाते हैं. जिला कलक्टर की आंख कान भी भी. ग्रामीण क्षेत्रो में भी बेहतर काम किया. 

कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि इस महामारी के दौर में इन युवा IAS अधिकारियों ने अपनी परफॉमेंस से ना केवल छाप छोड़ी है अपितु सेवा कर जनता और जरूरतमंदों को दिल भी जीता है. 

...फर्स्ट इंडिया के लिए बीकानेर से संवाददाता लक्ष्मण राघव की रिपोर्ट


 

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