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भैंसों को पानी पिलाने गई दो किशोरियों की तालाब में डूबने से मौत

भैंसों को पानी पिलाने गई दो किशोरियों की तालाब में डूबने से मौत

समदड़ी(बाड़मेर): समदड़ी क्षेत्र में बुरड़ गांव में रविवार शाम भैंसों को पानी पिलाने के लिए गई दो किशोरियों की तलाब में डूबने से मौत हो गई. ग्रामीणों ने निजी वाहनों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र समदड़ी पहुंचाया गया जहां डॉक्टर ने मर्त घोषित कर दिया.

बहन को बचाने के चक्कर में डूबी प्रियंका: 
गुडगांव में शाम को संगीता पुत्री बीजाराम जाति चौधरी उम्र 13 वर्ष व प्रियंका पुत्री खेताराम जाति चौधरी उम्र 11 वर्ष दोनों बहने शाम के समय पशुओं को पानी पिलाने के लिए तालाब पर गई पैर फिसलने के कारण संगीता डूबने लगी उसको बचाने के चक्कर में प्रियंका उसको निकालने गई. अत्यधिक पानी होने के कारण दोनों बहनों की डूबने से मौत हो गई. 

ग्रामीणों शवों को निकाला तालाब से बाहर: 
काफी समय घर पर नहीं आने के कारण जब परिवारजन तलाब पर गए तो दोनों बहनों के शव साथ ऊपर तैरते हुए देखे. चीखने चिल्लाने पर ग्रामीण वहां पर पहुंचे उसके बाद निजी वाहनों से समदड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. सुबह पोस्टमार्टम करके शव परिजनों को सुपर्द किया.

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बाड़मेर में कांगो बुखार से एक किशोर की मौत

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समदड़ी(बाड़मेर): जिले में कांगो फीवर ने दस्तक के साथ ही एक किशोर को अपनी चपेट में ले लिया जिससे उसकी मौत हो गई. समदड़ी क्षेत्र के जेठन्तरी गांव में कांगो बुखार से पीड़ित एक किशोर को उपचार के लिए अहमदाबाद ले जाते वक्त बीच रास्ते में ही मौत हो गई. 

अहमदाबाद ले जाते वक्त रास्ते में ही मौत: 
जानकारी के अनुसार जेठन्तरी गांव निवासी राहुलदास पुत्र रमेशदास 14 वर्ष को दो-तीन दिन से लगातार बुखार आने पर बालोतरा के नाहटा अस्पताल उपचार के ले जाया गया, तबीयत अधिक खराब होने पर शुक्रवार को महात्मा गांधी अस्पताल जोधपुर रेफर किया गया, वहीं जोधपुर में जांच रिपोर्ट में कांगो बुखार होने की तुष्टि कांगो बुखार की पुष्टि होने पर परिवार जनों द्वारा उपचार के लिए मरीज को अहमदाबाद ले जाते वक्त रास्ते में ही मौत हो गई. 

परिजनों रिश्तेदारों के रक्त सैंपल लिये: 
जिला चिकित्सा अधिकारी कमलेश चौधरी के निर्देशानुसार समदड़ी की मेडिकल टीम द्वारा जेठन्तरी गांव पहुंचकर मरीज के घर के परिजनों रिश्तेदारों के रक्त सैंपल लिये गए साथ ही आसपास के घरों में सर्वे कर आवश्यक दवा वितरण की गई. वहीं जेठन्तरी गांव पहुँची मेडिकल टीम व डॉक्टर विशाल दाधीच व टीम ने परिवार व आसपास के पड़ोसियों खून की जांच के लिए सैंपल लिए गए ग्रामीणों से अपील की गई पशुओं से दूर रहे कांगो फीवर बीमारी वायरस से फैलती है इसलिए सावधानी बरतें की बात कही. 

पशुओं से थोड़ी दूरी बनाए रखने की अपील: 
वहीं टीम में शामिल पशु चिकित्सक राजेंद्रसिंह व पशु चिकित्सालय टीम ने गांव के अंदर पशुओं के बाड़े में दवाइयों का छिड़काव किया व ग्रामीणों से अपील करते हुए सावधानी व पशुओं से थोड़ी दूरी बनाए रखने,  बुखार आने पर तुरंत अस्पताल में जाकर चेक करवाने को कहा. वहीं कांगो फीवर से मरीज की मौत होने पर जिला चिकित्सा अधिकारी कमलेश चौधरी ने दूरभाष पर बताया कि विभाग की ओर से कल ही जेठन्तरी गांव में मेडिकल टीम द्वारा सर्वे कर खून जांच के सैंपल लिए गए थे, वही आज नियमानुसार दाह संस्कार में भी मेडिकल टीम मौजूद रहेगी, वही परिवार वालों के ब्लड सैंपल को जोधपुर भेजा जाएगा साथ ही 14 दिन तक मेडिकल टीम द्वारा परिवार का फॉलोअप किया जाएगा. 

मरू गंगा के नाम से प्रसिद्ध लूनी नदी ने रेगिस्तान में फैलाई हरियाली

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समदड़ी(बाड़मेर): जिले को प्रदेश में कहीं पर भी काले पानी की सजा का जिक्र होने पर याद किया जाता है. असल में मरुस्थल के सबसे बड़ा रेगिस्तान बाड़मेर जिले को माना जाता है ,क्योंकि यहां पर पानी के अभाव में दर-दर भटकने को लोग मजबूर रहते हैं. कई किलोमीटर दूर तक पानी की एक-एक बूंद के लिए लोग तरसते हैं, लेकिन इन दिनों इंद्रदेव की मेहरबानी से पाली जिले में जमकर बारिश के बाद तेज तूफान के साथ पहुंची लूनी नदी लोगों के लिए जीवनदान बन कर आई है.

मरूगंगा लूनी नदी ने आकर चारों तरफ हरियाली फैला दी:                                   
वनस्पति का अभाव रेगिस्तान के रेतीले धोरों में जहां नजर घुमाओ वहां मरूभूमि नजर आती है. इसलिए इस लुणी नदी को मरूगंगा का नाम दिया गया. इन दिनों मरूगंगा  लूनी नदी ने आकर चारों तरफ हरियाली फैला दी है. मरूगंगा के नाम से प्रसिद्ध लूनी नदी अजमेर से पाली, पाली से धुंधाड़ा, धुंधाड़ा से समदड़ी, समदड़ी से बालोतरा, बालोतरा से सिणधरी होते हुए कच्छ के समुंदर में जा कर के मिलती है. पिछले 1 साल से सुनी पड़ी नदी में इन दिनों पानी की जमकर आवक हुई है जिससे किसानों सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में मानो जल ही जीवन वाली बात प्रकृति ने सिद्ध कर दी.

कई वर्षों बाद तीनों नदियां एक साथ चली: 
लूणी के साथ सुकड़ी और बांडी नदी ने भी परवान के साथ चलकर मिलन किया है. कई वर्षों के बाद यह तीनों नदियां एक साथ मिलकर चली है. ड्रोन के जरिए हमारे फर्स्ट इंडिया न्यूज सवांददाता राजेश भाटी  ने पूरी लूनी नदी का विहंगम दृश्य कैमरे में कैद किया, जहां पूरी बंजर भूमि चारों तरफ हरियाली से लहरा उठी है. 
 

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