जयपुर IAF Chopper Crash: कुन्नूर हेलिकॉप्टर दुर्घटना के मृतकों में राजस्थान के दो सैनिक भी थे शामिल

IAF Chopper Crash: कुन्नूर हेलिकॉप्टर दुर्घटना के मृतकों में राजस्थान के दो सैनिक भी थे शामिल

IAF Chopper Crash: कुन्नूर हेलिकॉप्टर दुर्घटना के मृतकों में राजस्थान के दो सैनिक भी थे शामिल

जयपुर: तमिलनाडु के कुन्नूर के पास हेलीकॉप्टर दुर्घटना के मृतकों की सूची में राजस्थान के दो सैनिकों स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह एवं लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह का भी नाम शामिल है. एक सैन्य प्रवक्ता ने यहां बताया कि इस दुर्घटना में राजस्थान मूल के स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह एवं लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह की भी मौत हो गई. हरजिंदर सिंह अजमेर एवं कुलदीप सिंह झुंझुनू जिले के रहने वाले थे.

प्रवक्ता ने पारिवारिक सूत्रों के हवाले से बताया कि लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह का अंतिम संस्कार दिल्ली में जबकि स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह की अंत्येष्टि यहां उनके पैतृक गांव में की जाएगी. उल्लेखनीय है कि बुधवार को इस दुर्घटना में प्रमुख रक्षा अध्यक्ष जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका और सशस्त्र बलों के 11 कर्मियों की मौत हो गयी. मिली जानकारी के अनुसार, कुलदीप सिंह मूल रूप से झुंझुनू की बुहाना तहसील के घरडाना खुर्द गांव के रहने वाले थे. पारिवारिक सूत्रों ने बताया कि उनके पिता नौसेना से सेवानिवृत्त हुए थे और उनके परिवार के अन्य सदस्य जयपुर में रहते हैं. हालांकि उनके अनेक रिश्तेदार अब भी इसी गांव में रहते हैं. उनके निधन की सूचना मिलते ही गांव में मातम छा गया. राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने स्क्वाड्रन लीडर कुलदीप सिंह के निधन पर शोक जताया. उन्होंने ट्वीट किया कि कुन्नूर हेलीकॉप्टर हादसे में राजस्थान ने भी अपना एक लाल खोया है.

उन्होंने ट्वीट किया कि इस हृदयविदारक हादसे में झुंझुनूं जिले के घरडाना खुर्द निवासी स्क्वॉड्रन लीडर कुलदीप राव ने भी शहादत दी है. मैं शौर्य सपूत की गौरवमयी शहादत को सलाम करती हूं तथा उनके परिजन के प्रति संवेदनाएं व्यक्त करती हूं.’’ राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट ने भी स्क्वॉड्रन लीडर कुलदीप सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की. स्थानीय सरपंच ने बताया कि स्क्वायर लीडर कुलदीप की शादी दो साल पहले हुई थी और वह छुट्टियों में गांव आते-जाते रहते थे. उन्होंने कहा कि उनके पिता रणधीर सिंह नौसेना से सेवानिवृत्त हैं और वर्तमान में जयपुर में रहते हैं. वह लगभग हर महीने गांव आते रहते हैं, जबकि कुलदीप छुट्टी मिलने पर गांव आते थे. सोर्स- भाषा

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