अंतिम संस्कार को लेकर दो राज्य आमने- सामने: गाजीपुर में बिहार से आने वाले सभी रास्ते सील, सड़क और गंगा के घाटों पर पुलिस का पहरा

अंतिम संस्कार को लेकर दो राज्य आमने- सामने: गाजीपुर में बिहार से आने वाले सभी रास्ते सील, सड़क और गंगा के घाटों पर पुलिस का पहरा

अंतिम संस्कार को लेकर दो राज्य आमने- सामने: गाजीपुर में बिहार से आने वाले सभी रास्ते सील, सड़क और गंगा के घाटों पर पुलिस का पहरा

गाजीपुर: कोरोना का कहर लगातार जारी है. और इसमें मौत का आंकड़ा भी बढ़ रहा है. ऐसे में अब दो राज्य शवों के अंतिम संस्कार (Funeral) को लेकर आमने सामने हो गए है. बिहार के बक्सर में गंगा किनारे 110 और यूपी के गाजीपुर में 123 शव मिलने के बाद दोनों राज्यों के जिला प्रशासन आमने-सामने (Face To Face) आ गए हैं. 

बॉर्डर पर पुलिस बल तैनात:
पहले बक्सर प्रशासन (Buxar Administration) ने गंगा (Ganga) में यूपी की तरफ से आने वाले शवों को रोकने के लिए जाल लगाया. अब गाजीपुर प्रशासन ने बिहार से आने वाले शवों को बॉर्डर से वापस लौटाना शुरू कर दिया है. गाजीपुर प्रशासन की ओर से इसके लिए कोई लिखित आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन बॉर्डर पर पुलिस बल तैनात है. ये पुलिसकर्मी बिहार की तरफ से आने वाले शवों को गाजीपुर में दाखिल नहीं होने दे रहे हैं.

गंगा में नाव से पुलिस कर रही गश्त:
गाजीपुर के गहमर और करण्डा थाना क्षेत्र के विभिन्न गंगा घाटों के किनारे दो दिन में 123 से ज्यादा शव मिलने के बाद प्रशासन में खलबली मच गई है. प्रशासन ने गंगा घाटों और नदी में मिले शवों को देर रात तक दफना दिया. उधर, बिहार की तरफ से आने वाले जमानिया के बरुईन, नई बस्ती, तलाशपुर मोड़, देवड़ी और करमहरी गांव के पास बैरियर (Barrier) लगाकर मार्ग सील कर दिया है. 

बॉर्डर पर स्थित पुलिस पिकेट को अलर्ट रखा गया:
पुलिस टीमें नाव से गंगा घाटों और नदी पर गश्त कर रही हैं. टीमें लोगों को गंगा में शवों को प्रवाहित नहीं करने के लिए जागरूक भी कर रही हैं. बिहार से सटे जिले के बॉर्डर पर स्थित पुलिस पिकेट (Police Picket) को अलर्ट रखा गया है. बिहार से आने वाले शवों को अंतिम संस्कार के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है. प्रशासन की 4 टीमें लगातार इस मामले की मॉनिटरिंग (Monitoring) कर रही है.

देर रात जेसीबी की मदद से शवों को दफनाया गया:
वहीं, करण्डा क्षेत्र के घाटों पर बड़ी संख्या में शवों के मिलने के बाद DM मंगल प्रसाद सिंह और एसपी ओम प्रकाश सिंह (DM Mangal Prasad Singh and SP Om Prakash Singh) ने खुद कमान संभाली. देर रात जेसीबी और पोकलेन की मदद से शवों को दफनाया गया. दोनों ने सभी गंगा घाटों और श्मशान घाटों का निरीक्षण किया और व्यवस्थापकों से शवों के जलाए जाने का सही हिसाब किताब रखने की हिदायत दी. पुलिस अधीक्षक ओपी सिंह ने गंगा में बहकर आते शवों की तत्काल सूचना प्रशासन को दिए जाने का निर्देश दिया है.

जाल में 10 शव बरामद हुए:
सोमवार को बक्सर में गंगा किनारे 110 लाशें मिलीं थीं। इसके अगले ही दिन जिला प्रशासन ने चौसा के रानी घाट (Rani Ghat of Chausa) पर गंगा में जाल लगा दिया ताकि गाजीपुर से शव बहकर बिहार की तरफ न पहुंचे. बक्सर प्रशासन का कहना है कि दो दिन के अंदर उस जाल में 10 लाशें मिली हैं. कुछ लाशें जाल के नीचे से बहकर भी आ गई हैं. यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Aditya Nath) के आदेश के बाद से गाजीपुर प्रशासन ने सभी घाटों पर 24 घंटे निगरानी शुरू करवा दी है.

दोनों तरफ अभी भी शव को प्रवाहित करने पहुंच रहे लोग:
बिहार और उत्तर प्रदेश के घाटों पर अभी भी बड़ी संख्या में लोग शव प्रवाहित करने पहुंच रहे हैं. ऐसे लोगों को अब प्रशासन की ओर से समझाया जा रहा है और उन्हें मुखाग्नि (Ascension) देने के लिए तैयार किया जा रहा है.

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