UDH मंत्री धारीवाल का बड़ा एक्शन, विभिन्न प्रक्रियाओं में मौका मुआयना पर लगाई पाबंदी, पालना नहीं करने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई

UDH मंत्री धारीवाल का बड़ा एक्शन, विभिन्न प्रक्रियाओं में मौका मुआयना पर लगाई पाबंदी, पालना नहीं करने वाले अफसरों पर होगी कार्रवाई

जयपुर: नाम हस्तांतरण के लिए निकाय अधिकारियों की ओर से मौका मुआयना करने पर सख्त पाबंदी लगाने के बाद अब नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल ने ऐसे ही और भी मामलों में बेवजह के मौका मुआयना पर प्रभावी अंकुश लगा दिया है. भूखंड के नाम हस्तांतरण के लिए बिना नियम कायदों के किए जा रहे निकाय अधिकारियों के मौका मुआयना पर मंत्री शांति धारीवाल पहले से ही सख्त पाबंदी लगा चुके हैं. इसके बाद धारीवाल को लगातार फीडबैक मिल रहा था कि केवल नाम हस्तांतरण ही नहीं ऐसे और भी मामले हैं जिनमें निकायों के अधिकारी के बेवजह मौका मुआयना के बहाने  आमजन को परेशान किया जा रहा है. जबकि किसी भी कानून या नियम में इस बारे में कोई प्रावधान नहीं है. आपको सबसे पहले बताते हैं कि ऐसे और कौन से मामले हैं जिनमें मौका मुआयना के बहाने लालफीताशाही को बढ़ावा दिया जा रहा है.

ऐसे बढ़ रही लालफीताशाही!:
-निकाय की ओर से जारी पट्टे की भूखंडधारी की ओर से रजिस्ट्री कराई जाती है.
-इस रजिस्ट्री पर निकाय अधिकारी के भी हस्ताक्षर होते हैं .
-लेकिन इससे पहले निकाय अधिकारी की ओर से मौका मुआयना किया जाता है.
-निकाय की योजना के आवंटित भूखंड के बेचान पर एक निर्धारित अवधि तक रोक लगी रहती है.
-इससे पहले भूखंड के बेचान के लिए निकाय की स्वीकृति जरूरी होती है.
-जब भूखंड पर निर्माण के लिए बैंक से ऋण लिया जाता है तब बैंक संबंधित निकाय का अनापत्ति प्रमाण पत्र मांगते हैं.
-इसके लिए भूखण्डधारी संबंधित निकाय में आवेदन करता है.
-इन तीनों ही मामलों में स्वीकृति देने या NOC देने के लिए निकाय की ओर से भूखंड का निरीक्षण किया जाता है.
-मौका मुआयना की रिपोर्ट के नाम पर सारा खेल होता है.
-मौके पर थोड़ा सा भी अवैध निर्माण होने या अन्य किसी कारण का रिपोर्ट में हवाला देकर प्रक्रिया को बेवजह अटकाया जाता है. 
-अथवा अटकाने का भय दिखा कर आवेदक को बेवजह परेशान किया जाता है.

निकायों से भ्रष्टाचार और लालफीताशाही खत्म करने की मुहिम में लगे मंत्री शांति धारीवाल ने इस फीडबैक को गंभीरता से लिया. उन्होंने प्रमुख सचिव नगरीय विकास और स्वायत्त शासन सचिव को कड़े आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं. आपको बताते हैं कि इन निर्देशों में क्या कहा गया है.

-मंत्री शांति धारीवाल के नए निर्देशों के मुताबिक इन तीनों मामलों में मौका मुआयना नहीं कराया जाएगा.
-इन निर्देशों की किसी अधिकारी ने अवहेलना की तो उस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
- कड़ी कार्यवाही के तहत मौका मुआयना के लिए भेजने वाले अधिकारी और मौके पर जाने वाले अधिकारी दोनों को निलंबित किया जाएगा.
-निलंबन के बाद अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी.

नगरीय विकास मंत्री शांति धारीवाल की ओर से पत्रावली पर प्रमुख सचिव नगरीय विकास और स्वायत्त शासन सचिव को निर्देश जारी करने के बाद अब जल्द ही नगरीय विकास विभाग और स्वायत्त शासन विभाग इस बारे में अलग-अलग आदेश जारी करेंगे. इस आदेश की पालना को लेकर भी धारीवाल के स्तर पर मॉनिटरिंग की जाएगी.

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