UP सरकार आमजन के प्रति है संवेदनशील: 16 हजार से अधिक एम्बुलेंस कर्मियों की छुट्टियां रद्द, रोगी वाहन के रिस्पान्स टाइम को कम करने के निर्देश

UP सरकार आमजन के प्रति है संवेदनशील: 16 हजार से अधिक एम्बुलेंस कर्मियों की छुट्टियां रद्द, रोगी वाहन के रिस्पान्स टाइम को कम करने के निर्देश

UP  सरकार आमजन के प्रति है संवेदनशील: 16 हजार से अधिक एम्बुलेंस कर्मियों की छुट्टियां रद्द, रोगी वाहन के रिस्पान्स टाइम को कम करने के निर्देश

लखनऊ: देश में जिस प्रकार कोरोना ने कोहराम (Chaos) मचा रखा है उसको देखते हुए उत्तरप्रदेश सरकार आमजन के विशवाश के प्रति वफादार है और संवेदनशील भी. ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) खुद कोरोना को लेकर प्रदेश भर में की जा रही व्यवस्थाओं की मॉनिटरिंग कर रहे है. योगी सरकार ने 16 हजार एम्बुलेंस कर्मियों की छुट्टियों को रद्द कर दिया है. 

मरीजों को अस्पताल में इलाज के लिए कोई देरी ना हो: 
उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैलता जा रहा है. वर्तमान परिस्थितियों (Current Circumstances) को देखते हुए प्रदेश भर में इन दोनों एम्बुलेंस सेवाओं में लगे 16 हजार से अधिक कर्मचारियों की छुट्टी रद करने का आदेश जारी किया गया है. जिससे मरीजों को अस्पताल तक इलाज के लिये पहुंचाने में देरी की कोई संभावना न रहे. सरकार ने एम्बुलेंस सेवा (Ambulance Service) के रिस्पांस टाइम को कम करने के भी निर्देश जारी किये हैं.

कोरोना संक्रमण पुलिसकर्मियों को भी तेजी से अपना शिकार बना रहा:
वहीं दूसरी तरफ कोरोना संक्रमण पुलिसकर्मियों (Policeman) को भी तेजी से अपना शिकार बना रहा है. कोरोन की सेकंड़ वेव में अब तक 2241 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमित हो चुके हैं‚ जबकि बीते एक वर्ष के दौरान 97 पुलिसकर्मियों की संक्रमण से मौत हो चुकी है. हैरानी की बात यह है कि अधिकांश पुलिसकर्मियों के दो बार वैक्सीनेशन कराने के बावजूद संक्रमित होने वालों की रफ्तार तेजी से बढ़ती जा रही है.

मरीजों को दिक्कत न हो इसलिए लिया गया फ़ैसला:
वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए प्रदेश भर में इन दोनों एम्बुलेंस सेवाओं में लगे 16 हजार से अधिक कर्मचारियों की छुट्टी रद (Cancil Holidays) करने का आदेश जारी किया गया है. जिससे मरीजों को अस्पताल तक इलाज के लिये पहुंचाने में देरी की कोई संभावना न रहे. सरकार ने एम्बुलेंस सेवा के रिस्पांस टाइम को कम करने के भी निर्देश जारी किये हैं.

पुलिस जनता की सुरक्षा के लिए पूरी जी जान से कर रही है काम:
बीते 16 अप्रैल को जहां प्रदेश में 461 पुलिसकर्मी कोरोना से संक्रमित थे‚ वहीं अब यह संख्या बढ़कर 2241 हो चुकी है. वहीं अप्रैल माह में ही 14 पुलिसकर्मी कोरोना संक्रमण की वजह से अपनी जान से हाथ धो चुके हैं. इसके बावजूद प्रदेश पुलिस जनता (Police & Public) को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए अपनी पूरी ताकत से काम कर रही है.

प्रदेश पुलिस इस महामारी के चुनौतीपूर्ण वातावरण में अपना पूरे मनोबल के साथ आपदा प्रबंधन में प्रयत्नशील है. एड़ीजी कानून–व्यवस्था प्रशांत कुमार (ADG Law and Order Prashant Kumar) ने बताया कि इन सभी के खिलाफ रासुका और गैंगस्टर के तहत कार्यवाही की जाएगी. वीकेंड़ लॉकड़ाउन के दौरान आवश्यक वस्तुएं‚ दवाई की दुकानों और औद्योगिक प्रतिष्ठान खोलने पर पाबंदी नहीं है. सफाई‚ चिकित्सा कार्य में लगे कर्मियों के आने- जाने पर छूट है.

अफ़वाह फैलाने वालों पर होंगी कार्यवाही: 
एड़ीजी कानून–व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि,अस्पताल में भर्ती मरीजों के तीमारदार (Partisan)‚ बीमार परिजनों (Sick Relatives) की दवाएं आदि की व्यवस्था के लिए बाहर निकलने वाले लोगों को भी छूट दी गयी है. कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा अफवाह एवं भ्रामक तथ्यों को सोशल मीडि़या पर वायरल किया जा रहा है जो कि आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आता है. ऐसे तत्वों को चिन्हित करके उनके खिलाफ मुकदमा (Suit Against) दर्ज कराया जा रहा है. साथ ही जनपदों के सोशल मेफ़िया सेल द्वारा ऐसी अफवाहों का खंड़न भी किया जा रहा है.

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