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UP: PCS अफसर की 10 महीने में 5वीं पोस्टिंग, आखिर एक जगह क्यों नहीं टिक पाती किंशुक श्रीवास्तव !

UP: PCS अफसर की 10 महीने में 5वीं पोस्टिंग, आखिर एक जगह क्यों नहीं टिक पाती किंशुक श्रीवास्तव !

लखनऊ(यूपी): उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अफसरों के ट्रांसफर पोस्टिंग में ज्यादा विश्वास नहीं रखते. सीएम योगी का मानना है कि अफसर को वक्त देने देना चाहिए ताकि वह अपना बेहतर परफारमेंस दिखा सके. 

लखनऊ जिला प्रशासन में कुछ दिलचस्प किस्से:  
यूपी में योगी आदित्यनाथ की सरकार बनने के बाद आईएएस और पीसीएस अफसरों का तबादला बहुत ज्यादा नहीं हुआ. अफ़सरों को एक पद पर काम करने के लिए पूरा साल दिया जा रहा है. लेकिन लखनऊ जिला प्रशासन में कुछ दिलचस्प किस्से हैं. कभी DM भारी तो कभी SDM भारी हो जाते हैं. लिहाज़ा जिलाधिकारी को बार बार बदलाव करने को मजबूर होना पड़ता हैं. इसे आप प्रशासनिक रुख कहे...या फिर कोई राजनीतिक दबाव.

पीसीएस अफसर किंशूक श्रीवास्तव की कहानी भी बड़ी दिलचस्प: 
2015 बैच की पीसीएस अफसर किंशुक श्रीवास्तव (PCS Kinshuk Srivastava) की कहानी भी बड़ी दिलचस्प है. PCS सर्विस में आने के बाद अपनी पहली ट्रेनिंग लखनऊ में किंशुक श्रीवास्तव को मिली इसके बाद उन्होंने अपना लंबा कार्यकाल सीतापुर में गुजारा 24 जनवरी 2020 को Deputy Collector बनकर लखनऊ आयी. पी सीएस किंशुक श्रीवास्तव की पहली पोस्टिंग जिला प्रशासन में ACM 7 के पद पर हुई उन्हें ASDM की जिम्मेदारी भी दी गयी. इसके बाद उन्हें एसडीएम सदर बनाया गया. कुछ दिनों बाद उन्हें तीसरी पोस्टिंग देते हुए जिलाधिकारी ने एसडीएम मोहनलालगंज बना दिया. फिर क्या कुछ दिनों बाद चौथी पोस्टिंग में एसीएम प्रथम बना दिया गया और अब पांचवी पोस्टिंग देते हुए फिर DM ने उन्हें उपजिलाधिकारी सरोजीनगर बना दिया गया. यानी 24 जनवरी से लेकर 24 नवंबर आते आते 5 पोस्टिंग हासिल कर लिया. 

श्रीवास्तव की बेटी अपने पिता की तरह ही बेहद ईमानदार: 
1980 बैच के IAS अफ़सर सत्यनारायण श्रीवास्तव की बेटी अपने पिता की तरह ही बेहद ईमानदार और मेहनती हैं. पूर्व IAS सत्यनारायण श्रीवास्तव DM बलिया से लेकर चीफ़ सेक्रेटरी के स्टाफ़ अफ़सर रह चुके हैं. बेटी के PCS बनने के बाद सत्यनारायण IAS सर्विस से 2016 में रिटायर्ड हो गये. 

10 महीनों में उसके कार्यों में बदलाव वाकई हैरत करने वाला सवाल:
ब्यूरोकेसी के जानकर बताते हैं कि पूर्व आईएएस सत्यनारायण श्रीवास्तव ईमानदार अफसर थे. बेटी पीसीएस किंशुक श्रीवास्तव भी बेहद ईमानदार अफसर है. लखनऊ में पोस्टिंग के बाद जिला प्रशासन ने जिस तरह से 10 महीनों में उसके कार्यों में बदलाव किया यह वाकई हैरत करने वाला सवाल है कि जिलाधिकारी उसे एक पद पर क्यों नहीं रोक पाए. लिहाज़ा उसे अब SDM सरोजनीनगर बना दिया है लेकिन यह कुर्सी कांटों भरा ताज है क्योंकि लखनऊ की सबसे महत्वपूर्ण सरोजनीनगर तहसील में राजनीतिक नेताओं का हस्तक्षेप ज्यादा है. ऐसे में किंशुक श्रीवास्तव का यहां बहुत ज्यादा दिन तक उपजिलाधिकारी रह पाना बेहद मुश्किल है. 

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