महिलाओं के विरूद्ध अपराधों को लेकर यूपी सरकार गंभीर, नाबालिग के अपहरण और हत्या के दोषी को मृत्युदंड

महिलाओं के विरूद्ध अपराधों को लेकर यूपी सरकार गंभीर, नाबालिग के अपहरण और हत्या के दोषी को मृत्युदंड

महिलाओं के विरूद्ध अपराधों को लेकर यूपी सरकार गंभीर, नाबालिग के अपहरण और हत्या के दोषी को मृत्युदंड


जौनपुर: उत्तर प्रदेश में अब अपराधियों की खैर नहीं. प्रदेश में बढ़ रहे क्राइम को लेकर सरकार गंभीरता बरत रही है. रेप, अपहरण और हत्या जेसी संगीन वारदातों को लेकर सरकार अब आरोपीयों से सख्ती से पेश आएगी. इसी को लेकर जौनपुर जिले की एक अदालत ने 11 साल की बच्ची के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी करार दिए गए एक व्यक्ति को फांसी की सजा सुनाई है.

महिलाओं के विरूद्ध अपराधों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे न्यायापालिका:
महिलाओं के विरूद्ध हो रहे अपराधों पर कठोरता से नियंत्रण लगाने के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी निर्देश के मुताबिक कार्रवाई करते हुए जौनपुर पुलिस प्रशासन ने मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित किया और तत्परता से कार्रवाई की, जिसके परिणामस्वरूप जांच महज सात महीने के अंदर पूरी कर ली गई.

पॉक्सो अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिया फैसला: 
विशेष पॉक्सो अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद हाल ही में आरोपी बाल गोविंद को अपहरण और हत्या का दोषी मानते हुए मृत्युदंड सुनाया. उस पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है. अभियोजन पक्ष के अनुसार जौनपुर के मड़ियाहूं थाना क्षेत्र में एक गांव के रहने वाले कोलई ने पिछले साल आठ अगस्त को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि बाल गोविंद ने उसकी 11 साल की बेटी का अपहरण कर उसकी हत्या कर दी.

यूपी के लिए NCRB के आंकड़े चिंताजनक:
एनसीआरबी के ताजा आंकड़ों की बात करे तो वे भी उत्तर प्रदेश सरकार के लिए चिंताजनक है. आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं के खिलाफ हो रहे अपराधिक मामले यूपी में ज्यादा हैं. सरकार पूरे राज्य में महिलाओं के खिलाफ अपराध को लेकर जन-जागरूकता अभियान चला रही है.एनसीआरबी रिपोर्ट 2019 के मुताबिक यूपी में महिलाओं के विरुद्ध अपराध के 15,579 आरोपितों को सजा हुई. यूपी में महिलाओं के ​विरुद्ध अपराध के सर्वाधिक 59,853 मामले दर्ज हुए, लेकिन आरोपियों को सजा दिलाने की दर भी 55.2 फीसद रही, जो देश में सर्वाधिक है.

(सोर्स-भाषा)

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