UP सरकार  रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी पर सख्त, KGMU कर्मचारियों सहित 10 गिरफ्तार; 138 इंजेक्शन बरामद

UP सरकार  रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी पर सख्त, KGMU कर्मचारियों सहित 10 गिरफ्तार; 138 इंजेक्शन बरामद

UP सरकार  रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी पर सख्त, KGMU कर्मचारियों सहित 10 गिरफ्तार; 138 इंजेक्शन बरामद

लखनऊ:  देशभर में कोरोनावायरस (Corona Virus) अपना कहर जमकर बरपा रहा है वहीं पर इसके इलाज में कारगर सिद्ध हो रही दवा रेमडेसिविर इंजेक्शन की कालाबाजारी भी अपने चरम पर है. ऐसे में उत्तर प्रदेश सरकार (UP Government) इसको लेकर गंभीर है और सख्ती बरतते हुए कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं. इसी क्रम में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन अलग-अलग जगहों से 10 आरोपियों को पकड़ा है जिनके पास से बड़ी तादाद में नकदी भी बरामद की है. 

इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वाले गिरोह के पर्दाफाश:
उत्तर प्रदेश में कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. इसी बीच जीवन रक्षक दवाओं और इंजेक्शन की कालाबाजारी (Black Marketing OF Injection) करने वाले गिरोह के पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने तीन अलग-अलग जगहों से 10 आरोपियों को पकड़ा है. जिनके कब्जे से लाखों रुपए कीमत के 138 रेमेडीसिविर इंजेक्शन और नगदी बरामद हुई है. चौकाने वाली बात यह किंग जॉर्ज मेडिकल कॉलेज KGMU (King George Medical College) के आधा दर्जन स्टाफ इस कालाबाजारी में शामिल मिले हैं. लख़नऊ पुलिस कमिश्नर डीके ठाकुर (पुल) के निर्देश पर एसीपी चौक के नेतृत्व में यह कालाबाजारी करने वाले पकड़े गए हैं. बीती रात भी चार ऐसे जालसाजों को गिरफ्तार किया था. जिनकी निशानदेही पर लख़नऊ पुलिस लगातार छापेमारी कर रही हैं.

नाका और अमीनाबाद में भी पकड़े गए:
लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस (Lucknow Commissionrate) ने राजधानी के नाका और अमीनाबाद इलाके में कार्यवाही करते हुए जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमडिसिविर की बड़ी खेप बरामद की. नाका पुलिस ने इंजेक्शन कि कालाबाजारी करने वाले 4 आरोपियों मनका पुर, गोंडा निवासी राम सागर, राजाजीपुरम, तालकटोरा निवासी अमनदीप मदान, बनिया खेड़ा, मोहनलालगंज निवासी अंकुर वैश्य और संडीला हरदोई निवासी अंशु गुप्ता को पकड़ा है.

116 रेमडीसीविर इंजेक्शन और 1,94,310 रुपए नगद बरामद:
आरोपियों के पास से 116 रेमडीसीविर इंजेक्शन और 1,94,310 रुपए नगद बरामद हुआ है. जबकि अमीनाबाद पुलिस ने कश्मीरी मोहल्ला निवासी आमिर अब्बास और याहियागंज चौक निवासी सौरभ रस्तोगी को दबोचा। जिनके पास से 11 इंजेक्शन (Eleven injections) और 39 हजार रुपए की नगदी बरामद की है. सभी आरोपियों को न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है.

महंगे दामों में बेच रहे थे इंजेक्शन:
पुलिस का कहना है कि उन्हें शिकायत मिली थी कि कुछ लोग जीवन रक्षक इंजेक्शन रेमडेसिविर की कालाबाजारी कर रहे हैं और महंगे दामों (Expensive Prices) पर पीड़ित के परिवार वालों को बेच रहे हैं। जिस पर पुलिस ने कार्यवाही कर गिरोह को दबोच लिया।

KGMU स्टाफ चला रहे थे गोरखधंधा,मानक नगर पुलिस ने किया खुलासा:  
जिस मेडिकल कॉलेज को पूरे प्रदेश का नाज रहता है. उसी मेडिकल कॉलेज में खुलेआम असली रेम डे सीवर इंजेक्शन की जगह नकली इंजेक्शन बेचे जा रहे थे. ये काम भी वहीं का स्टाफ कर था था. पुलिस ने इंजेक्शन की कालाबजारी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ (Gang Bust) करते हुए 4 लोगों को दबोचा है. आरोपियों के पास से नकली इंजेक्शन और नगदी बरामद हुई है.

नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबजारी की मिली थी सुचना:
मनाकनगर पुलिस को शिकायत मिली थी कुछ लोग नकली रेमडेसिवीर इंजेक्शन की कालाबजारी कर रहे हैं. जिस पर पुलिस ने तत्काल कार्यवाही करते हुए सुल्तानपुर निवासी विकास दुबे, खदरा हसनगंज निवासी कौशल शुक्ला, सोनभद्र निवासी अजीत मौर्य और देहात कोतवाली बलरामपुर निवासी राकेश तिवारी को गिरफ्तार किया. इनके कब्जे से 91नकली रेमडेसिवीर  इंजेक्शन और 5250 रुपए के अलावा एक स्कूटी बरामद हुई है. आरोपी विकास दुबे गैंग का सरगना बताया जा रहा है. आरोपी केजीएमयू में नर्सिंग तृतीय वर्ष का छात्र (Nursing Third Year Student) है और वहीं हॉस्टल में रहता है.

15,000 में बेच रहे थे इंजेक्शन:
सभी आरोपी पीड़ितों के परिजनों को झांसा देकर नकली इंजेक्शन को असली बताकर 15000 रुपए की मोटी रकम वसूल कर रहें थे. बताया जा रहा है कि आरोपी विकास दुबे के अलावा आरोपी अजीत मौर्य केजीएमयू के लॉरी हॉस्पिटल में ओटी टेक्नीशियन के पद पर है जबकि राकेश तिवारी क्वीन मेरी हॉस्पिटल में स्टाफ नर्स (Staff Nurse) है और कौशल शुक्ला भी सीतापुर से डी फार्मा की पढ़ाई कर चुका है.

और पढ़ें