UP: CM योगी रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर एक्शन में, मेडिकल कर्मचारी सहित 8 को किया गिरफ्तार

UP: CM योगी रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर एक्शन में, मेडिकल कर्मचारी सहित 8 को किया गिरफ्तार

UP: CM योगी रेमडेसिविर की कालाबाजारी पर एक्शन में, मेडिकल कर्मचारी सहित 8 को किया गिरफ्तार

मेरठः उत्तर प्रदेश में लखनऊ के बाद मेरठ में भी कोरोना संक्रमण के गंभीर मरीजों को जीवनदान देने वाले रेमडेसिविर (Remdesivir Injections) की कालाबाजारी का भंडाफोड़ हुआ है. शनिवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने मेडिकल कर्मचारियों सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. आपको बता दे की देश में चल रही महामारी के बीच उत्तरप्रदेश में भी रेमडेसिवीर इंजेक्शन की किल्लत चल रही है ऐसे में मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ एक्शन में है और इसकी कालाबाजारी करने वालों पर सख्ती से निपटने के आदेश भी दिए है. ऐसे में अब प्रशासन खुलकर छापेमारी कर रहा है और इस पर नकेल कसने की कोशिश कर रहा है. 

पकडे गए सभी आरोपी मेडिकल कर्मचारी है:
मेरठ में रेमडेसिविर इंजेक्शन को ब्लैक से बेचते हुए पकडे गए ये सभी एक निजी मेडिकल कालेज के कर्मचारी हैं. पुलिस ने सभी को गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक कुछ दिनो से सूचना मिल रही थी कि जनपद के कई प्राइवेट अस्पतालों (Private Hospitals) द्वारा कर्मचारियों की मिलीभगत करके मरीजों के नाम के आए रेमडेसिविर इंजेक्शन किसी ओर को ब्लैक में बेचे जा रहे हैं.

सादी वर्दी में तीमारदार बनकर पुलिस कर्मियों ने की आरोपी से सौदेबाजी: 
इस सूचना पर SSP अजय साहनी (Ajay Sahani) ने सर्विलांस सैल की टीम के अलावा थाना देहली गेट व थाना जानी की पुलिस टीम का गठन किया। जिसके बाद SP देहात के निर्देशन में अभियान चलाया गया. इसी क्रम में प्राइवेट सुभारती मेडिकल कॉलेज (Subharti Medical College) से भी रेमडेसिविर इंजेक्शन ब्लैक में बेचे जाने की बात सामने आई, जिस पर पुलिस ने योजना के तहत सुभारती कालेज से रमेडेसिविर इंजेक्शन खरीदने की बात अस्पताल कर्मचारियों से की. सादी वर्दी में तैनात पुलिस कर्मी मरीज का तीमारदार (Partisan) बनकर इंजेक्शन की सौदे बाजी कर रहे थे. पुलिस कर्मियों की आबिद नाम के व्यक्ति से 32000 रूपये में सौदेबाजी हो रही थी जो 25000 रूपये पर तय हो गयी थी.

पुलिस टीम के सदस्य को 25000 रूपये नगद लेकर बेचा इंजेक्शन: 
सौदा तय होने के बाद पुलिस की टीम शुक्रवार देर रात सुभारती हॉस्पिटल पहुंची.  इस दौरान सुभारती मेडिकल कालेज के कोविड वार्ड नर्सिग कर्मचारी द्वारा सुभारती कालेज के मुख्य गेट पर इंजेक्शन देने के लिए बुलाया गया. जहां पुलिस टीम के सदस्य को 25,000 रूपये नगद (Twenty Five Thusand Rupees) लेकर कर्मचारी ने रेमडेसिविर इंजेक्शन बेच दिया.

अस्पताल के गेट पर बुलाया, शक होने पर आईसीयू में जा छिपे आरोपी:
पुलिस टीम के सदस्य ने जब और इंजेक्शन की मांग की कर्मचारियों द्वारा तीन इंजेक्शन अगले दिन देने का विश्वास दिलाया गया. इस सौदेबाजी के दौरान सुभारती मेडिकल कालेज के दोनों कर्मचारियों को कुछ शक हुआ, जिस पर वह तुरंत वहां से भागकर ICU (Intensive Care Unit) में जा छिपे। जिसके बाद गठित की गई पुलिस टीम ने छापेमारी कर उन्हें आईसीयू से पकड़ लिया।

गार्ड और बाउंसरों ने पुलिस का किया विरोध:
इस बीच वहां मौजूद सुभारती कालेज के गार्ड व बाउंसरों (Guards and Bouncers) ने पुलिस को घेरने की कोशिश की और गेट बंद कर दिया गया. जिसके बाद पुलिस टीम ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में मौके से 6 बांउसर और गार्ड भी गिरफ्तार कर लिए. गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से 25000 रूपये नगद व एक इंजेक्शन रेमडेसिविर की बरामदगी की गई.

गाजियाबाद के मरीज के लिए अलॉट हुआ था इंजेक्शन:
पुलिस के अनुसार पूछताछ में गिरफ्तार नर्सिंग कर्मचारियों ने बताया कि यह इंजेक्शन 22 अप्रैल को कविनगर जनपद गाजियाबाद निवासी शोभित जैन (Shobit Jain) को अलॉट किया गया था. लेकिन शोभित जैन की मृत्यु हो जाने के बाद उन्होंने यह इंजेक्शन 25000 रूपये में बेचना तय कर दिया था. पुलिस का कहना है कि पूछताछ में यह भी सामने आया कि कुछ कर्मचारी इस तरह से जीवनदायी इंजेक्शन मरीजों के ना लगाकर धन कमान के लालच में ज्यादा पैसों देने वाले मरीजों व उसके परिजनों को बेच देते हैं. इस इंजेक्शन पर एमआरपी 2450/- रुपए लिखी है.

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