UPSC Result 2020: परीक्षा में कुल 761 उम्मीदवार हुए विजयी, टॉपर शुभम बोले- IAS अधिकारी बनने और वंचितो की सेवा का सपना पूरा हुआ

UPSC Result 2020: परीक्षा में कुल 761 उम्मीदवार हुए विजयी, टॉपर शुभम बोले- IAS अधिकारी बनने और वंचितो की सेवा का सपना पूरा हुआ

UPSC Result 2020: परीक्षा में कुल 761 उम्मीदवार हुए विजयी, टॉपर शुभम बोले- IAS अधिकारी बनने और वंचितो की सेवा का सपना पूरा हुआ

नई दिल्ली: सिविल सेवा परीक्षा के टॉपर शुभम कुमार ने शुक्रवार को कहा कि आईएएस अधिकारी बनने और वंचितों की सेवा करने का उनका सपना पूरा हो गया. उन्होंने कहा कि गांवों का विकास, रोजगार सृजन और देश के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबी उन्मूलन पर वह ध्यान देंगे. 

एक बार में हार नहीं मानी तो दुसरे प्रयास में हुए सफल:
24 वर्षीय कुमार ने अपने तीसरे प्रयास में सिविल सेवा परीक्षा में शीर्ष स्थान हासिल किया. वह 2018 में पहले प्रयास में उत्तीर्ण नहीं हो सके, जबकि 2019 में दूसरे प्रयास में उनका चयन भारतीय रक्षा लेखा सेवा (IDAAS) के लिए हुआ था. कुमार ने आईआईटी बंबई से बैचलर ऑफ टेक्नोलॉजी (सिविल इंजीनियरिंग) में स्नातक किया है और यूपीएससी परीक्षा के लिए उन्होंने मानव शास्त्र को वैकल्पिक विषय चुना था. बिहार के कटिहार जिले के रहने वाले कुमार वर्तमान में पुणे स्थित राष्ट्रीय रक्षा वित्तीय प्रबंधन अकादमी में प्रशिक्षण ले रहे हैं. उन्होंने कहा कि मेरा सपना आईएएस बनने का था क्योंकि इसमें लोगों की बेहतरी के लिए बड़े मंच पर काम करने का अवसर मिलता है. यह पूरा हो गया है और मैं वंचित लोगों के लिए काम करना पसंद करूंगा, खासतौर पर ग्रामीण इलाकों में. दो भाई-बहनों में छोटे कुमार की बड़ी बहन भाभा परमाणु शोध केंद्र (बार्क) में वैज्ञानिक हैं. 

परिवार का सपना पूरा करने में रहा पूरा सहयोग:
कुमार ने कहा कि मेरे पिता मुझे प्रोत्साहित करते थे और मुझे सकारात्मक रवैया बनाए रखने में सहयोग करते थे जिससे परीक्षा पास करने में मुझे मदद मिली. दूसरा स्थान हासिल करने वाली जागृति अवस्थी (24) मध्यप्रदेश के भोपाल की रहने वाली हैं और उन्होंने कहा कि वह आईएएस बनना और ग्रामीण विकास के लिए काम करना चाहेंगी. इसके अलावा वह महिला एवं बाल विकास के लिए भी काम करना चाहती हैं. उन्होंने भोपाल से पीटीआई भाषा को फोन पर बताया कि मैंने आईएएस चुना है, मेरे आसपास के लोग मुझे प्रोत्साहित करते थे. मैं महिला एवं बाल विकास के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों के लिए काम करना चाहूंगी. उन्होंने स्कूली शिक्षा महर्षि विद्या मंदिर से हासिल की और इलेक्ट्रिक इंजीनियरिंग में मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, भोपाल से उन्होंने स्नातक किया. 


अवस्थी महिला उम्मीदवारों के बीच टॉपर हैं और उन्होंने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में चुना था. उन्होंने भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (भेल), भोपाल में नौकरी छोड़कर परीक्षा की तैयारी की. उन्होंने कहा कि 2017 में स्नातक करने के बाद मैंने दो वर्षों तक भेल में काम किया. पहले प्रयास में मेरा नहीं हुआ, यह मेरा दूसरा प्रयास था. अवस्थी ने कहा कि उनका भाई भोपाल में मेडिकल की पढ़ाई कर रहा है जो उनके लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत था. अवस्थी के पिता प्रोफेसर और मां गृहिणी हैं. 

हर साल UPSC करता है सिविल सेवा परीक्षा का आयोजन:
परीक्षा में कुल 761 उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए हैं जिनमें 545 पुरुष और 216 महिलाएं हैं और आयोग ने विभिन्न सिविल सेवाओं के लिए उनके नामों की अनुशंसा की है. सिविल सर्विसेज परीक्षाओं का आयोजन प्रति वर्ष यूपीएससी तीन चरणों में करता है जिनमें प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और साक्षात्कार शामिल हैं. इन परीक्षाओं के माध्यम से भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय विदेश सेवा (IFS) और भारतीय पुलिस सेवा (IPS) सहित कई अन्य सेवाओं के लिए उम्मीदवारों का चयन होता है. 2015 में सिविल सेवा परीक्षा की टॉपर रही टीना डाबी की बहन रिया डाबी ने सिविल सेवा परीक्षा में 15वां स्थान हासिल किया है. टीना डाबी आईएएस अधिकारी हैं और वर्तमान में अपने कैडर राज्य राजस्थान में पदस्थ हैं. सोर्स-भाषा

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