US कोर्ट का फैसला, यूनिवर्सिटी के एक चिकित्सक पर यौन शोषण के आरोप में 8,000 करोड़ का हर्जाना लगाया 

US कोर्ट का फैसला, यूनिवर्सिटी के एक चिकित्सक पर यौन शोषण के आरोप में 8,000 करोड़ का हर्जाना लगाया 

US कोर्ट का फैसला, यूनिवर्सिटी के एक चिकित्सक पर  यौन शोषण के आरोप में 8,000 करोड़ का हर्जाना लगाया 

न्यूयॉर्क: अमेरिका में एक कोर्ट ने यूनिवर्सिटी के एक स्त्री रोग विशेषज्ञ पर मरीजों के यौन शोषण के आरोप में सुनवाई करते हुए 8000 करोड़ का हर्जाना देने के आदेश दिए है. चिकित्सक यूनिवर्सिटी में अपना इलाज करवाने आने वाली महिलाओं से संबंध बनाता था. ऐसे में अमेरिका की दक्षिण कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी में आया यौन शोषण का मामला देश में काफी चर्चित रहा था. यह मामला 2018 में सामने आया था. इसके बाद यूनिवर्सिटी ने इसकी पड़ताल शुरू की थी.

स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ. जॉर्ज टिंडल पर पर लगा है हर्जाना:
अमेरिका की दक्षिण कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी (UAC) यौन शोषण मामले में पीड़ित महिलाओं को 1.1 अरब डॉलर, यानी करीब 8 हजार करोड़ रुपए मुआवजा देगी. यूनिवर्सिटी के स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर डॉ. जॉर्ज टिंडल पर अपने मरीजों के यौन शोषण और गाली-गलौज का आरोप था. तीन अलग-अलग मामलों में कोर्ट ने यह मुआवजा देने का आदेश दिया है.

यूनिवर्सिटी ने भी आरोपी चिकित्सक के खिलाफ की कार्रवाई:
यूनिवर्सिटी ने इसे काला अध्याय माना और आरोपी डॉ. जॉर्ज टिंडल के खिलाफ कार्रवाई की. साथ ही इसे बुरा अंत माना. यूनिवर्सिटी के बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज के अध्यक्ष रिक कारुसो ने कहा कि यूनिवर्सिटी उन सभी चीजों की रक्षा नहीं कर पाई है जो हमारे लिए सबसे ज्यादा मायने रखती हैं. इससे हमारी छवि को भारी नुकसान हुआ है.

2018 का यह मामला, 500 महिलाओं ने शिकायत की थी:
मामला 2018 में सामने आया था. तब 500 महिलाओं ने यूनिवर्सिटी के खिलाफ केस दर्ज किया था. तब यूनिवर्सिटी में शिकायत केंद्र बना. इसमें यूनिवर्सिटी के छात्र और एल्युमिनाई से हॉटलाइन और वेबसाइट से अपनी शिकायतें करने की अपील की गई थी. इसके लिए 3.5 लाख छात्रों को मेल भेजे गए थे.

अब तक का सबसे बड़ा मुआवजा:
जानकारी के अनुसार पिछले कुछ सालों में यूनिवर्सिटी को घेरने के कई मामले सामने आए है. इनमें से 2018 में सामने आए मामले को सेटल करने के लिए 21.5 करोड़ डॉलर (करीब 1,558 करोड़ रुपए) रकम चुकाई गई. दूसरे मामले की राशि का खुलासा नहीं किया गया. वहीं तीसरा समझौता 85.2 करोड़ डॉलर (करीब 6,173 करोड़ रुपए) का था. इस तरह के मामले में यह अब तक का सबसे बड़ा मुआवजा है.

 

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