मुंबई Maharashtra: उद्धव ठाकरे ने वर्ष 2019 में कोल्हापुर उत्तर सीट पर शिवसेना की हार के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया

Maharashtra: उद्धव ठाकरे ने वर्ष 2019 में कोल्हापुर उत्तर सीट पर शिवसेना की हार के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया

Maharashtra: उद्धव ठाकरे ने वर्ष 2019 में कोल्हापुर उत्तर सीट पर शिवसेना की हार के लिए भाजपा को जिम्मेदार ठहराया

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने वर्ष 2019 में विधानसभा चुनाव के दौरान कोल्हापुर सीट पर शिवसेना प्रत्याशी को मिली हार के लिए रविवार को भाजपा को जिम्मेदार ठहराया. उस समय दोनों दलों का गठबंधन था. कोल्हापुर उत्तर सीट पर 12 अप्रैल को होने वाले उपचुनाव में महा विकास अघाडी (MVA) प्रत्याशी जयश्री जाधव के प्रचार अभियान में डिजिटल माध्यम से शामिल हुए ठाकरे ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि क्या भाजपा का कांग्रेस के साथ इस सीट पर वर्ष 2019 के चुनाव में गुप्त गठबंधन था.

उल्लेखनीय है कि शिवसेना एमवीए की घटक है जबकि अन्य साझेदार कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) है. ठाकरे ने कहा कि वर्ष 2019 में वर्ष 2014 के मुकाबले (कोल्हापुर उत्तर सीट पर) कांग्रेस के मत बढ़ गए जिसका नतीजा हुआ कि शिवसेना प्रत्याशी की भाजपा के साथ गठबंधन के बावजूद हार हुई. उन्होंने सवाल किया कि भाजपा के मत वर्ष 2019 में कहां गए? क्या उस समय आपने कांग्रेस के साथ गुप्त गठबंधन किया था? ठाकरे ने कहा कि शिवसेना आगामी उपचुनाव में कांग्रेस का समर्थन करेगी क्योंकि उनकी पार्टी जताई गई प्रतिबद्धता का सम्मान करती है और वह ‘‘पीठ में छुरा घोंपने वाली’’नहीं है. भाजपा पर पलटवार करते हुए ठाकरे ने कहा कि आश्चर्य है कि अगर कांग्रेस प्रत्याशी के पक्ष में शिवसेना के समर्थन को पाप कहा जा रहा है तो भाजपा का जम्मू-कश्मीर में पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती से गठबंधन क्या था. उन्होंने कहा कि क्या वह भारत माता की जय बोलती हैं?

उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दावा करती है कि वह बाल ठाकरे का सम्मान करती है तो फिर वह क्यों नवी मुंबई में बन रहे अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम दिवंगत शिवसेना संस्थापक के नाम पर करने के प्रस्ताव का विरोध कर रही है. ठाकरे ने दावा किया था कि वर्ष 2019 के चुनाव में भाजपा ने शिवसेना को मुख्यमंत्री का पद देने का वादा किया था. संभवत: इसी का संदर्भ देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘भाजपा क्यों अपने शब्दों और प्रतिबद्धता से पीछे हटी जो (केंद्रीय गृह मंत्री) अमित शाह ने बाला साहेब के कमरे में की थी जिसे मैं मंदिर मानता हूं. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री पद को लेकर उत्पन्न हुए गतिरोध की वजह से वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद भाजपा और शिवसेना का गठबंधन टूट गया था. इसके बाद शिवसेना ने कांग्रेस और राकांपा से हाथ मिला लिया था और एमवीए सरकार बनाई थी. सोर्स- भाषा

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