जयपुर VIDEO: यूक्रेन मामले पर सदन में हुई चर्चा, सरकार ने दिया हालातों को लेकर सदन में जवाब, देखिए ये खास रिपोर्ट

VIDEO: यूक्रेन मामले पर सदन में हुई चर्चा, सरकार ने दिया हालातों को लेकर सदन में जवाब, देखिए ये खास रिपोर्ट

जयपुर: संकट आता है तो सब एक साथ खड़े हो जाते है . हमारे प्रदेश के छात्र यूक्रेन में फंसे है उनकी सुरक्षित वतन वापसी के लिए आज विधानसभा में पक्ष और विपक्ष एक साथ नजर आया .यूक्रेन मामले पर आज विधानसभा में सरकार की ओर से जवाब दिया गया. स्थगन प्रस्ताव पर जवाब देते हुए मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि यूक्रेन में राजस्थान के करीब एक हजार लोग फंसे हुए हैं जिन्हें सकुशल वापस लाने के प्रयास जारी है. वहीं विपक्ष ने विश्वास दिलाया कि लोगों की सकुशल वापसी के लिए वह सरकार के साथ खड़ा है. उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने सीएम गहलोत के प्रयासों की सराहना की.

हम एक है और ये समय नहीं है सियासत का . यूक्रेन में फंसे राजस्थान के छात्रों और नागरिकों की सुरक्षित वतन वापसी के लिए राजस्थान की सर्वोच्च पंचायत आज दलीय भावना से परे एक साथ खड़ी नजर आई.यूक्रेन में फंसे भारतीयों की सकुशल वतन वापसी को लेकर पूरा देश चिंतित है. राजस्थान के भी करीब एक हजार लोग यूक्रेन में फंसे हैं जिनकी जल्द से जल्द सकुशल वापसी के प्रयास किए जा रहे हैं. यूक्रेन मामले पर आज विधानसभा में आधे घंटे की चर्चा हुई. चर्चा में सरकार की ओर से वक्तव्य देते हुए उद्योग मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि यूक्रेन में फंसे राजस्थानियों की सकुशल वापसी के लिए राज्य सरकार के स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं. राजस्थान फाउंडेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव को इसके लिए नोडल अधिकारी बनाया गया है. यूक्रेन में भारत के दूतावास के साथ जहां लगातार संपर्क किया जा रहा है वहीं यूक्रेन के आसपास के देशों में रह रहे प्रवासी राजस्थानियों से भी संपर्क किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि लोगों को वीजा संबंधी समस्या का सबसे ज्यादा सामना करना पड़ रहा है. इसके लिए यूक्रेन के पड़ोसी देशों से विदेश मंत्रालय संपर्क करें. मंत्री शकुंतला रावत ने कहा कि यूक्रेन के नागरिक भारतीयों के साथ अच्छा व्यवहार नहीं कर रहे.

बच्चों को बंकर में रहना पड़ रहा है और उन्हें खाने-पीने की सुविधा भी नहीं मिल रही. मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव लगातार विदेश मंत्रालय और कैबिनेट सचिव के संपर्क में है. मंत्री ने सदन में बताया कि आज सुबह तक करीब 207 लोग वापस आ चुके हैं. जो छात्र वापस आ चुके और जो फंसे हुए हैं उनका ग्रुप बनाया जा रहा है.

एयरपोर्ट पर हेल्पडेस्क में स्थापित की गई है. नई दिल्ली पहुंचने वाले छात्रों के रहने खाने और घर तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है. सभी संभागीय आयुक्तों को निर्देश दिए गए हैं कि जिला स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किए जाएं. अभी सूचना मिली है. कि एयरफोर्स के जरिए ज्यादा से ज्यादा स्टूडेंट कल से आना शुरू हो जाएंगे. उन्होंने कहा कि राजस्थान पर जब भी संकट आता है मुख्यमंत्री अभिभावक की तरह से संवेदनशील रहकर काम करते है. स्पीकर डॉ सीपी जोशी ने इस संवेदनशील मसले पर सदन की भावना को सामने रखा.बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह के स्थगन प्रस्ताव पर यूक्रेन मामले पर सदन में यह आधे घंटे की चर्चा करवाई गई.पुष्पेंद्र सिंह प्रवासी छात्रों के मुद्दे पर सदन में भावुक दिखे और कहा कि युद्ध ग्रस्त इलाके मे बच्चों को खाने और पीने की चीजे नसीब नही हो रही

विपक्ष की धार आज अलग थी . नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने अहम बात रखी. दोनों ने बेहिचक गहलोत सरकार के प्रयासों को सराहा , सरकार के साथ खड़े होने का सदन में विश्वास दिलाया. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि हम सभी को एकजुट होकर प्रयास करने चाहिए. ऐसे मसलों पर ना पार्टी लाइन आड़े आनी चाहिए ना सरकार. हम सब को भी वहां फंसे बच्चों से बात करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अपने स्तर पर पूरे प्रयास कर रही है फिर भी आपको लगता है कि कहीं कोई कमी खामी है तो हम अपनी बात वहां पहुंचा सकते हैं. इस संवेदनशील मुद्दे पर हम पक्ष-विपक्ष नहीं है. ऐसा संदेश जाना चाहिए कि एकजुट होकर हम भागीदारी निभा रहे हैं. वहीं उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने कहा कि राजस्थान के 1008 विद्यार्थी फंसे हुए हैं और 207 लोग ही अभी तक लौटे हैं. हमें अपने बच्चों की जगह उन बच्चों का चेहरा लगा कर देखना चाहिए. राठौड़ ने कहा कि मैं मुख्यमंत्री को धन्यवाद देना चाहूंगा कि वह एक्टिव हुए और बच्चों से सोशल मीडिया के जरिए बात की. उन्होंने कहा कि

ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स बनाकर दिल्ली भेजना चाहिए. हम भी सहायक बनकर साथ चलने को तैयार हैं. इसे लेकर प्रतिपक्ष के नेता ने विधायक दल से बात की है और हम सब लोग आपके साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार हैं.
बाली विधायक पुष्पेंद्र सिंह के स्थगन प्रस्ताव पर यूक्रेन मामले पर सदन में यह आधे घंटे की चर्चा करवाई गई. चर्चा के स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने कहा कि मैं आप सबकी भावना से मुख्यमंत्री और मुख्यमंत्री के माध्यम से भारत सरकार को अवगत करवाउगा. आशा करते हैं कि हम सभी सबको सकुशल लाने में कामयाब होंगे. बहरहाल संवेदनशील मुद्दे पर एक साथ खड़े होकर राज्य की विधायिका ने दिया राष्ट्रव्यापी संदश दिया.

...फर्स्ट इंडिया के लिए योगेश शर्मा की रिपोर्ट

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