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अपनी जिम्मेदारी समझे, राजस्थान में तत्काल लागू करें जनता कर्फ्यू! अगले 72 घंटे काफी क्रिटिकल

जयपुर: राजस्थान में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए तत्काल से जनता कर्फ्यू की जरूरत है. ACS मेडिकल रोहित कुमार सिंह ने प्रदेशवासियों से बड़ी अपील करते हुए कहा कि कोरोना ट्रांसमिशन को रोकने के लिए घर से बाहर नहीं निकले. उन्होंने कहा कि सिर्फ आवश्यक कार्यों के लिए ही घर से बाहर निकले. 

प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव मरीजों का बढ़ता जा रहा दायरा, पिछले 12 घंटे में 6 नए पॉजिटिव केस 

राजस्थान के लिए अगले 72 घंटे काफी क्रिटिकल:
दरअसल, राजस्थान के लिए अगले 72 घंटे काफी क्रिटिकल है. भीलवाड़ा में कोरोना ट्रांसमिशन के कुछ ताजा मामले सामने आ रहे हैं. इस सभी ट्रांसमिशन का किसी भी जगह मूवमेंट हो सकता है. हालांकि चिकित्सा विभाग की टीम ने पूरी ताकत फील्ड में झोंक रखी है. डॉक्टर्स, नर्सेज, पैरामेडिकल स्टाफ, टेक्नीशियन, हेल्पर, एंबुलेंस के स्टाफ समेत आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोग फील्ड में डटे हुए हैं. उन्होंने कहा कि भीलवाड़ा से लेकर पूरे प्रदेशभर में कॉन्टेक्ट पर्सन की युद्ध स्तर पर स्क्रीनिंग की जा रही है. लेकिन ऐसे विकट हालात में जनता कि जागरूकता से ही संक्रमण को रोका जा सकता है. ऐसे में 1st इंडिया भी प्रदेशवासियों से तत्काल 'जनता कर्फ्यू' की अपील करता है. 

दरगाह प्रमुख ने की देशवासियों से की अपील, कहा- धरने-प्रदर्शन कुछ समय के लिए किए जाए स्थगित 

कोरोना पॉजिटिव मरीजों का दायरा बढ़ रहा:
बता दें कि राजस्थान में भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों का दायरा बढ़ता जा रहा है. पिछले 12 घंटे में राजस्थान में 6 नए पॉजिटिव मामले सामने आए है. अकेले भीलवाड़ा में 5 नए पॉजिटिव, जबकि 1 पॉजिटिव जयपुर से सामने आया है. ऐसे में अब प्रदेश में कुल पॉजिटिव मरीजों का आंकड़ा 23 पहुंच गया है. लेकिन इनमें से 3 की रिपोर्ट नेगेटिव आई है. हालांकि इनमें से इटालियन यात्री की हार्ट अटैक के चलते मौत हो चुकी है.


 

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जयपुर: कोरोना संकट के बीच पेट्रोलियम की बढ़ती दरों ने आमजन की कमर तोड़ दी है. पेट्रोल-डीजल ने पिछले 16 दिन से तेवर दिखाना शुरू कर दिया. आज पेट्रोल 29 पैसे और डीजल 27 पैसे की बढ़त के साथ शुरू हुआ. सर्दी और कोरोना संकट के दौर में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में वृद्धि जारी है इससे आमजन मुश्किल में पड़ गया है. संकट के इस दौर में पेट्रोल-डीजल आम आदमी की पकड़ से बाहर होता जा रहा है.  

पिछले 16 दिनों से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो रही:  
कोरोना संकट के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बाद भी देश और प्रदेश में पेट्रोल-डीजल के दाम में वृद्धि का दौर जारी है. पिछले 16 दिनों में जिस तरह से पेट्रोल और डीजल की कीमतों में वृद्धि हो रही है उससे ऐसा लगता है कि केंद्र सरकार का तेल कंपनियों पर नियंत्रण पूरी तरह समाप्त हो चुका है. 20 नवम्बर को पेट्रोल-डीजल में वृद्धि का दौर शुरू हुआ जो आज तक जारी है. इस अवधि में पिछले 16 दिन में पेट्रोल जहां 2 रुपए 27 पैसे प्रति लीटर महंगा हुआ है. वहीं डीजल की कीमतों में भी 2 रुपये 98 पैसे की वृद्धि हुई है. पेट्रोल के दाम पहली बार 90 रुपए पार पहुंचे हैं. पेट्रोल 90.48 रूपए के स्तर पर पहुंच गए हैं. 

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डीजल के दाम में भी 82.45 रुपए का मुकाम हासिल किया:
वहीं डीजल के दाम में भी 82.45 रुपए का मुकाम हासिल किया है. इसका सीधा मतलब है कि  कोरोना संकट के दौर में जहां लोगों के रोजगार छिन रहे हैं, वेतन भत्तों में कमी आई है उस दौर में पेट्रोल-डीजल की दरें बढ़ाकर आम आदमी की मानों कमर तोड़ दी गई है.

Rajasthan Panchayati Raj Election: जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के अंतिम चरण के लिए हो रहा मतदान, 52 लाख से ज्यादा मतदाता पंजीकृत

Rajasthan Panchayati Raj Election: जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के अंतिम चरण के लिए हो रहा मतदान, 52 लाख से ज्यादा मतदाता पंजीकृत

जयपुर: प्रदेश के 21 जिलों में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चौथे और अंतिम चरण के लिए मतदान चल रहा है. मतदाता शाम 5 बजे तक अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे. जबकि सभी चरणों की 8 दिसंबर को जिला मुख्यालयों पर मतगणना करवाई जाएगी. 

कोविड के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए मतदान करने की अपील: 
राज्य निर्वाचन आयुक्त पीएस मेहरा ने कल जिला परिषद और पंचायत समितियों के  चुनाव में सभी मतदाताओं से कोविड के दिशा-निर्देशों की पालना करते हुए मतदान करने की अपील की है. चौथे चरण में 21 जिलों की 46 पंचायत समितियों के 908 सदस्यों और उनसे संबंधित जिला परिषद सदस्यों के लिए मतदान करवाया जाएगा. 

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52 लाख से ज्यादा मतदाता मतदान कर सकेंगे:
करीब 18 हजार ईवीएम मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा, जबकि 36 हजार से ज्यादा कार्मिक चुनाव  करवाएंगे. वहीं 52 लाख से ज्यादा मतदाता मतदान कर सकेंगे. चौथे चरण में 7346 मतदान केंद्रों पर 52 लाख 55 हजार 889 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे. इसमें 27 लाख 12 हजार 627 पुरुष, 25 लाख 43 हजार 244 महिला व 18 अन्य मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकेंगे.

सीनियर सिटीजन और दिव्यांगों को प्राथमिकता दी जाएगी:
मेहरा ने सभी मतदाताओं से घर से मास्क लगाकर निकलने, मतदान केंद्र में जाने से पहले हाथों को सेनेटाइज करने और मतदान के समय पंक्ति में खड़े रहने के दौरान चिन्हित गोलों पर खड़े रहकर या उचित दूरी बनाते हुए अपनी बारी का इंतजार करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि मतदान के दौरान सीनियर सिटीजन और दिव्यांगों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए. उन्होंने मतदाता, उम्मीदवार या उनके समर्थकों से मतदान केंद्र या आसपास भीड़ या समूह में खड़े नहीं रहने की भी अपील की.

Horoscope Today 05 December 2020: आज का दिन इन राशि वालों के लिए रहेगा बेहद फायदेमंद, जानिए दैनिक राशिफल

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जयपुर: दैनिक राशिफल चंद्र ग्रह की गणना पर आधारित होता है. राशिफल की जानकारी करते समय पंचांग की गणना और सटीक खगोलीय विश्लेषण किया जाता है. दैनिक राशिफल में सभी 12 राशियों के भविष्य के बारे में बताया जाता है. ऐसे में आप इस राशिफल को पढ़कर अपनी दैनिक योजनाओं को सफल बना सकते हैं. 

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मेष (Aries): आज घर पर ही रहकर शांति से दिन बिताएं. अगर घर के कुछ छूटे हुए काम निपटाना चाहते हैं, तो ज्यादा बड़े कामों को हाथ में न लेकर छोटे-मोटे कामों में ही हाथ लगाएं.

मिथुन (Gemini): किसी खास मसले पर विचार विमर्श के बाद निर्णय लाभकारी होगा. परिवार में प्रेम बढ़ेगा. आज का दिन आपके लिए एनर्जी से भरपूर है.  

कर्क (Cancer): किसी विशेष कार्य के सफल हो जाने का हर्ष सायंकाल तक होगा. घर के छोटे सदस्यों के साथ उनके काम में हाथ बंटाएंगे, तो खुशी भी मिलेगी और दूरगामी फायदे भी होंगे.  

सिंह (Leo):  आज सुबह से ही आप काफी पॉजिटिव फील करेंगे. ऐसा कोई भी कदम न उठाएं, जिससे उनका उत्साह कम हो. धैर्य रखें समय आपके अनुकूल है.

कन्या (Virgo): कुछ व्यक्तिगत और गोपनीय प्रसंगों पर कार्यवाही करना आवश्यक है. किसी किस्मत वाले से जरूर पूछें कि उसने सब कुछ पाने के लिए कितने पापड़ बेले हैं.

तुला (Libra): आज पैसे की प्रॉब्लम खत्म हो जाएगी और इकनॉमिक फ्रंट पर आप सहज फील करेंगे. मन में सुख शांति रहेगी और यथा सयम कार्य सिद्धि भी हो ही जाएगी.  

वृश्चिक (Scorpio): किसी अनावश्यक प्रपंचों से व्यय भार बढ सकता है. कभी-कभी जीवन भर परीक्षा खत्म नहीं होती है. आज का दिन आपके लिए आराम और अवकाश का हो सकता है.  

धनु (Sagittarius): आज पिछले कुछ समय से आपके किसी शुभ काम में आर ही रूकावटें दूर होंगी. बच्चों के साथ टाइम शेयर करके उनके उत्साह में काफी बढ़ोतरी कर सकते हैं.  

मकर (Capricorn): आज घर में रहकर खुद के साथ ज्यादा वक्त गुजारेंगे तो काफी फ्रेश महसूस करेंगे. दिमाग पर ज्यादा बोझ न डालें और रिलैक्स करने की कोशिश करें.

कुंभ (Aquarius ): महत्व के काम को समय पर बना लें अल्प परिश्रम से हलका लाभ होगा. मन प्रसन्न रहेगा. गलत समय के बावजूद चेष्टाएं सफल होंगी. अड़चनें दूर होगी.

मीन (Pisces): आपके लिए आज का दिन कुछ धीमा है. ज्यादा समय घर पर ही गुजारने में समझदारी है. बहुत दिनों से छूट रहे कामों को आज निपटा लेने के लिए काफी समय मिल जाएगा.

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री 

05 दिसंबर 2020: जानिए आज का पंचांग, ये रहेगा शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

05 दिसंबर 2020: जानिए आज का पंचांग, ये रहेगा शुभ-अशुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

जयपुर: पंचांग का हिंदू धर्म में शुभ व अशुभ देखने के लिए विशेष महत्व होता है. पंचाम के माध्यम से समय एवं काल की सटीक गणना की जाती है. यहां हम दैनिक पंचांग में आपको शुभ मुहूर्त, शुभ तिथि, नक्षत्र, व्रतोत्सव, राहुकाल, दिशाशूल और आज शुभ चौघड़िये आदि की जानकारी देते हैं. तो ऐसे में आइए पंचांग से जानें आज का शुभ और अशुभ मुहूर्त और जानें कैसी रहेगी आज ग्रहों की चाल...  

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शुभ तिथि पंचमी पूर्णा संज्ञक तिथि रात्रि 8 बजकर 11 मिनट तक तत्पश्चात षष्ठी तिथि रहेगी. पंचमी तिथि मे  सभी शुभ और मांगलिक कार्य विवाह, उपनयन, वास्तु, प्रतिष्ठा इत्यादि कार्य शुभ होते है किन्तु ऋण देना शुभ नहीं माना जाता है. पंचमी तिथि मे जन्मे जातक धनि, शौकीन, साहसी, बुद्धिवान,भाग्यवान, पराक्रमी होते हैं.

पुष्य "शिप्र" संज्ञक नक्षत्र दोपहर 2 बज कर 27 मिनट तक तत्पश्चात अश्लेषा नाम का नक्षत्र रहेगा. पुष्य नक्षत्र मे विवाह को छोड़ कर समस्त चर -स्थिर कार्य, शांति, वास्तु, प्रतिष्ठा, जनेऊ, इत्यादि कार्य सिद्ध होते हैं. पुष्य नक्षत्र को बहुत शुभ माना गया है. पुष्य नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक सुन्दर, भागयशाली, प्रसिद्ध, कृपालु, नम्र स्वाभाव वाला, धनवान, बुद्धिमान होता है.   

चन्द्रमा - सम्पूर्ण दिन कर्क राशि में संचार करेगा  

व्रतोत्सव - सुविधानाथ जयंती

राहुकाल - प्रातः 9 बजे से 10.30 बजे तक

दिशाशूल - शनिवार को पूर्व दिशा मे दिशाशूल रहता है. यात्रा को सफल बनाने लिए घर से अदरक या उरद दाल खा कर निकले.      

आज के शुभ चौघड़िये - प्रातः 8.23 मिनट से प्रातः 9.41 मिनट तक शुभ , दोपहर 12.17 मिनट से सायं 4.11  तक चर, लाभ, और अमृत का चौघड़िया  

सौजन्य - राज ज्योतिषी पंडित मुकेश शास्त्री

VIDEO: महंगाई की मार, पेट्रोल 90 पार, पेट्रोल की कीमत ने निकाला आमजन का तेल, जानिए पेट्रोल का गणित

जयपुर:  क्या आपको पता है जिस पेट्रोल के लिए आप प्रति लीटर 90 रुपए 19 पैसे चुका रहे हो , उसकी वास्तविक कीमत महज 26 रुपए 52 पैसे और डीजल की 27 रुपए 14 पैसे है, जी हां...केंद्र और राज्य सराकर मिलकर पेट्रोल, डीज़ल पर 300 फीसदी तक ज्यादा टैक्स वसूल रही हैं, कोरोना संकट के दौर में पेट्रोल, डीज़ल की आसमान छूती कीमतों से त्रस्त प्रदेश की जनता को आज हम बताने जा रहे हैं पेट्रोल, डीज़ल पर टैक्स को अनसुलझा खेल जिससे आमजन अभी तक अनजान थी.

पेट्रोल:

पेट्रोल बेस प्राइज़                26.52 रुपए

सेंट्रल एक्साइज़                  32.98 रुपए

स्टेट वैट                             25.92 रुपए

रोड सैस                            1.50 रुपए

डीलर कमीशन                   3.32 रुपए

कुल                                 90.19 रुपए

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डीज़ल:

डीज़ल बेस प्राइज़                27.14 रुपए

सेंट्रल एक्साइज़                   31.83 रुपए

स्टेट वैट                            19.31 रुपए

रोड सैस                           1.75 रुपए

डीलर कमीशन                   2.15 रुपए

कुल                                 82.18 रुपए

पेट्रोल, डीज़ल की कीमतों में वृद्धि से रोटी, कपड़ा और मकान सबकुछ महंगा:

कोविड-19 के दौर में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद भी देश और प्रदेश में पेट्रोल, डीज़ल के भाव कम होने का नाम ही नहीं ले रहे. पेट्रोल, डीज़ल की कीमतों में वृद्धि से रोटी, कपड़ा और मकान सबकुछ महंगा हो चुका है. अब सवाल उठता है कि क्या पेट्रोल, डीज़ल की वास्तविक कीमत वही हैं जो हम जेब से चुका रहे हैं या फिर इनमें भी केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कमाई का जरिया तय कर चुकी हैं. जी हां...पेट्रोल, डीज़ल की वास्तविक कीमत हमारे द्वारा चुकाई जा रही कीमतों से तीन सौ प्रतिशत तक कम हैं. फिर क्या कारण है कि हमारी जेब से वास्तविक कीमतों से तीन गुना तक ज्यादा वसूला जा रहा है. इस सवाल का जवाब केंद्र और राज्य सरकारों के उन टैक्स में छुपा है जिसकी आम जनता को जानकारी नहीं.

देश में पेट्रोल की मूल कीमत 26 रुपए 52 पैसे:

दरअसल अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की भारतीय पॉकेट की कीमत 70 डॉलर प्रति बैरल तक है. इस कीमत से देश में पेट्रोल की मूल कीमत 26 रुपए 52 पैसे है. इस पर केंद्र सरकार हमसे केंद्रीय उत्पाद शुलक के तौर पर प्रति लीटर 32 रुपए 98 पैसे वसूल रही है और राज्य सरकार 25 रुपए 92 पैसे. इसके अलावा रोड सैस, लाइसेंस फीस, डीलर कमीशन पर वैट और डीलर का कमीशन भी इसमें जोड़ दिया जाए तो पेट्रोल पर हम मूल कीमत के बाद 63 रुपए 67 पैसे प्रति लीटर ज्यादा दे रहे हैं. इसी तरह डीज़ल की बेस प्राइस 27 रुपए 14  पैसे प्रति लीटर है जिस पर हमसे केंद्र और राज्य सरकार मिलकर 55 रुपए 4 पैसे तक टैक्स वसूल रहे हैं.

कोरोना संकट के दौर में पेट्रोल और डीज़ल पर बढ़ाया दो बार वैट:

कोरोना संकट के दौर में राज्य सरकार ने पेट्रोल और डीज़ल पर दो बार वैट बढ़ाया है। प्रदेश में अब पेट्रोल पर 38 फीसदी और डीज़ल पर 28 फीसदी वैट है. अब बात करें पड़ौसी राज्यों में पेट्रोल डीज़ल की तो हालत और खराब दिखाई देती है. हरियाणा, पंजाब, गुजरात और यूपी के मुकाबले राजस्थान में पेअ्रोल, डीज़ल पर टैक्स 10 रुपए तक ज्यादा है. इससे हमारे ट्रांसपोर्टर ही नहीं दूसरे राज्यों के ट्रांसपोर्टर भी डीज़ल राजस्थान की अपेक्षा पड़ौसी राज्यों से ले रहे हैं. इससे प्रदेश में पेट्रोलियम की बिक्री 30 फीसदी से ज्यादा गिरी है. उम्मीद की जानी चाहिए कि राज्य सरकार भी पड़ौसी राज्यों की तुलना में जल्द ही पेट्रोल, डीज़ल के दामों में प्रदेश की जनता को राहत देगी ताकि कोरोना संकट के दौर में आमजन को राहत मिल सके.

VIDEO: निजी स्कूलों की फीस वसूली को लेकर विरोध में उतरे अभिभावक, विभिन्न अभिभावक संघों ने शहीद स्मारक पर किया प्रदर्शन 

जयपुरः एक बार स्कूलों की फीस का जिन्न बाहर आ गया है, पिछले कई महीनों से निजी स्कूल और अभिभावकों के बीच फीस को लेकर चल रहा विवाद चल पकड़ने लगा है. आज आल राजस्थान परेंट्स फोरम की ओर से बड़ी तादाद में अभिभावक स्टेच्यू सर्किल पर पहुचे ओर जमकर विरोध प्रदर्शन किया. इसके बाद सभी अभिभावक शहीद स्मारक पहुंचे. जहां पर पहले से चल रहे संयुक्त अभिभावक संघ के धरने को समर्थन देते हुए सभी ने एक साथ निजी स्कूलों और सरकार के खिलाफ केंडल मार्च निकाला.

वार्ता से अभिभावक पूरी तरह से नाखुश दिखे:

दो दिन पहले सैकड़ो की संख्या में अभिभावक शिक्षा मंत्री के आवास पर पहुचे जिसके बाद मंत्री ने उन्हें उनकी मांग पर कार्यवाही के लिए शिक्षा अधिकारियों के साथ वार्ता के लिए बुलाया शाम 5 बजे अभिभावकों का प्रतिनिधिमंडल शिक्षा संकुल पहुचा, जहां पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक सौरभ स्वामी ओर स्कूल शिक्षा सचिव अपर्णा अरोड़ा के साथ उनकी वार्ता हूई, करीब 15 मिनट चली इस वार्ता से अभिभावक पूरी तरह से नाखुश दिखे. 

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संयुक्त अभिभावक संघ का पिछले 2 दिन से धरना जारी:

फीस को लेकर समय समय पर अभिभावकों के अलग अलग संघ धरना प्रदर्शन कर रहे थे. वही शहीद स्मारक पर संयुक्त अभिभावक संघ का पिछले 2 दिन से धरना जारी है. वही परेंट्स फोरम इससे पहले शिक्षा मंत्री से मुलाकात करने पहुचा था, लेकिन जब सभी संगठनों को सरकार से निराशा हाथ लगी तो आखिरकार अब एक होकर सभी ने अपने हक की लड़ाई लड़ने का ऐलान किया शहीद स्मारक पर सेकड़ो की तादाद में अभिभावकों ने केंडल मार्च किया, लेकिन इस दौरान अभिभावक कोरोना की गाइडलाइन की पालना नही करते हुए दिखे ,लेकिन बाद में जब ये बात पुलिस तक पहुची तो उन्होंने वहा मौजूद सभी अभिभावकों वहा से हटाना शुरू कर दिया,

VIDEO: अवैध शराब के गोरखधंधे पर लगेगी लगाम, आबकारी विभाग चलाएगा विशेष अभियान, 14 दिसंबर से 5 जनवरी तक चलेगा अभियान

जयपुर:  प्रदेश भर में अवैध शराब की रोकथाम के लिए आबकारी विभाग एक बार फिर बड़ा अभियान शुरू करने जा रहा हैं. 14 दिसंबर से लेकर से लेकर 20 जनवरी तक अवैध शराब पर कार्रवाई को लेकर पूरे प्रदेश में आबकारी विभाग विषेश निरोधात्मक अभियान चलाएगा. आबकारी आयुक्त जोगाराम ने इस संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं. आबकारी आयुक्त जोगाराम का लगातार फोकस है कि प्रदेश में अवैध शराब पर पूरी तरह से लगाम लग सके. बीते दिनों उनके निर्देशो के बाद प्रदेशभर में कई जगह बड़ी कार्रवाई भी हुईं हैं. अब आबकारी विभाग 14  दिसंबर से लेकर 20 जनवरी तक अवैध शराब की शून्य उलब्धता के लिए विशेष निरोधात्मक अभियान शुरु करने जा रहा है,. जारी आदेशो के अनुसार हर जोन के अतिरिक्त आयुक्त को इस अभियान का प्रभारी बनाया गया है.

प्रभारी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय:

अभियान को सफल बनाने के लिए आबकारी विभाग अपने दस्ते के साथ ही स्थानीय पुलिस, स्थानीय प्रशासन और जिला प्रशासन का सहयोग भी लेगा. अभियान को सफल बनाने के लिए आबकारी आयुक्त ने अतिरिक्त आयुक्तों को अपने प्रभार वाले जिलों का दौरा कर अभियान को सफल बनाने के भी निर्देश दिए हैं. अभियान को सफल बनाने के लिए प्रभारी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की गई है. अगर किसी जिले में अभियान को लेकर अच्छा प्रदर्शन नहीं हुआ तो आबकारी अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. जिला आबकारी अधिकारियों को भी करवाई दल की अगुवाई करने के निर्देश दिए गए हैं. आबकारी आयुक्त अपने स्तर पर रोज ईद अभियान की मॉनिटरिंग करेंगे. विभाग की कोशिश है कि प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार पर जीरो टॉलरेंस की पॉलिसी से काम किया जाए. अवैध शराब से एक और विभाग को जहाँ राजस्व का नुकसान हो रहा तो दूसरी तरफ़ कई बार अवैध शराब से लोगों को अपनी जान से भी हाँथ धोना पड़ता है. हाल ही में पंजाब में अवैध शराब के कारण बहुत लोगों की मौत हुई है.

1 दिसंबर से लेकर 20 जनवरी तक चलेगा अभियानः

1 दिसंबर से लेकर 20 जनवरी तक चलने वाले इस विशेष अभियान को लेकर विभाग ने पड़ोसी राज्यों हरियाणा और पंजाब से आने वाली अवैध शराब, हथकड़ शराब और वाश पर विशेष निगरानी कर कार्रवाई के निर्देश दिए हैं. अतिरिक्त आबकारी आयुक्त आबकारी निरोधक दल उदयपुर को इस अभियान का प्रभारी अधिकारी बनाया गया है.

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अभियान के कुछ विशेष बिंदु: 

1-अभियान की अवधि में प्रधान कार्यालय की अनुमति के बिना फील्ड स्टाफ़ और अधिकारियों को अवकाश नहीं मिलेगा.

2-दूसरे राज्यों से होने वाली तस्करी को रोकने के लिए हाइवे पर बने ढाबों में दबिश,राजमार्गों पर नियमित चेकिंग की जाएगी.

3-पूरे राज्य में होटलों द्वारा हो रही अवैध बिक्री पर भी कार्रवाई की जाएगी.

4-स्प्रिट से अवैध नकली शराब बनाने वाली संभावित जगहों पर विशेष तौर से कार्रवाई की जाएगी.

5- जिन जिलों  का प्रदर्शन इस अभियान में अच्छा नहीं रहेगा उन अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

6-आबकारी वृत्त और थानेवार होने वाली कार्रवाई की सूचना अगले दिन सुबह 11 बजे तक मुख्यालय को भेजनी होगी.

अवैध शराब के ख़िलाफ़ चलने वाले इस अभियान को सफल बनाने के लिए आबकारी आयुक्त अधिकारियों की बैठकें भी ले रहे हैं. अगर आबकारी विभाग का यह अभियान पूरी तरह से सफल हुआ तो प्रदेश में अवैध शराब के कारोबार की कमर टूटना तय है.

...फर्स्ट इंडिया के लिए शिवेंद्र परमार की रिपोर्ट

DB गुप्ता बने राज्य के नए मुख्य सूचना आयुक्त, नारायण बारहठ और शीतल धनखड़ बने नए सूचना आयुक्त, जानिए पूरी खबर...

DB गुप्ता बने राज्य के नए मुख्य सूचना आयुक्त, नारायण बारहठ और शीतल धनखड़ बने नए सूचना आयुक्त, जानिए पूरी खबर...

जयपुरः मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जवाबदेही पारदर्शी और संवेदनशील प्रशासन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है इसके तहत आज मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में पूर्व सीएम और पीएम सलाहकार डीबी गुप्ता की नियुक्ति की है वही सूचना आयुक्त के दो रिक्त पदों पर वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारहठ और समाजसेवी शीतल धनखड़ की नियुक्ति की गई है इसके साथ ही राज्य सूचना आयोग में सारे पद भर दिए गए हैं. राजभवन की ओर से आज मुख्य सूचना आयुक्त के रूप में डीबी गुप्ता और सूचना आयुक्त के रूप में वरिष्ठ पत्रकार नारायण बारहठ और समाजसेवी शीतल धनखड़ की नियुक्ति का वारंट आज जारी कर दिया. इसके साथ ही राज्य सूचना आयोग के सारे रिक्त पद भर दिए गए हैं और पैनल पूरा हो गया है. आइये जानते हैं नए मुख्य सूचना आयुक्त और दो सूचना आयुक्तों के बारे में...

डीबी गुप्ता
-डीबी गुप्ता ब्यूरोक्रेसी का जाना-माना नाम है. सौम्य छवि,मृदुभाषी और मिलनसारिता के अपने व्यक्तित्व के कारण वे ब्यूरोकेट्स, राजनेता ही नहीं आम आदमी की भी पसन्द रहे हैं.

-यही कारण है कि जब उन्हें जुलाई 2020 में सीएस पद से हटाया तो प्रशासनिक हलकों में काफी आश्चर्य जताया गया। फिर उन्हें सीएम सलाहकार बनाया गया.

-1983 बैच के आईएएस रहे डीबी ने अर्थशास्त्र में एम. ए किया है.

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-1983 बैच के आईएएस डीबी गुप्ता प्रदेश में प्रशासन तंत्र से जुड़े कई अहम पदों पर रहे. 
-उन्होंने 30 अप्रैल 2018 से लेकर 2 जुलाई 2020 तक दो विपरीत विचारधारा वाली सरकारों में सीएस रहे. उन्होंने अपनी सर्विस डिलीवरी से दोनों ही सरकारों में छाप छोड़ी.

-जहां उन्होंने भाजपा की सरकार में पारदर्शी ब्यूरोक्रेट की छाप छोड़ी तो वहीं गहलोत सरकार में उन्होंने सीएम गहलोत की जनवादी सोच को नीतियों में ढाला और जमीनी धरातल पर उतारा.
-इनमें जवाबदेही बिल का पूरा ड्राफ्ट तैयार करवाना प्रमुख है.
-वहीं गांधीवादी दर्शन को लागू करवाना हो या कोरोना नियंत्रण के उपायों को लागू करवाना..डीबी ने सीएस के रूप में हर मोर्चे पर अग्रणी होकर कार्य किया.
-इससे पूर्व उन्होंने एसीएस वित्त
एसीएस पीडब्ल्यूडी, इंफ्रास्ट्रक्चर
यूडीएच प्रमुख सचिव, प्रमुख सचिव कृषि,प्लानिंग व देवस्थान की अलग अलग जिम्मेदारी अलग अलग समय संभाली.
-वे अर्बन गवर्नेंस के प्रमुख सचिव रहे तो उससे पहले जेडीसी जयपुर के रूप में उनका कार्यकाल काफी सफल रहा.
-वित्त सचिव के रूप में भी पहले उन्होंने काम किया.
-उससे पहले उन्होंने दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी में प्रिंसिपल कमिश्नर की भूमिका निभाई.
-वे वित्त विभाग में विशिष्ट सचिव की भूमिका निभा चुके हैं जबकि सिरोही और अजमेर के कलेक्टर के रूप में उन्होंने अपनी प्रशासकीय दक्षता की छाप छोड़ी थी.

नारायण बारहठ:
-बीबीसी में लंबे समय से पत्रकार रहे नारायण बारहठ का पत्रकारिता जगत में बड़ा नाम है. बारहठ ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान के सामाजिक और राजनीतिक सरोकारों को प्रमुखता से खबर के रूप में जगह और पहचान दिलाई है. इसी के मद्देनजर गहलोत सरकार के पूर्व के कार्यकाल में हरिदेव जोशी पत्रकारिता विश्वविद्यालय के  एसोसिएट प्रोफेसर बनाए गए थे. वहां से रिटायर होने के बाद वे स्वतंत्र पत्रकार के रूप में अपनी पकड़ लेखनी को पहचान दिलाते रहे अब उन्हें राज्य सूचना आयुक्त के पद की महती जिम्मेदारी मिली है.

शीतल धनखड़:
कांग्रेस नेता रणदीप धनखड़ की पुत्री शीतल धनखड़ को समाज सेवा विरासत में मिली है. वे करीब 10 वर्षों से समाजसेवा के कामों में सक्रिय भूमिका निभाती आई हैं उन्होंने गांवों में महिलाओं और बच्चों को शिक्षित करने का बड़ा काम किया है. उन्होंने दिल्ली के लेडी श्री राम कॉलेज से ग्रेजुएशन किया और जयपुर के एमजीडी स्कूल से स्कूलिंग की आरटीआई एक्टिविस्ट के बतौर भी वे सक्रिय भूमिका निभाती आई हैं.  कोरोना के मद्देनजर वर्चुअल बैठकें व सुनवाई करने पर जोर देनेवाली शीतल ने आम आदमी को समय पर सूचना देना अपनी प्राथमिकता बताया है. 

वहीं उनकी यह सोच है कि वर्चुअल बैठक होने से आम आदमी को अनावश्यक चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा. बहरहाल इन नई नियुक्तियों से राज्य सूचना आयोग की पेंडेंसी कम होगी और आम लोगों को सरकारी दफ्तरों से जुड़ी जरूरी सूचना है आसानी से मुहैया कराने की दिशा में काम हो सकेगा. वैसे अभी तक आयोग में जितने रिक्त पद थे उन पर नियुक्ति हो चुकी है. लेकिन सरकार चाहे तो कुल 10 पद सृजित कर सकती है. ऐसे में पांच और सूचना आयुक्त पद का सृजन करके उन्हें नियुक्ति सरकार दे सकती है. सूचना आयुक्त का कार्यकाल 65 साल पूरे होने तक या 3 वर्ष होता है.