केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का दौसा दौरा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का किया निरीक्षण

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का दौसा दौरा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का किया निरीक्षण

केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का दौसा दौरा, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे का किया निरीक्षण

जयपुर: केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने आज दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे का दौसा और बूंदी, सवाई माधोपुर के पास निरीक्षण किया. इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और समयबद्धता को लेकर अधिकारियों से बातचीत भी की. खुद गडकरी ने दौसा में विधायक गजराज खटाना के साथ एक्सप्रेस वे पर कार दौड़ाई. एक लाख करोड रुपए की लागत से बन रहे 1250 किलोमीटर लंबा दिल्ली मुंबई एक्सप्रेस वे दुनिया सबसे बड़ा एक्सप्रेस वे बनेगा. इसका 374 किलोमीटर लंबा हिस्सा राजस्थान के 7 जिलों से होकर निकल रहा है. 

एक्सेस कंट्रोल एक्सप्रेस वे पर राजस्थान में करीब 17000 करोड़ रुपए खर्च होंगे. जनवरी 2023 तक यह प्रोजेक्ट पूरा होने का लक्ष्य रखा गया है. अगले वर्ष मार्च में इस एक्सप्रेस वे पर दिल्ली से दौसा तक ट्रैफिक शुरू कर दिया जाएगा. आज दौसा जिले के मनावर में हुए निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि उनका सपना है कि दिल्ली से जयपुर तक एक इलेक्ट्रिक एक्सप्रेस वे बने, जिसमें सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही चलें इसके लिए विदेशी सलाहकार कंपनी के साथ बातचीत चल रही है. सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से हुआ तो जल्द ही इस पर काम भी शुरू हो जाएगा. 

गडकरी ने कहा कि वह जल्द ही ऐसा कानून लाने जा रहे हैं जिसके तहत दुपहिया वाहन सिर्फ इथेनॉल से चलाए जाएंगे. उन्होंने कहा कि जल्द ही वाहनों में और भी अब भारतीय संगीत वाद्यों की धुन के आधार पर हॉर्न लगाए जाएंगे जिनमें बांसुरी, तबला, शहनाई आदि शामिल हैं. उन्होंने कहा कि अगले 2 वर्ष में टोल प्लाजा हटा दिया जाएंगे. इनके स्थान पर वाहनों पर जीपीएस चिप लगेगी जिसके आधार पर स्वत: ही वाहन के सड़क पर आने पर टोल कट जाएगा. 

उन्होंने बताया कि एक्सप्रेस वे की अप डाउन लाइन के बीच बची भूमि पर फलों के पेड़ लगाए जाएंगे और इन फलों पर सिर्फ पक्षियों का ही हक होगा. इससे पर्यावरण में सुधार भी होगा और कार्बन उत्सर्जन भी कम होगा. उन्होंने बताया कि इस एक्सप्रेस वे का मुकंदरा क्षेत्र में एक कैमोफ्लाज एलिवेटेड फ्लाईओवर बनेगा जिससे वन्यजीवों को आवागमन में किसी तरह की असुविधा नहीं होगी और नीचे से एक्सप्रेस वे भी गुजर जायेगा. इस दौरान उन्होंने साफ तौर पर कहा कि भ्रष्टाचार व कभी सहन नहीं करते शिकायत मिली तो वह ऐसे अधिकारियों को रगड़ने में देर नहीं लगाते. 

उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और उनके कैबिनेट के साथ ही मंत्रियों की भी प्रशंसा की. कहा कि इस एक्सप्रेस वे के लिए जितनी भी अनापत्ति प्रमाण पत्र की जरूरत थी वह जल्द से जल्द मुख्यमंत्री गहलोत और उनके साथियों ने दिलवाई यही कारण है कि इस प्रोजेक्ट पर कार्य समय पर हो रहा है. गडकरी ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और पूर्व मंत्री यूनुस खान की भी प्रशंसा की. गडकरी ने कहा कि राजे और यूनुस खान उस दौर में लगातार उनसे मिलते रहे और राजस्थान के प्रोजेक्ट की लंबी फेहरिस्त उन्हें सौंपी. 

कार्यक्रम के दौरान गडकरी ने एक्सप्रेस वे निर्माण का निरीक्षण भी किया. इस दौरान उनके साथ सांसद जसकौर मीणा, राज्यसभा सांसद डॉ किरोडी लाल मीणा, वरिष्ठ मंत्री डॉक्टर बी डी कल्ला, बांदीकुई विधायक गजराज खटाना, एनएचएआई के क्षेत्रीय अधिकारी पवन कुमार और प्रोजेक्ट डायरेक्टर सहीराम सहित अन्य लोग मौजूद रहे. गडकरी ने कहा कि इस प्रोजेक्ट का लाभ जयपुर को मिले इसके लिए बांदीकुई से जयपुर अतिरिक्त स्ट्रेच तैयार करवाई जा रही है जो जयपुर को इस एक्सप्रेस वे से जोड़ देगी. उन्होंने दिल्ली जयपुर एनएच 8 के लिए भी 1200 करोड़ रुपए के काम जल्द शुरू करने की बात कही. कुल मिलाकर गडकरी कार्य से संतुष्ट नजर आए उम्मीद की जा रही है कि गडकरी के आने के बाद प्रोजेक्ट पर और तेजी से काम शुरू होगा और दुनिया का सबसे बड़ा दिल्ली मुंबई एक्सप्रेसवे जनवरी 2023 तक पूरी तरह बन जाएगा.
 

और पढ़ें