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मातारानी का अनोखा दरबार, जहां मां रुद्राणी ढाई प्याला शराब का करती है सेवन

मातारानी का अनोखा दरबार, जहां मां रुद्राणी ढाई प्याला शराब का करती है सेवन

मेड़ता सिटी: भारत भूमि ऋषि मुनियों और देवी देवताओं की पावन भूमि है, जहां प्राचीन काल से ऋषि मुनियों ने परमार्थ और मानव मात्र की सेवार्थ कठोर तपस्या और साधना से जन जन को अभिभूत किया. वहीं यहां ऐसे देवी देवताओं के मन्दिर और स्थान है, जो आज भी अपने चमत्कारों से आज के इस वैज्ञानिक युग में भी श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र बने है. ऐसा ही एक मंदिर मेड़ता सिटी में है, जहां माता जी ढाई प्याला शराब प्रसाद के रूप में ग्रहण करती है.

सच्चे मन से प्रसाद:
सुनने में अजीब लगता है, लेकिन यह सच है की माता रानी को सच्चे मन से प्रसाद चढ़ाया जाता है तो वो उसे ग्रहण करती है, लेकिन दिखावा या खोटी नियत से चढ़ाया प्रसाद वो नहीं लेती. कई बार ऐसा भी होता है की एक ही परिवार के कुछ सदस्यों से माता रानी ने प्रसाद स्वीकार किया, तो कुछ से सदस्यों से प्रसाद को नकार दिया. इस माता रानी के देश भर से वर्ष भर श्रदालु उमड़ते हैं.

रुद्राणी और ब्रह्माणी माता की दो प्रतिमाएं:
यह मंदिर लगभग 11वीं सदी में निर्मित माना जाता है. इतिहास की दृष्टि से और स्थानीय निवासियों के अनुसार-मन्दिर का जीर्णोद्धार कर अजमेर के चौहान वंशीय राजाओं ने रुद्राणी और ब्रह्माणी माता की दो प्रतिमाएं स्थापित की. इनकी रक्षार्थ काले और गौरे भेरू की दो प्रतिमाएं भी स्थापित की गई. जहा रुद्राणी माता की प्रतिमा भक्तों से चांदी के बने प्याले से ढाई प्याले मदिरा ग्रहण करती है. आधा शेष प्याला समीप स्थित भैरव को चढ़ाया जाता है. जबकि ब्राह्मणी माता को भक्त जन नारियल और चूरमा बाटी चढ़ाते है और मनोकामना पूरी होने पर रात्रि जागरण और दाल बाटी चूरमे का भोग लगाते हैं. 

शारदीय और चैत्र नवरात्र में भक्तों की भारी भीड़:
यूं तो मन्दिर में साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन शारदीय और चैत्र नवरात्र में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है. लगभग पुरे उत्तर भारत से भक्त यहां आते हैं. इसी वजह इन दिनों में आश्विन के नवरात्रा में घट स्थापना के साथ मन्दिर में विधिवत धार्मिक अनुष्ठानो और पूजा के साथ 9 दिवसीय उत्सव चल रहा है. इस पावन पर्व पर भक्तजन मां के दर्शन के लिए मंदिर में जाते हैं और प्रसाद चढ़ाते हैं. यहां प्रसाद के रूप में लड्डू, फल या फिर पेड़े नहीं बल्कि ढाई प्याला शराब चढ़ाई जाती है. 

तांत्रिक यूनिवर्सिटी के नाम से विख्यात:
कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण डाकूओं ने करवाया था. किसी जमाने में इस मंदिर की पहाड़ी से घी बहता था. शिलालेख से पता चलता है कि मंदिर का निर्माण विक्रम संवत् 1380 को हुआ था. मंदिर के चारों और देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं व कारीगरी की गई है. मंदिर के ऊपरी भाग में गुप्त कक्ष बनाया गया था, जिसे गुफा भी कहा जाता है. संसद जैसा दिखने वाला यह मंदिर तांत्रिक यूनिवर्सिटी कहलाता था. यहां माता काली व ब्राह्मणी दो स्वरूप में पूजी जाती हैं. स्‍थानीय लोग बताते हैं कि यह मंदिर काफी चमत्कारिक भी है, यहां से कोई भी भक्त कभी खाली हाथ नहीं जाता. विशेष तौर पर नवरात्र के अवसर पर हजारों लोग मनोकामना के लिए दूर-दूर से आते हैं, माता के चमत्कार से मनवांछित फल पाते हैं. 

डाकूओं को भेड़-बकरी के झुंड में बदल दिया:
बताया गया है कि मुगलों ने इस मंदिर में दर्शन बंद कर दिए थे, बाद में कई वर्षों बाद माता के दर्शन बहाल हुए. कहा जाता है कि भुवाल माता एक खेजड़ी के पेड़ के नीचे पृथ्वी से स्वयं प्रकट हुई थीं. इस स्थान पर डाकुओं के एक दल को राजा की फौज ने घेर लिया था. मृत्यु को निकट देखकर उन्होंने मां को याद किया. मां ने अपनी शक्ति से डाकूओं को भेड़-बकरी के झुंड में बदल दिया. इस प्रकार डाकूओं के प्राण बच गए और उन्होंने मंदिर का निर्माण करवाया.  

मदिरा चढ़ाने का एक नियम:
कोई भक्त मंदिर में मदिरा लेकर आता है, तो पुजारी उससे चांदी का ढाई प्याला भरता है. इसके बाद वह देवी के होठों तक प्याला लेकर जाता है. इस समय देवी के मुख की ओर देखना वर्जित होता है. माता अपने भक्त से प्रसन्न होकर तुरंत ही वह मदिरा स्वीकार कर लेती हैं. प्याले में एक बूंद भी बाकी नहीं रहती. माता को मदिरा चढ़ाने का एक नियम भी है. श्रद्धालु ने जितना प्रसाद चढ़ाने की मन्नत मांगी है, मां को उतने ही मूल्य का प्रसाद चढ़ाना होता है. न उससे कम और न उससे अधिक. नवरात्र में इस दौरान यहां देश-विदेश से कई लोग आते हैं और माता को मदिरा का भोग लगते देख हैरान रह जाते हैं. माता के इस दरबार के कई चमत्कारिक किस्से इस क्षेत्र के लोग सुनाते हैं. कहा जाता है कि जो भी भक्त मन से इस मंदिर में अपनी मुराद लेकर आया कभी खाली हाथ नहीं लौटा. यूं तो और कई चमत्कारिक मंदिर हैं मगर इस मंदिर की कुछ अलग ही विशेषता है. 

... मेड़ता सिटी से सुनील पुरी की रिपोर्ट 

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बहुचर्चित डांगावास हत्याकांड मामले में दो आरोपियों ने कोर्ट में किया सरेंडर

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मेड़ता सिटी: बहुचर्चित डांगावास हत्याकांड मामले में शेष रहे आज दो आरोपियों ने अपने आप को कोर्ट में सरेंडर कर दिया है. अब तक मामले में सभी आरोपी न्यायिक हिरासत में आ चुके हैं. सीबीआई ने मामले में 40 आरोपियों को के खिलाफ चार्जशीट पेश की थी, आज अंतिम शेष रहे आरोपी ओमाराम संपतराम ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया है.

दलितों ने जगह-जगह किए आंदोलन:
दरअसल 14 मई 2015 को ग्राम डांगावास में हुए जमीनी विवाद को लेकर हत्याकांड के मामले में एक पक्ष के 1 व दूसरे पक्ष के पांच व्यक्तियों की हत्या हुई थी. घटना के बाद प्रदेशभर में धरना-प्रदर्शन हुए थे. अपराधियों को पकड़ने में पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने को लेकर दलितों ने जगह-जगह आंदोलन किए. मामले में कुल 30 आरोपी पुलिस की पकड़ में थे और 10 आरोपी काफी समय से पुलिस की पकड़ से दूर रहे. शेष बचे आरोपियों को पकड़ने के लिए सीबीआई ने 50 - 50 हजार का इनाम घोषित किया था. इनमें से सीबीआई ने एक आरोपी को जोधपुर क्षेत्र के ग्रामीण क्षेत्र में दबोचा गया अन्य 9 आरोपियों ने स्वयं को एक के बाद एक करके कोर्ट में सरेंडर कर दिया. 

... मेड़ता सिटी से सुनील पुरी की रिपोर्ट 

पुलिस ने लुटेरी दुल्हन को किया गिरफ्तार, आरोपी प्रियंका ने भी दर्ज करवाया दुष्कर्म का मामला

पुलिस ने लुटेरी दुल्हन को किया गिरफ्तार, आरोपी प्रियंका ने भी दर्ज करवाया दुष्कर्म का मामला

मेड़ता सिटी(नागौर): मेड़ता सिटी पुलिस ने एक लुटेरी दुल्हन को गिरफ्तार किया है जिसने अपने पति के इशारे पर फर्जी दुल्हन बन कर 1 लाख 80 हजार  रुपए ठग लिए. फिर उसके बाद फरार हो गई. जब पीड़िता ने धोखा धड़ी का मामला दर्ज करवाया तो बदले में उस पर दुष्कर्म का मामला भी दर्ज करा दिया. 

कोर्ट ने आरोपी महिला को 2 दिसम्बर तक जेल भेज दिया: 
इस प्रकरण में अब पुलिस ने आरोपी ठगोरी दुल्हन प्रियंका को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया. उसके बाद कोर्ट ने आरोपी महिला को 2 दिसम्बर तक जेल भेज दिया है. वहीं अभी तक उसका वास्तविक पति फरार है. पुलिस को अब उसकी तलाश है.  आरोपी दुल्हन थांवला अंतर्गत गांव शेखपुरा निवासी प्रियंका पत्नी जितेंद्र वैष्णव है.  पुलिस अब समूचे प्रकरण की गहनता से जांच कर रही है. पुलिस के अनुसार 17 जुलाई 2019 को मेड़ता सिटी के पास में पादू थाना अंतर्गत गांव मंडावरा निवासी सोहन दास वैष्णव पुत्र ओमप्रकाश ने मुकदमा दर्ज कर बताया कि पीलवा अंतर्गत पीह निवासी जितेंद्र वैष्णव ने उसे बताया कि उसकी बुआ की लड़की प्रियंका तलाकशुदा है जिसे वे शादी कराने को तैयार है. उस पर सोहन दास ने हां भर दी और फिर जितेंद्र ने उसकी पत्नी प्रियंका को अपनी बुआ की लड़की बताकर सोहनदास से 1 जुलाई 2019 को शादी करवा दी. शादी के बाद दुल्हन प्रियंका ने सोहन दास से 1लाख 80 हजार रूपए ठग लिये.

अपहरण की झूठी कहानी बताई: 
इसके बाद प्रियंका जब कई दिन तक घर नहीं आई तो उसके ससुर खेमचंद ने बेटे से पूछताछ की तो उसने अपहरण की झूठी कहानी बताई तथा उसे मंडावरा के सोहन दास वैष्णव के घर बंधक होना बताया. इस पर ससुर खेमचंद ने मेड़ता एसडीएम के समक्ष 5 जुलाई को एक दरख्वास्त पेश कर बहू को छुड़ाने की गुहार की. इस पर एसडीएम के आदेश पुलिस ने 15 जुलाई को कथित बहू प्रियंका को सोहन दास के घर से छुड़वा लिया. तब परिवादी सोहनदास को पता चला कि यह ठगोरी है तथा वह ठगी का शिकार हो गया है. इस पर सोहन दास ने 17 जुलाई 2019 को मेड़ता सिटी थाने में प्रियंका वैष्णव व उसके पति जितेंद्र के खिलाफ आईपीसी धारा 420 के तहत झूठी शादी करा कर 1लाख 80 हजार रूपए  हड़पने का मामला दर्ज करवाया.

आरोपी प्रियंका ने भी दर्ज करा दिया दुष्कर्म का मामला: 
सोहनदास ने ठगी का मामला दर्ज करवाया तो उसकी कथित विवाहिता प्रियंका वैष्णव ने भी आरोप लगाए. सोहनदास उसका पुराना परिचित है तथा उसने उसकी मां के बीमार होने का बोलकर उसका अपहरण किया तथा कोर्ट में हस्ताक्षर करवाऐ, फिर उसे बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया. मामला दर्ज होने के बाद पुलिस भी समझ नहीं पाई कि आखिरकार सच्चाई क्या है. 

धोखाधड़ी के मामले की जांच के बाद पकड़ में आई दुल्हन: 
थानाधिकारी गंगाराम विश्नोई ने बताया कि मुकदमा दर्ज होने के बाद ठगोरी दुल्हन ने पहले तो पुलिस को सारे बयान दिए मगर बार-बार अपने निवास को बदलते रही, उन्होंने जब दस्तावेज देकर तो पता चला कि उसने न्यायालय में ₹500 के स्टांप पर नोटरी वकील के सामने विवाह इकरारनामा कर रखा है और उसे तलाकशुदा होना बताकर एक बेटे की मां बताया है. जबकि वास्तव में उसकी शादी जितेंद्र के साथ हो रखी है, और उसके साथ ही रहती थी और पूरी जांच की गई तो यह दुल्हन 3 बच्चों की मां निकली. इस आधार पर उसको गिरफ्तार किया गया है तथा उसके पति की तलाश जारी है और इसके ससुर खेमचंद की भूमिका की भी जांच की जाएगी. 
 

नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी कलयुगी टीचर को आजीवन कारावास, 4 लाख का जुर्माने लगाया

नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के आरोपी कलयुगी टीचर को आजीवन कारावास, 4 लाख का जुर्माने लगाया

मेड़ता सिटी(नागौर): नाबालिग से दुष्कर्म मामले में मंगलवार को कलयुगी टीचर को मेड़ता स्थित विशिष्ट न्यायालय की न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने आजीवन कारावास की सजा और 4 लाख जुर्माने की सजा सुनाई है. घटना 2015 में मौलासर थाने की है जहां निजी विद्यालय के अध्यापक चेनाराम मेघवाल ने अपनी छात्रा 16 वर्षीय बालिका को बार बार हवस का शिकार बनाया जिसकी जानकारी परिजनों को मिलने पर लड़की के मामा ने मौलासर थाने में रिपोर्ट पेश की पुलिस ने आरोपी को पकड़ थाने में चालान पेश किया. 

आरोपी को कठोर आजीवन कारावास: 
मेड़ता स्थित विशिष्ट न्यायलय में मामले में पैरवी विशिष्ट लोक अभियोजक सुमेर बेड़ा द्वारा की गई. मामले में पॉक्सो न्यायधीश रेखा राठौड़ ने भादस 366 एवं 3/4 पॉक्सो एक्ट के तहत आरोपी को कठोर आजीवन कारावास व चार लाख के अर्थदण्ड का  फैसला सुनाते हुए निर्देश दिए. साथ ही जुर्माने की राशि मे से 50 हजार रुपये पीड़िता को शिक्षा के लिए दिए जाने के निर्देश दिए. 

एक ऐसा मंदिर जहां मातारानी करती है ढाई प्याला शराब का सेवन

एक ऐसा मंदिर जहां मातारानी करती है ढाई प्याला शराब का सेवन

मेड़ता सिटी(नागौर): भारत भूमि ऋषि मुनियो और देवी देवताओ की पावन भूमि है. जहां प्राचीन काल से ऋषि मुनियो ने परमार्थ और मानव मात्र की सेवार्थ कठोर तपस्या और साधना से जन जन को अभिभूत किया. वहीं यहां ऐसे देवी देवताओ के मन्दिर और स्थान है जो आज भी अपने चमत्कारो से आज के इस वैज्ञानिक युग में भी श्रदालुओं की आस्था के केंद्र बने हुए है. 

दिखावा या खोटी नियत से चढ़ाया प्रसाद नहीं लेती माता रानी: 
यह मंदिर लगभग 11वीं सदी में निर्मित माना जाता है. जहां माता जी ढाई प्याला शराब प्रसाद के रूप में ग्रहण करती है. सुनने में भले ही यह अजीब लगता है लेकिन यह सच है की माता रानी को सच्चे मन से प्रसाद चढ़ाया जाता है तो वो उसे ग्रहण करती है लेकिन दिखावा या खोटी नियत से चढ़ाया प्रसाद वो नहीं लेती. कई बार ऐसा भी होता है की एक ही परिवार के कुछ सदस्यों से माता रानी ने प्रशाद स्वीकार किया तो कुछ सदस्यों से प्रशाद को नकार दिया. 

मंदिर का जीणोदार अजमेर के चौहान वंशीय राजाओ ने करवाया: 
इतिहास की दृष्टि से स्थानीय निवसियों के अनुसार मंदिर का जीणोदार अजमेर के चौहान वंशीय राजाओ ने रुद्राणी और ब्रह्माणी माता की दो प्रतिमाये स्थापित की इनकी रक्षार्थ काले और गौरे भेरू की दो प्रतिमाये भी स्थापित की जहां रुद्राणी माता की प्रतिमा भक्तों से चांदी के बने प्याले से ढाई प्याले मदिरा ग्रहण करती है. आधा शेष प्याला समीप स्तिथ भैरव को चढ़ाया जाता है. ब्राह्मणी माता को भक्त जन नारियल और चूरमा बाटी चढ़ाते है और मनोकामना पूरी होने पर रात्रि जागरण और दाल बाटी चूरमे का भोग लगते है. 

शारदीय और चैत्र नवरात्र में श्रदालुओं की भारी भीड़: 
यूं तो मन्दिर में साल भर भक्तों का तांता लगा रहता है लेकिन शारदीय और चैत्र नवरात्र में श्रदालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है. लगभग पूरे उत्तर भारत से भक्त यहां आते है. इसी वजह इन दिनों में आश्विन के नवरात्रा में घट स्थापना के साथ मन्दिर में विधिवत धार्मिक अनुष्ठानों और पूजा के साथ 9 दिवसीय उत्सव चल रहा है. 

नवरात्र के मौके पर यहां भक्तों का भारी जमावड़ा लगता है: 
इस पावन पर्व पर भक्तजन मां के दर्शन के लिए मंदिर में जाते हैं और प्रसाद चढ़ाते हैं. यहां प्रसाद के रूप में लड्डू, फल या फिर पेड़े नहीं बल्कि ढाई प्याला शराब चढ़ाई जाती है. नवरात्र के मौके पर यहां भक्तों का भारी जमावड़ा लगता है. लोग दूर-दराज से इस चमत्कारिक मंदिर के दर्शन करने आते हैं. इस मंदिर की मान्यता है कि यहां माता ढाई प्याला शराब ग्रहण करती हैं. साथ ही बचे हुए प्याले की शराब को भैरव पर चढ़ाया जाता है.  

इस मंदिर का निर्माण डाकूओं ने करवाया था: 
कहा जाता है कि इस मंदिर का निर्माण डाकूओं ने करवाया था. किसी जमाने में इस मंदिर की पहाड़ी से घी बहता था. शिलालेख से पता चलता है कि मंदिर का निर्माण विक्रम संवत् 1380 को हुआ था. मंदिर के चारों ओर देवी-देवताओं की सुंदर प्रतिमाएं व कारीगरी की गई है. मंदिर के ऊपरी भाग में गुप्त कक्ष बनाया गया था, जिसे गुफा भी कहा जाता है. संसद जैसा दिखने वाला यह मंदिर तांत्रिक यूनिवर्सिटी कहलाता था. यहां माता काली व ब्राह्मणी दो स्वरूप में पूजी जाती हैं. मंदिर में आने वाले भक्तजन ब्रह्माणी देवी को मिठाई और काली को शराब का भोग चढ़ाते हैं. स्‍थानीय लोग बताते हैं कि यह मंदिर काफी चमत्कारिक भी है, यहां से कोई भी भक्त कभी खाली हाथ नहीं जाता. विशेष तौर पर नवरात्र के अवसर पर हजारों लोग मनोकामना के लिए दूर-दूर से आते हैं, माता के चमत्कार से मनवांछित फल पाते हैं.  

मुगलों ने इस मंदिर में दर्शन बंद कर दिए थे: 
बताया गया है कि मुगलों ने इस मंदिर में दर्शन बंद कर दिए थे, बाद में कई वर्षों बाद माता के दर्शन बहाल हुए. कहा जाता है कि भुवाल माता एक खेजड़ी के पेड़ के नीचे पृथ्वी से स्वयं प्रकट हुई थीं. इस स्थान पर डाकुओं के एक दल को राजा की फौज ने घेर लिया था. मृत्यु को निकट देखकर उन्होंने मां को याद किया. मां ने अपनी शक्ति से डाकूओं को भेड़-बकरी के झुंड में बदल दिया. इस प्रकार डाकूओं के प्राण बच गए और उन्होंने मंदिर का निर्माण करवाया.  

माता को मदिरा का भोग लगते देख हैरान रह जाते कई लोग: 
कोई भक्त मंदिर में मदिरा लेकर आता है तो पुजारी उससे चांदी का ढाई प्याला भरता है. इसके बाद वह देवी के होठों तक प्याला लेकर जाता है. इस समय देवी के मुख की ओर देखना वर्जित होता है. माता अपने भक्त से प्रसन्न होकर तुरंत ही वह मदिरा स्वीकार कर लेती हैं. प्याले में एक बूंद भी बाकी नहीं रहती. माता को मदिरा चढ़ाने का एक नियम भी है. श्रद्धालु ने जितना प्रसाद चढ़ाने की मन्नत मांगी है, मां को उतने ही मूल्य का प्रसाद चढ़ाना होता है न उससे कम और न उससे अधिक. नवरात्र में इस दौरान यहां देश-विदेश से कई लोग आते हैं और माता को मदिरा का भोग लगते देख हैरान रह जाते हैं. माता के इस दरबार के कई चमत्कारिक किस्से इस क्षेत्र के लोग सुनाते हैं. कहा जाता है कि जो भी भक्त मन से इस मंदिर में अपनी मुराद लेकर आया कभी खाली हाथ नहीं लौटा. यूं तो और कई चमत्कारिक मंदिर हैं मगर इस मंदिर की कुछ अलग ही विशेषता है. 

...सुनील पुरी फर्स्ट इंडिया न्यूज मेड़ता सिटी, नागौर
 

15 साल की नाबालिग से दुष्कर्म का मामले में आरोपी चाचा को 10 साल की सजा

15 साल की नाबालिग से दुष्कर्म का मामले में आरोपी चाचा को 10 साल की सजा

मेड़ता सिटी: नागौर जिले के मेड़ता सिटी में पोक्सो न्यायालय ने आज दुष्कर्म के एक मामले में अहम फैसला सुनाया. 15 वर्षीय नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी चाचा को 10 साल के कठोर कारावास से दंडित किया है. 

विशेष लोक अभियोजक सुमेर बेड़ा ने बताया कि मामला वर्ष 2016 के बड़ी खाटू थाने से जुड़ा हुआ है. मामले में पीड़िता के चाचा में थाने में पेश होकर जाबिद उर्फ पिनु के खिलाफ बहलाफुसलाकर भगा ले जाने व दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया. मामले में बड़ी खाटू थाना पुलिस ने मामले में कोर्ट में चालान पेश किया. इस पूरे मामले में पोक्सो न्यायाधीश रेखा राठौड़ ने अहम फैसला सुनाते हुए आरोपी जाबिद ऊर्फ़ पिनु को 10 साल के कठोर कारावास व जुर्माने से दंडित किया है.

भक्त शिरोमणि मीराबाई की पावन नगरी में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा जन्माष्टमी का त्योहार

भक्त शिरोमणि मीराबाई की पावन नगरी में हर्षोल्लास से मनाया जा रहा जन्माष्टमी का त्योहार

मेड़ता सिटी(नागौर): कृष्ण भक्तों में सबसे अनन्य भक्त कही जाने वाली भक्त शिरोमणि मीराबाई की पावन नगरी मेड़ता सिटी में भी जन्माष्टमी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है. शहर में शाम को छोटे चारभुजा मंदिर व पदम कुमारों के मंदिर में विशेष झांकियां सजाई जाएगी. इसके साथ ही शहर के गली मोहल्ले चौराहे सभी जगह रंग बिरंगी झांकियां सजाई जाएगी. भगवान कृष्ण के जीवन काल से जुड़ी हुई घटनाओं उनकी रास लीलाओं को झांकियों के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा. झांकिया सजाने को लेकर तैयारियां शुरु हो गई है. इन सजीव झांकियों को देखने के लिए शहर की हर कोई महिला पुरुष व बच्चे आज देखने को उत्सुक है. 

मटकी फोड़ कार्यक्रम आयोजित होगा: 
साल भर से इंतजार करने के बाद आज रात्रि में इन झांकियों को सजाया जाएगा. झांकियों को सजाने के लिए स्थानीय के साथ ही दूर-दूर से कलाकार आकर अपनी कलाकृतियों के माध्यम से भगवान कृष्ण की लीलाओं को आमजन के सामने कला के माध्यम से झांकियां सजाकर प्रकट करेंगे. वही मीरा नगरी में प्रशासन की ओर से मटकी फोड़ कार्यक्रम आयोजित होगा. इस मटकी फोड़ कार्यक्रम में शहर की अनेक टीमें भाग लेगी. हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी मटकी समारोह आयोजित होगा जिसमें मटकी फोड़ने वाली विजेता टीम को पुरस्कृत किया जाएगा. 

6 से 12 अगस्त को यहां मीरा महोत्सव मनाया जाता है:
ज्ञातव्य है कि भगवान श्री कृष्ण की अनन्य भक्त शिरोमणि मीराबाई की इस पावन मीरा नगरी मेड़ता सिटी में देशभर की विशेष नजर रहती है. हालांकि यहां इस तरह का कोई विशेष कार्यक्रम आयोजित नहीं होता है क्योंकि हर वर्ष 6 से 12 अगस्त को यहां मीरा महोत्सव मनाया जाता है. मीरा महोत्सव के दिन ही विभिन्न प्रकार के धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं. ठाकुर जी की शोभायात्रा निकलती है मन्दिर में खड़ी सप्ताह का आयोजन होता है. शहर के सर्व धर्म की मंडली इसमे भजन गायन करती है. इस दौरान भक्तिमय वातावरण रहता है. इसलिए उन दिनों में काफी चारभुजा मंदिर में मीरा नगरी में चल पहल होती है. इस वजह से इस समय ही विशेष कार्यक्रम आयोजित होते है फिर भी जन्माष्टमी के अवसर पर जो अन्य क्षेत्र में होते है वैसे ही सामान्य कार्यक्रम का आयोजन होंगे. 

कोर्ट परिसर में विवाहित महिला को पति ने दिया तीन तलाक

कोर्ट परिसर में विवाहित महिला को पति ने दिया तीन तलाक

मेड़ता सिटी(नागौर): मेड़ता थाने में जिले का पहला तीन तलाक का मामला दर्ज हुआ है. दहेज प्रताड़ना से पीड़िता ने मुकदमे में भरण-पोषण की मांग को लेकर न्यायालय में पेशी पर आई थी. इसी दौरान पति ने कोर्ट परिसर में ही तीन बार तलाक, तलाक, तलाक कह दिया. पीड़िता द्वारा दर्ज कराए मामले की अनुसंधान अधिकारी सीआई अमरराम खोखर ने जांच शुरू कर दी. 

भरण-पोषण के मुकदमे की पेशी में न्यायलय आयी थी पीड़िता: 
थांवला थाना अंतर्गत आलनियावास गांव निवासी मुस्लिम महिला परिवादिया ने अपने पति के खिलाफ मामले में दहेज प्रताड़ना व भरण-पोषण के मुकदमे की पेशी के लिए मेड़ता न्यायालय में आयी थी. पीड़िता को उसके पादूकलां निवासी पति शाबिर मोहमद, सास रोशनी बानो, ससुर सुबाहन मोहमद के कहने पर कोर्ट परिसर में ही पति ने तीन तलाक कह दिया. जिस पर पीड़िता ने थाने में अपने पति के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है.  

तीन तलाक कानून के तहत मामला दर्ज: 
थानाधिकारी ने बताया कि आरोपी पति के खिलाफ तीन तलाक को लेकर बनाए गए नए अधिनियम महिला विवाह अधिकार संरक्षण अधिनियम 2019 के तहत मामला दर्ज कर दिया है. अब मामले को लेकर जांच जारी है. शीघ्र ही आरोपी गिरफ्तार कर लिया जाएगा. 

सांसद बनने के बाद पहली बार मेड़ता पहुंची दिया कुमारी ने किए चारभुजा नाथ मंदिर में दर्शन

सांसद बनने के बाद पहली बार मेड़ता पहुंची दिया कुमारी ने किए चारभुजा नाथ मंदिर में दर्शन

मेड़ता सिटी(नागौर): नवनिर्वाचित राजसमन्द सांसद दिया कुमारी ने आज मेड़ता सिटी का दौरा किया. सांसद बनने के बाद पहली बार मीरा नगरी मेड़ता पहुंची सांसद दिया कुमारी ने चारभुजा नाथ व मीराबाई मंदिर में दर्शन किए. उसके बाद भाजपा के पांचों मंडलों की बैठक में भाग लिया. 

दिया कुमारी ने रिकॉर्ड मतों से जिताने पर जनता को धन्यवाद दिया
इस दौरान दिया का जगह-जगह बैंड बाजों से दिया कुमारी का स्वागत किया गया. साथ ही भाजपा नेता, कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधियों ने पुष्प माला भेंट कर उनका अभिनन्दन किया. दिया कुमारी ने भी रिकॉर्ड मतों से जिताने पर जनता का धन्यवाद दिया. इसके बाद मीडिया से रूबरू होते हुए दिया कुमारी ने क्षेत्र की समस्याओं को संसद में पूर जोर से उठाने की बात कही. साथ ही समय-समय पर जनता के बीच आकर जनसुनवाई का भी वादा किया. 

केंद्र सरकार पूर्ण रूप से सबका साथ सबका विकास करेगी
मीडिया से बात करते हुए दिया कुमारी ने कहा कि एक ही व्यक्ति ने चुनाव लड़ा वो है नरेंद्र मोदी. दीया ने कहा की वह विकास के लिए हर संभव प्रयास करेगी. उन्होंने कहा कि पुष्कर से मेड़ता के लिए रेल्वे जीएम से मिली है वो जल्द ही यह कार्य शुरू करने की बात कह रहे है. दीया ने कहा कि केंद्र सरकार पूर्ण रूप से सबका साथ सबका विकास करेगी. साथ ही उन्होंने आगामी पंचायत चुनावों में भी भाजपा कार्यकर्ताओं को मेहनत करके भारी सफलता दिलाने की बात कही. 

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