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VIDEO: राजस्थान में संघ के अनूठे ईकोफ्रेंडली शिविर, पानी के बजाये मिट्टी से साफ किये गये बर्तन

VIDEO: राजस्थान में संघ के अनूठे ईकोफ्रेंडली शिविर, पानी के बजाये मिट्टी से साफ किये गये बर्तन

जयपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ नये दौर में है, लिहाजा नई सीख अपने स्वयंसेवकों को देने में जुटा है. आर एस एस के शिक्षा वर्ग युवाओ के बीच संघ के नवाचारों को पहुंचाने का सटीक माध्यम है. राजस्थान में इस बार संघ के चार शिविर लगे. तीन प्राथमिक वर्ष और एक द्वितीय वर्ष के स्वयंसेवकों का वर्ग शिविर आयोजित हुआ. सभी शिविरों में ईकोफ्रेंडली सिद्धांत अपनाया गया. पानी अनमोल है, इसी सीख को प्रदर्शित करते हुये इसके संचय पर फोकस किया गया, बर्तन पानी के बजाये मिट्टी से धोये गये. द्वितीय वर्ष में सरसंघचालक मोहन राव भागवत मौजूद रहे थे, भागवत ने भी अपने हाथों से मिट्टी से बर्तनों को धोया. संघ की सोच थी कम से कम 20 हजार लीटर पानी बचाया जाये.  खास रिपोर्ट:

ईकोफ्रेंडली लगे संघ के प्राथमिक और द्वितीय वर्ष के शिविर:
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ हर बार की तरह ग्रीष्मकाल के दौरान विभिन्न जगहों पर प्राथमिक और द्वितीय शिक्षा वर्गो का आयोजन करता है. प्राथमिक और प्रथम शिक्षा वर्गो के जरिये किशोर औऱ युवाओं को संघ की रीति-नीति और सिद्धांतो से अवगत कराया जाता है. राजस्थान में संघ को तीन क्षेत्रों के आधार पर जाना जाता है जयपुर, जोधपुर औऱ चितौड़. जयपुर प्रांत के हिंडौन, जोधपुर प्रांत के बाडमेर, चितौड़ प्रांत के शाहपुरा और केकड़ी में प्राथमिक वर्गो के शिविरों की शुरुआत हुई. उदयपुर प्रांत के उदयपुर में ही द्वितीय वर्ष का संघ शिक्षा वर्ग आयोजित किया गया. इसी शिविर में  सरसंघचालक डॉ मोहन राव भागवत ने भाग लिया और स्वयंसेवकों के बीच रहकर उन्हें बौद्धिक दिया. 40 वर्ष से अधिक आयु के स्वयंसेवकों के लिये जोधपुर प्रांत के मथानिया में विशेष वर्ग का शिविर लगाया गया. संघ के शिक्षा वर्गो की थीम रखी गई 'ईको फ्रेंडली और समरसता'. राजस्थान से अधिक पानी का महत्व कोई नहीं समझ सकता. बूंद बूंद का यहां महत्व है. लिहाजा वर्ग शिविरों में बर्तनों को पानी से नहीं धोया गया बल्कि मिट्टी से साफ किया गया. जल बचाने के लिये आर एस एस प्रमुख मोहन राव भागवत ने खुद उदयपुर में बर्तनों को मिट्टी से साफ किया और पानी के संचय का संदेश देने का काम किया. राजस्थान के तीनों प्रांतो में लगे शिविर प्लास्टिक जोन थीम पर आधारित रहे. साथ ही विभिन्न घरों से आई चपातियों से दिया गया समरसता का संदेश. 

आरएसएस ईकोफ्रेंडली:
ईकोफ्रेंड़ली थीम:

—राजस्थान में संघ के जयपुर, जोधपुर व चितौड़ प्रांत में शिक्षा वर्ग चल रहे
—तीनों वर्ग शिविर ईको फ्रेंड़ली थीम पर रहे आधारित
—पानी, बिजली की बचत का दिया गया संदेश
—बर्तन पानी से नहीं बल्कि मिट्टी से साफ किये जा रहे 
—पानी बचाने के लिये डिटर्जेन्ट साबुन का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा
—20हजार लीटर पानी बचाने का लक्ष्य
—पर्यावरण के मद्देनजर वर्ग शिविर में प्लास्टिक प्रतिबंधित की गई
—नो प्लास्टिक जोन आधारित रहे वर्ग
—घरो से आ रही चपातियों में भी नो प्लास्टिक सिद्धांत लागू रहा
—स्वयंसेवकों से पौधे लगवा कर दिया गया पौधारोपण का संदेश
—पौधारोपण की भावना विकसित करने पर रहा जोर
—बौद्धिक के दौरान कैसे ईकोफ्रेंड़ली कैसे बने यह बताया गया
—ग्रामीण जीवन शैली की खूूबियां बताई गई
—पानी-बिजली बचाने के विचार स्वयंसेवकों को बताये गये
—सादा जीवन शैली के गुण बताये गये

समरसता की थीम:
—संघ के शिक्षा वर्गो में भोजन के दौरान चपाती का निर्माण नहीं हो रहा
—केवल सब्जियां ही यहां बनाई जा रही
—जहां वर्ग चल रहे वहां आस-पास के घरों से चपातियां आती है
—सुबह-सुबह ही चपाती लेने के लिये संघ टोली निकल पड़ती है
—केवल सब्जी का निर्माण शिविर के दौरान होता है
—चपाती किस समाज या घर से आई यह भेद बिलकुल भी नहीं होता
—सभी चपातियों को मिलाकर फिर वितरित किया जाता है
—वर्ग के दौरान सब एक साथ भोजन करते है   
—चपाती के जरिये समरसता का संदेश देने की कोशिश

पांच व्यक्तियों से हुई थी संघ की शुरुआत:
नागपुर के छोटे से मोहिते बाड़े में 1925 में डॉ केशव राम बलिराम हेड़गेवार ने जब संघ की स्थापना की थी. तब किसी ने नहीं सोचा था कि पांच व्यक्तियों के जरिये रोपा गया संघ का बीज एक दिन विराट वट वृक्ष के तौर पर खड़ा हो जायेगा. आज हम देख सकते है राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ दुनिया का सबसे बड़ा सामाजिक-सांस्कृतिक संगठन है. हिन्दुत्व के विचारों पर चलने वाला यह संगठन देश में राष्ट्रवाद के सिद्धांत का प्रचार करता है. अपने सफर में खुद को सशक्त और संघर्षवान बनाने के लिये संघ ने समय समय पर नवाचारों को अपनाया. राजस्थान का नागौर भी बदलाव का साक्षी बना था तब संघ के स्वयंसेवकों ने हाफ पेंट त्याग कर फुल पेंट पहनी थी. चमड़े की बेल्ट तो पहले ही त्याग दी गई थी. यह वही संघ है जो पं नेहरु  के बुलावे पर दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड़ में शामिल हुआ तो वहीं सरदार पटेल के कहने से कश्मीर मसले में दखल दिया. संघ के नवाचारों को देखने के लिये राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और बाबा साहेब अम्बेड़कर तक ने संघ की शाखाओं को देखा और सराहा. आज देश के प्रधानमंत्री पद पर आसीन नरेन्द्र मोदी खुद आरएसएस के प्रचारक रह चुके. आरोप लगे तो प्रतिबंध भी झेला, लेकिन नवाचारों को नहीं छोड़ा औऱ ना ही हिन्दुत्व-राष्ट्रवाद को. 

संघ के नवाचारों का एक बार फिर गवाह बना राजस्थान. यहां क्षेत्रीय इकाई ने समरसता और पर्यावरण केन्द्रित शिविरों के आयोजन में अग्रणी भूमिका निभाई. खुद सरसंघचालक मोहन राव भागवत ने उदयपुर के द्वितीय वर्ष के शिविर में रहकर साक्षी बने. प्रांत के प्रचारकों ने अपने संदेशों के जरिये स्वयंसेवकों यह बात सीखाने में अधिक ध्यान लगाया. 'सेव वॉटर, सेव अर्थ', 'पर्यावरण बचाओ, धरती को बचाओ'. 

... संवाददाता योगेश शर्मा की रिपोर्ट

 


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आज से किसानों के लिए उपज रहन ऋण वितरण योजना का शुभारंभ, 25 हजार किसानों को मिलेगा लाभ

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जयपुर: सहकारिता मंत्री उदयलाल आंजना ने बताया कि 1 जून को सभी जिलों में ग्राम सेवा सहकारी समितियां किसानों को रहन ऋण वितरण कर उपज रहन ऋण योजना का शुभारंभ करेगी. कोविड-19 महामारी के दौर में किसानों को कम दामों पर फसल नहीं बेचनी पड़े इसके लिए मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 3 प्रतिशत ब्याज दर पर उपज रहन ऋण देने का फैसला किया है. इसे अमलीजामा देते हुए जून माह में 25 हजार किसानों को योजना के तहत लाभ प्रदान करने का लक्ष्य रखा हैं.

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किसान को अपनी उपज का 70 प्रतिशत ऋण मिलेगा:
आंजना ने बताया कि ग्राम सेवा सहकारी समितियों के सदस्य लघु एवं सीमान्त किसानों को 1.50 लाख रूपये तथा बड़े किसानों को 3 लाख रूपये रहन ऋण के रूप में मिलेंगे. किसान को अपनी उपज का 70 प्रतिशत ऋण मिलेगा. इससे किसान की तात्कालिक वित्तीय आवश्यकताएं पूरी होगी. बाजार में अच्छे भाव आने पर किसान अपनी फसल को बेच सकेगा. उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष कृषक कल्याण कोष से 50 करोड रूपये का अनुदान इस योजना के लिए किसानों को मिलेगा. प्रमुख सचिव सहकारिता एवं कृषि नरेश पाल गंगवार ने बताया कि योजना में पात्र समितियों का दायरा बढ़ाकर इसे 5500 से अधिक किया गया है. 

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किसान को रहन ऋण देने की राजस्थान की यह विशेष पहल:
भारत में सबसे कम ब्याज दर 3 प्रतिशत पर किसान को रहन ऋण देने की राजस्थान की यह विशेष पहल है. जो किसानों एवं समितियों की आय में वृद्धि करेगी. अधिक से अधिक पात्र किसानों को उपज रहन ऋण देकर उनकी तात्कालिक आवश्यकता को पूरा करने में सहकारी समितियां मदद करेगी. गंगवार ने बताया कि सरकार की मंशा है कि प्रतिवर्ष 2 हजार करोड़ रूपये रहन ऋण के रूप में किसानों की मदद की जाए. जिसे मूर्त रूप दिया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस कार्य में लगे कार्मिकों के लिए भी प्रोत्साहन योजना लाई जाएगी. जिलों के प्रबंध निदेशकों को निर्देश दिए गए है कि  रहन ऋण वितरण कर किसानों को लाभान्वित किया जाए.

VIDEO: आज से खुलेंगे प्रदेश के टाइगर रिजर्व और सफारी, टूरिज्म इंडस्ट्री में एक बार फिर बूम आने की उम्मीद

जयपुर: ढाई महीने लॉक डाउन में रहने के बाद आखिर जंगलात को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. रणथंभौर, सरिस्का के अलावा सभी वाइल्डलाइफ सफारी, बायोलॉजिकल पार्क और चिड़ियाघर में पर्यटक अब पहले की तरह आ जा सकेंगे. राजधानी जयपुर में भी तीनों सफारी आज से शुरू हो जाएंगी. माना जा रहा है कि सरकार का यह कदम कोरोना पर आखिर पर्यटन की एक मजबूत जीत साबित होगा. 

 Lockdown 5.0: Unlock 1 होने का आगाज, राजस्थान में मिलेंगी कई तरह की छूट, ये अब भी बंद रहेंगे  

- आज से खुलेंगे प्रदेश के टाइगर रिजर्व और सफारी
- वाइल्डलाइफ सफारी टाइगर रिजर्व और अन्य संरक्षित क्षेत्र के लिए  एसओपी
- वाइल्डलाइफ क्षेत्र में प्रवेश से पहले होगी थर्मल स्क्रीनिंग
- वर्ल्ड लाइव क्षेत्र में प्रवेश के लिए मांस व दस्ताने पहनना अनिवार्य
- पर्यटक वाहनों में भी सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी 
- सभी सफारी वाहनों का लगातार किया जाएगा सैनिटाइजेशन
- रोटेशन के आधार पर लगाई जाएगी स्टाफ की ड्यूटी
- एक फार्म बी भरना होगा जो गाइड और चालकों द्वारा भरा जाएगा 
- फार्म गाइड, ड्राइवर और पर्यटक का पूरा होगा ट्रैक रिकॉर्ड
- चिड़ियाघर बायोलॉजिकल पार्क और हाथी गांव के लिए एसओपी
- सभी वन कर्मियों की टूरिज्म लोकेशन पर होगी थर्मल स्क्रीनिंग 
- मास्क, दस्ताने और सैनिटाइजर का किया जाएगा उपयोग
- थोड़े-थोड़े अंतराल पर सोडियम हाइपोक्लोराइट का होगा छिड़काव 
- वॉशरूम और पेयजल पॉइंट पर रखा जाएगा खास ध्यान 
- रिसेप्शन क्षेत्र बैठने का क्षेत्र पर एक से डेढ़ मीटर की रखी जाएगी दूरी 
- ज्यादा भीड़ होने पर पर्यटन गतिविधि को रोका जाएगा 
- विजिटर बुक का संधारण होगा पता और मोबाइल नंबर लिखा जाएगा 
- कोविड-19 संदिग्ध के प्रवेश पर रहेगा प्रतिबंध
- ऑनलाइन टिकटिंग का अधिक उपयोग सुनिश्चित किया जाए 
- प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर की होगी व्यवस्था 
- सेल काउंटर पर सैनिटाइजर, सेफ्टी किट, मास्क, दस्ताने  की होगी व्यवस्था 
- रेस्टोरेंट व अन्य दुकानों के लिए भी सोशल डिस्टेंसिंग जरूरी 
- पर्यटक के पास आरोग्य सेतु एप होना जरूरी 
- 4 घंटे से ज्यादा पर्यटक नहीं रह पाएगा अंदर 
- चिड़ियाघर, बायोलॉजिकल पार्क और हाथी गांव के धार्मिक स्थल रहेंगे बंद

जंगलात में स्वच्छंद घूमते बाघ-बाघिन, भालू, पैंथर सहित अन्य वन्यजीवों की आकर्षित करती खेलें एक बार फिर पर्यटकों का मनोरंजन करने को तैयार हैं. कोविड-19 संक्रमण के चलते 18 मार्च को बंद किए गए प्रदेश के सभी टाइगर पार्क, सफारी, नेशनल पार्क, बायोलॉजिकल पार्क, चिड़ियाघर कल से खुल रहे हैं. राजधानी जयपुर में भी तीनों सफारी एक बार फिर शुरू हो रही हैं. हाथी गांव में हाथी सफारी, नाहरगढ़ में लॉयन सफारी और झालाना की विश्व प्रसिद्ध लेपर्ड सफारी पूरी तरह तैयार हैं. चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन अरिंदम तोमर ने केंद्र व राज्य सरकार की अनुमति मिलने के बाद प्रदेश के जंगलात को कल से पर्यटकों के लिए खोलने के आदेश जारी कर दिए हैं. केंद्र द्वारा जारी एसओपी के मुताबिक पर्यटक एक सख्त गाइडलाइन को फॉलो करते हुए नेशनल पार्क टाइगर पार्क और सफारी में प्रवेश कर सकते हैं.

टिकट दर में कोई बदलाव नहीं किया: 
रणथंभौर और सरिस्का सहित तमाम राष्ट्रीय उद्यान, टाइगर प्रोजेक्ट, बायोलॉजिकल पार्क और चिड़ियाघर में टिकट दर में कोई बदलाव नहीं किया है. पर्यटक अधिकतम 4 घंटे ही अंदर रह सकते हैं. इसके लिए भी मास्क लगाना जरूरी होगा, दस्ताने पहनने होंगे. एक ट्रैकिंग रजिस्टर भी मेंटेन किया जाएगा जिसमें सफारी संचालक गाइड और पर्यटक की तमाम डिटेल होगी. सैनिटाइजेशन और अन्य व्यवस्था भी पूरी तरह से चाक चौबंद रहेंगी. नेशनल पार्क को दोबारा शुरू किया जाने को लेकर सरिस्का फाउंडेशन के सचिव दिनेश दुर्रानी ने खुशी जाहिर की है और पर्यटकों से अपील की है कि वे गाइडलाइन को फॉलो करें ताकि पर्यटन तेजी से मुख्यधारा में आए. वहीं जयपुर चिड़ियाघर के डीसीएफ सुदर्शन शर्मा ने भी आज तमाम व्यवस्थाओं का जायजा लिया.

टूरिज्म इंडस्ट्री में एक बार फिर बूम आने की उम्मीद: 
करीब ढाई महीने बाद टाइगर रिजर्व नेशनल पार्क और तमाम जंगलात में होने वाली गतिविधियां शुरू होने से पर्यटन क्षेत्र को मजबूती मिलेगी. 1 जून से खुल रहे जंगलात को लेकर तमाम स्टेकहोल्डर्स में खुशी की लहर दौड़ गई है. दरअसल लॉक डाउन के चलते इस इंडस्ट्री को तकरीबन 10 करोड रूपए रोजाना का नुकसान उठाना पड़ रहा था. बहुत सारे जिप्सी संचालक, गाइड और होकर वेंडर अपनी रोजी-रोटी के लिए संघर्ष कर रहे थे. अब 8 जून से होटल रेस्टोरेंट खोलने को भी मंजूरी दे दी है. ऐसे में जंगलात से जुड़ी टूरिज्म इंडस्ट्री में एक बार फिर बूम आने की उम्मीद की जा रही है. हालांकि ऑफ सीजन के चलते अभी पर्यटकों की संख्या कम ही रहेगी. वैसे भी कोरोना संक्रमण में कोई उल्लेखनीय कमी नहीं आई है ऐसे में विदेशी पर्यटकों का आना तो अभी संभव नहीं ऐसे में पर्यटन उद्योग की नजरें घरेलू सैलानियों की तरफ है. दूसरी ओर वन्यजीव विशेषज्ञ टाइगर रिजर्व और जंगलात से जुड़ी पर्यटन गतिविधियां शुरू होने को लेकर उत्साहित हैं वन्यजीव विशेषज्ञ अनिल रोजर्स का कहना है कि पर्यटकों को सख्त गाइडलाइन का पालन करना होगा. इसके दो फायदे होंगे एक तो टाइगर रिजर्व सफारी और अन्य गतिविधियों में पर्यटकों का प्रवेश सीमित रहेगा. इससे ना तो वन्यजीवों को परेशानी होगी और ना ही महकमे को उनको नियंत्रित करने में मशक्कत करनी पड़ेगी. दूसरा सरकार को भी राजस्व मिलेगा इससे पर्यटन तेजी से मुख्यधारा में आएगा. झालाना लेपर्ड सफारी के रेंजर जनेश्वर सिंह का कहना है कि तमाम व्यवस्थाएं कर ली गई है पर्यटन शुरू होने से एक बार फिर हालात सामान्य होंगे इसका फायदा वन्य जीव और पर्यटन दोनों को होगा. 

UNLOCK-1: राजस्थान में होगी सार्वजनिक बस सेवा शुरू, कंटेनमेंट जोन को छोड़कर चलाई जाएगी बसें

देश में पर्यटन को शुरू करना निश्चित तौर पर स्वागत योग्य कदम:
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि सामान्य जनजीवन की ओर बढ़ रहे देश में पर्यटन को शुरू करना निश्चित तौर पर स्वागत योग्य कदम है. कोरोना पर जीत के लिए जरूरी है कि गाइडलाइन को फॉलो करते हुए तेजी से मुख्यधारा की ओर बढ़ा जाए. इससे न केवल इस क्षेत्र से जुड़े लोगों का रोजगार बचेगा वरन सरकार को भी राजस्व मिलेगा. 

Lockdown 5.0: Unlock 1 होने का आगाज, राजस्थान में मिलेंगी कई तरह की छूट, ये अब भी बंद रहेंगे

Lockdown 5.0: Unlock 1 होने का आगाज, राजस्थान में मिलेंगी कई तरह की छूट, ये अब भी बंद रहेंगे

जयपुर: कोरोना वायरस के संकट के बीच आज देशभर के साथ राजस्थान में भी नई शुरुआत होने जा रही है. 24 मार्च से देश में जारी लॉकडाउन के आज पांचवें चरण की शुरुआत हो रही है, जिसे अनलॉक-1 का नाम दिया गया है. ऐसे में गहलोत सरकार ने भी रविवार को लॉकडाउन 5.0 को लेकर गाइडलाइन जारी कर दी. सीएम गहलोत ने कहा कि प्रदेश में 1 जून से 30 जून तक लॉकडाउन 5.0 लागू होगा, लेकिन इस बार छूट का दायरा काफी बढ़ाया गया है. प्रदेश में रेड, ऑरेंज व ग्रीन जोन की श्रेणी को खत्म किया है. अब सिर्फ कंटेनमेंट जोन होगा. 

UNLOCK-1: राजस्थान में होगी सार्वजनिक बस सेवा शुरू, कंटेनमेंट जोन को छोड़कर चलाई जाएगी बसें

परकोटे में भी व्यापारिक गतिविधियां हो सकेगी:
ऐसे में कंटेनमेंट जोन को छोड़कर सभी जगह छूट दी गई है. हालांकि प्रदेश में इन सभी गतिविधियों पर रोक रहेगी, जिन्हें केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नेगेटिव लिस्ट में रखा है. इसके साथ ही काफी लंबे समय से बंद परकोटे में भी व्यापारिक गतिविधियां हो सकेगी. वहीं  में अन्य राज्यों से आने-जाने के लिए प्रशासन की अनुमति की आवश्यकता अब नहीं है. अब वाहन में सिटिंग कैपिसिटी के अनुसार सवारी बैठाई जा सकेगी. प्रदेश में सरकारी व निजी कार्यालय अब पूरी क्षमता के साथ खुल सकेंगे. लेकिन वहीं अगले आदेश तक धार्मिक स्थल बंद रहेंगे.  

कर्फ्यू का समय भी अब रात 9 से सुबह 5 बजे तक किया: 
कर्फ्यू का समय भी सुबह 7 बजे से शाम 7 बजे से घटाकर अब रात 9 से सुबह 5 बजे तक किया गया है. अब जयपुर शहर में 71 दिन बाद परकोटे में उन क्षेत्रों से कर्फ्यू हटा लिया जाएगा, जहां कोरोना के केस नहीं आ रहे हैं. हालांकि परकोटे में संकरी गलियों वाले 5 बाजार पुरोहितजी का कटला, घी वालों का रास्ता, लालजी सांड का रास्ता, दड़ा मार्केट व धूला हाउस अभी बंद रहेंगे. वहीं रामगंज में भी 23 कंटेनमेंट जोन रहेंगे. 

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अब किसी शहर में नहीं चलेगी सिटी बस:
लॉकडाउन 4.0 में सरकार ने ग्रीन जोन में सिटी बसें चलाने की छूट दी थी. संक्रमण फैलने की आशंका में अब कहीं नहीं चलेंगी. 

ये अब भी बंद रहेंगे:
सभी धार्मिक स्थल , स्कूल-कॉलेज , रेस्त्रां , जिम , सिनेमा हॉल , शॉपिंग मॉल , स्वीमिंग पूल ,एंटरटेनमेंट पार्क ,बार , ऑडिटोरियम , विदेशी उड़ानें और मेट्रो ट्रेन अब भी बंद रहेगी. 

जयपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालन का सातवां दिन, कुल 8 फ्लाइट हुई संचालित, 12 रही रद्द

जयपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट संचालन का सातवां दिन, कुल 8 फ्लाइट हुई संचालित, 12 रही रद्द

जयपुर: जयपुर एयरपोर्ट से फ्लाइट्स का संचालन शुरू हुए रविवार को 7 दिन हो चुके हैं. हालांकि फ्लाइट के संचालन की संख्या नहीं बढ़ पा रही है. रविवार को भी एयरपोर्ट से 20 फ्लाइट में से मात्र 8 फ्लाइट संचालित हुई. जबकि 12 फ्लाइट का संचालन निरस्त करना पड़ा. सर्वाधिक 6 फ्लाइट स्पाइसजेट एयरलाइन की रद्द हुई. इसके अलावा दूसरी सबसे ज्यादा फ्लाइट इंडिगो की रद्द रही.

फ्लाइट्स कम संख्या में संचालित: 
इंडिगो की कुल 6 फ्लाइट में से केवल 2 फ्लाइट संचालित हुई और 4 का संचालन रद्द करना पड़ा. यात्रीभार की कमी की वजह से फ्लाइट्स कम संख्या में संचालित हो रही हैं. रविवार को एयर इंडिया ने भी आगरा और दिल्ली की अपनी दो फ्लाइट रद्द कर दी. हालांकि सोमवार से फ्लाइट के संचालन में सुधार होने के संकेत हैं. सोमवार से कोलकाता की एकमात्र फ्लाइट भी नियमित रूप से संचालित होगी.

UNLOCK-1: राजस्थान में होगी सार्वजनिक बस सेवा शुरू, कंटेनमेंट जोन को छोड़कर चलाई जाएगी बसें

-जयपुर एयरपोर्ट से आज 12 फ्लाइट रद्द, मात्र 8 चल रहीं
-स्पाइसजेट की सुबह 5:45 बजे सूरत की फ्लाइट SG-2763 रद्द
-स्पाइसजेट की सुबह 7:20 बजे जालंधर की फ्लाइट SG-2750 रद्द
-इंडिगो की सुबह 6:40 बजे मुंबई की फ्लाइट 6E-218 हुई रद्द
-इंडिगो की सुबह 6:10 बजे बेंगलुरु की फ्लाइट 6E-839 रद्द
-एयर इंडिया की सुबह 7:35 बजे आगरा की फ्लाइट 9I-687 रद्द
-एयर इंडिया की सुबह 10:45 बजे दिल्ली की फ्लाइट 9I-844 रद्द
-इंडिगो की शाम 4:45 बजे कोलकाता की फ्लाइट 6E-6156 रद्द
-स्पाइसजेट की सुबह 8 बजे मुंबई की फ्लाइट SG-279 हुई रद्द
-स्पाइसजेट की सुबह 9:45 बजे उदयपुर की फ्लाइट SG-6632 रद्द
-स्पाइसजेट की दोपहर 2:15 बजे गुवाहाटी की फ्लाइट SG-448 रद्द
-इंडिगो की शाम 8:05 बजे हैदराबाद की फ्लाइट 6E-471 रद्द
-स्पाइसजेट की दोपहर 3:30 बजे की फ्लाइट SG-6636 रद्द

UNLOCK-1: यूपी सरकार की गाइडलाइंस जारी, 8 जून से सभी शॉपिंग मॉल और धार्मिक स्थलों को खोलने की मंजूरी

UNLOCK-1: राजस्थान में होगी सार्वजनिक बस सेवा शुरू, कंटेनमेंट जोन को छोड़कर चलाई जाएगी बसें

जयपुर: अनलॉक-1 को लेकर राजस्थान सरकार की ओर से ACS होम राजीव स्वरूप ने की गाइडलाइंस जारी की. गाइडलाइंस के मुताबिक कंटेनमेंट जोन में किसी भी प्रकार की छूट नहीं दी जाएगी. ACS होम राजीव स्वरूप ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक बस सेवा होगी की जाएगी. कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बस सेवा शुरू होगी. अपने-अपने तय रूट पर सभी बसें चलेंगी. फिलहाल सिटी बसों का नहीं संचालन होगा. इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने नई गाइडलाइन पर मुहर लगाई. ACS राजीव स्वरूप ने CM गहलोत से अप्रूवल ली. रविवार को सीएम गहलोत के पास राजीव स्वरूप ड्राफ्ट लेकर गए थे. मुख्यमंत्री गहलोत के साथ विभिन्न मुद्दों पर लंबा डिस्कशन चला. जिसके बाद राजीव स्वरूप ने गाइडलाइन जारी की. 

रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक जारी रहेगा नाइट कर्फ्यू:
अनलॉक-1 को लेकर राजस्थान सरकार की ओर से गाइडलाइंस जारी की गई, जिसमें बताया गया कि कंटेनमेंट जोन में किसी भी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी. बफर जोन में जिला प्रशासन नियम तय करेगा. प्रदेश में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा. स्कूल,कॉलेज,30 जून तक बंद रहेंगे. मेट्रो सेवा,मॉल,स्वीमिंग पूल, जिम, सिनेमा बंद रहेंगे. 

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सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होंगे:
गाइडलाइन के मुताबिक सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित नहीं होंगे. सार्वजनिक स्थल पर शराब,पान,धूम्रपान करना वर्जित रहेगा. सार्वजनिक स्थल पर थूकने पर जुर्माना लगेगा. धार्मिक स्थल,मॉल बंद रहेंगे. बुजुर्ग,गर्भवती महिला,बच्चों को घर में रहने की सलाह दी गई. छोटी दुकानों के अंदर 2, बड़ी दुकानों में 5 व्यक्ति एक साथ आ सकते है. 

सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करने पर लगेगा जुर्माना:
गाइडलाइंस के मुताबिक सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करने पर जुर्माना लगेगा. विवाह समारोह की SDM को सूचना देनी होगी. विवाह समारोह में 50 से ज्यादा मेहमानों पर पाबंदी रहेगी. अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोग शामिल नहीं हो सकते है. सरकारी कार्यालय पूर्ण क्षमता के साथ खुलेंगे. प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी. घर से बाहर निकलने पर मास्क लगाना अनिवार्य होगा. 

अब जयपुर के प्रतापनगर RUHS और सांगानेरी गेट महिला अस्पताल में मिलेगा कोरोना का उपचार

UNLOCK-1: राजस्थान सरकार की गाइडलाइंस जारी, कंटेनमेंट जोन में किसी भी प्रकार की छूट नहीं

जयपुर: अनलॉक-1 को लेकर राजस्थान सरकार की ओर से ACS होम राजीव स्वरूप ने की गाइडलाइंस जारी की. ACS होम राजीव स्वरूप ने कहा कि प्रदेश में सार्वजनिक बस सेवा होगी की जाएगी. कंटेनमेंट जोन को छोड़कर बस सेवा शुरू होगी. अपने-अपने तय रूट पर सभी बसें चलेंगी. फिलहाल सिटी बसों का नहीं संचालन होगा. इससे पहले राजस्थान के मुख्यमंत्री गहलोत ने नई गाइडलाइन पर मुहर लगाई. ACS राजीव स्वरूप ने CM गहलोत से अप्रूवल ली. रविवार को सीएम गहलोत के पास राजीव स्वरूप ड्राफ्ट लेकर गए थे. मुख्यमंत्री गहलोत के साथ विभिन्न मुद्दों पर लंबा डिस्कशन चला. जिसके बाद राजीव स्वरूप ने गाइडलाइन जारी की. 

शव के अंतिम संस्कार को लेकर बवाल, जलती चिता पर पानी डालकर पुलिस ने रोका अंतिम संस्कार

अनलॉक-1 को लेकर राज्य सरकार की गाइडलाइंस

-कंटेनमेंट जोन में किसी भी प्रकार की छूट नहीं
-बफर जोन में जिला प्रशासन तय करेगा नियम
-प्रदेश में रात 9 बजे से सुबह 5 बजे तक नाइट कर्फ्यू जारी रहेगा
-स्कूल,कॉलेज,30 जून तक बंद रहेंगे
-मेट्रो सेवा,मॉल,स्वीमिंग पूल,जिम,सिनेमा बंद रहेंगे
-सामाजिक एवं राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होंगे
-सार्वजनिक स्थल पर शराब,पान,धूम्रपान करना वर्जित
-सार्वजनिक स्थल पर थूकने पर लगेगा जुर्माना
-धार्मिक स्थल,मॉल रहेंगे बंद
-बुजुर्ग,गर्भवती महिला,बच्चों को घर में रहने की सलाह
-छोटी दुकानों के अंदर 2,बड़ी दुकानों में 5 व्यक्ति एक साथ आ सकते
-सोशल डिस्टेंसिंग की पालना नहीं करने पर लगेगा जुर्माना
-विवाह समारोह की SDM को देनी होगी सूचना
-विवाह समारोह में 50 से ज्यादा मेहमानों पर पाबंदी
-अंतिम संस्कार में 20 से ज्यादा लोग नहीं हो सकते शामिल
-सरकारी कार्यालय पूर्ण क्षमता के साथ खुलेंगे
-प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी
-घर से बाहर निकलने पर मास्क लगाना होगा अनिवार्य

अब जयपुर के प्रतापनगर RUHS और सांगानेरी गेट महिला अस्पताल में मिलेगा कोरोना का उपचार

अब जयपुर के प्रतापनगर RUHS और सांगानेरी गेट महिला अस्पताल में मिलेगा कोरोना का उपचार

अब जयपुर के प्रतापनगर RUHS और सांगानेरी गेट महिला अस्पताल में मिलेगा कोरोना का उपचार

जयपुर: राजधानी जयपुर में कोरोना मरीजो के लिए राज्य सरकार ने 2 अस्पताल डेडीकेटेड किए हैं.अब मरीजो को प्रतापनगर RUHS और सांगानेरी गेट महिला अस्पताल में कोरोना का उपचार मिलेगा.करीब ढाई माह के लम्बे इंतजार के बाद आम मरीजों के लिए सोमवार से प्रदेश के सबसे बड़े एसएमएस अस्पताल में सेवाए मिलना शुरू हो जाएगी.

SMS में नॉन कोविड मरीजो का शुरू होगा रूटीन इलाज:
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने बताया कि 1 जून (सोमवार) से राज्य का सबसे बड़ा सवाई मानसिंह अस्पताल नोन कोविड हो जाएगा.कोविड मरीजों का इलाज आरयूएचएस में किया जाएगा.चिकित्सा मंत्री ने कहा कि शुरुआती दौर में कोरोना महामारी के प्रकोप को देखते हुए एसएमएस अस्पताल में कोविड से संक्रमितों के लिए ओपीडी, आईपीडी व इमरजेंसी चिकित्सा सुविधाएं शुरू की गई थी.अब 1 जून से यहां दी जाने वाली सभी सेवाएं आरयूएचएस (राजस्थान स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय), प्रतापनगर में स्थानांतरित की जा रही हैं.

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कोविड से जुड़े मरीजों और संक्रमितों का होगा इलाज:
विशेषज्ञ व समस्त स्टाफ वहां जाकर संक्रमितों को चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध करा सकेंगे.डाॅ. शर्मा ने बताया कि चरक भवन में चलने वाले कोरोना ओपीडी को भी आगामी दिनों में फार्मेसी काॅलेज में स्थानांतरित किया जाएगा.तब तक यहां खांसी-जुकाम-बुखार से जुड़े मरीजों का उपचार किया जाएगा.उन्होंने बताया कि फार्मेसी काॅलेज में स्थानांतरण के बाद यहां भी पूर्व की भांति चिकित्सा सुविधाएं जारी कर दी जाएंगी.चिकित्सा मंत्री ने बताया कि सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय में कोविड से जुड़े मरीजों और संक्रमितों का इलाज किया जा सकेगा.वहीं चांदपोल स्थित जनाना अस्पताल में अन्य सामान्य बीमारियों का उपचार उपलब्ध रहेगा.यहां बता दें की इससे पूर्व जयपुरिया अस्पताल को भी नोन कोविड बनाया जा चुका है.

चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने प्रदेशवासियों से की अपील, तंबाकू,पान मसाला,अन्य व्यसनकारी पदार्थों को छोड़ने की अपील

चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने प्रदेशवासियों से की अपील, तंबाकू,पान मसाला,अन्य व्यसनकारी पदार्थों को छोड़ने की अपील

 चिकित्सा मंत्री डॉ.रघु शर्मा ने प्रदेशवासियों से की अपील, तंबाकू,पान मसाला,अन्य व्यसनकारी पदार्थों को छोड़ने की अपील

जयपुर: चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ रघु शर्मा ने प्रदेशवासियों से तंबाकू , पानमसाला एवं अन्य व्यसनकारी पदार्थों का सेवन त्याग कर स्वस्थ जीवन चुनने की अपील की है.डॉ शर्मा ने तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर अपने संदेश में यह अपील की.उन्होंने प्रदेश वासियो से स्वयं तम्बाकू पदार्थो का सेवन छोड़ने के साथ ही अपने परिजनों , मित्रों एवं साथियों को भी तंबाकू एवं व्यसनकारी पदार्थों का सेवन नहीं करने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया है.

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शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में भी आती कमी:
उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों के मुताबिक तंबाकू सेवन से गंभीर रोग होने की संभावना के साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता में कमी आती है, जिससे कोरोना सहित अन्य संक्रमण होने की संभावना बढ़ सकती है.

टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 104 पर भी परामर्श सुविधाएं:
तंबाकू सेवन करने वाले व्यक्तियों के उपचार में भी जटिलता रहती है. डॉ शर्मा ने बताया कि तंबाकू पदार्थों के सेवन छोड़ने के लिए सभी जिला अस्पतालों में तंबाकू मुक्ति केंद्र संचालित किए जा रहे हैं. साथ ही टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 104 पर भी परामर्श सुविधाएं उपलब्ध है. 

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