प्रदेश में अनूठी सरकारी आवासीय योजना, नाममात्र के दाम चुकाकर मिल रहा घर

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/06/22 07:09

कोटा: आपको रूबरू करवाते हैं राजस्थान सरकार के एक ऐसे नवाचार से जिसका सफल प्रयोग नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन मंत्रालय ने यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के गृहनगर कोटा में किया है. इस अनूठी योजना का नाम हैं 'किरायेदार से स्वामित्व योजना', जिसमें यूआईटी कोटा आवंटियों को पहले मकान नाममात्र के किराये पर देता हैं और 5 साल तक किश्ते बिना चूके चुकाने के बाद उन्ही को वो घर नाममात्र की ही कीमत में सौंप दिया जाता हैं. माना जा रहा हैं कि ये प्रदेश ही नहीं बल्कि देश की अपनी तरह की पहली और अनूठी सरकारी आवासीय योजना हैं.

यूडीएच मंत्री ने सौंपे कब्जापत्र और आवंटन पत्र:
दरअसल देश में गरीबों की तादाद करोड़ों में हैं, जो दो जून की रोटी के साथ घर की छत का सपना देखते हैं, लेकिन यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल ने अपने गृहशहर कोचिंग सिटी कोटा के गरीब और अल्प आयभोगी लोगों के लिये एक ऐसी अनूठी योजना को सफलतापूर्वक साकार किया हैं. जिसका कामयाब होना यहां के गरीब आवंटियों के लिये सपने के सच होने से कम नहीं. नगर विकास न्यास कोटा ने करीब 6 साल पुरानी किरायेदार से स्वामित्व नाम की अपनी योजना के आवंटियों को आज मौके पर बुलाकर उनके फ्लैट्स के कब्जापत्र और आवंटन पत्र सौंप दिये. इस मौके पर यूडीएच मंत्री धारीवाल ने आवंटियों को उनके मकान का कब्जा देते हुए आरोप लगाया कि करीब पौने दो और चार लाख की लागत वाले दो श्रेणियों के फ्लैट्स को पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार ने बढाकर क्रमश 4 और 6 लाख का करके गरीबों के साथ धोखा और छल किया हैं. 

क्या है योजना:
असल में इस अनूठी योजना में एक बार आवास आवंटित होने के बाद आर्थिक दृष्टि से पिछड़े और अल्प आयभोगी किरायेदार को मात्र 525 और 625 रुपये मासिक किराया चुकाना होता हैं और उन्हे एक और दो बीएचके के आलीशान फ्लैट मिल जाते हैं. पांच साल तक करीब 35 हजार का किराया चुकाने के बाद यूआईटी उन्हे इस घर का मालिकाना हक सौंप देती हैं. यहां EWS श्रेणी का करीब 425 SQ फ़ीट का 1 BHK फ्लैट UIT 2.70 लाख में दे रही है और उसमें भी 1.5 लाख की तो सब्सिडी है और फ्लैट के पेटे असल में ढेर सारी किश्तों में केवल 1.20 लाख चुकाने होते है. वहीं LIG फ्लैट जिसकी लागत 3.97 लाख है, वो केवल 2.5 लाख में और इसमें से भी बतौर किरायेदार चुकाई राशि भी उसमे से कम हो जाती है. 

शांति धारीवाल ने ही इस नवाचार को किया था लॉन्च:
रोचक बात ये है कि 5 साल पहले UDH मंत्री रहते शांति धारीवाल ने ही इस नवाचार को लांच किया था और उनके ही गृहनगर में 5 साल के लंबे अंतराल के बाद 1198 चयनित आवंटियों को पट्टा और कब्जापत्र भी उन्ही के द्वारा सौंपा जा रहा है. देखना होगा कि कोटा में किरायेदार से स्वामित्व योजना के इस पायलट प्रोजेक्ट के कामयाब होने के बाद बाकी प्रदेश में इसे किस तरह से लागू किया जाता है, लेकिन कोटा में जिन बेघर और किरायेदार गरीबों को गहलोत सरकार की इस अनूठी योजना से घर की छत नाममात्र के दाम चुकाकर नसीब हो गई है,उनकी खुशी का फ़िलहाल ठिकाना नहीं है. 

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