राजसमंद राजसमंद में अनूठा शक्तिपीठ, माता कालका के समक्ष पानी से जलता है दीपक 

राजसमंद में अनूठा शक्तिपीठ, माता कालका के समक्ष पानी से जलता है दीपक 

राजसमंद में अनूठा शक्तिपीठ, माता कालका के समक्ष पानी से जलता है दीपक 

राजसमंद: नवरात्रि के चलते जिले के विभिन्न शक्तिपीठों में माता के भक्तों का दरबार सजा हुआ है, लेकिन राजसमंद में एक ऐसे शक्तिपीठ है, जहां भक्तों का तांता माता कालका की चमत्कारी दिया को लेकर लगा हुआ है. राजसमंद के आमेट उपखंड से 5 किलोमीटर दूरी पर स्थित आगरिया गांव जहां माता कालका की प्राचीन मंदिर स्थित है, जहां नवरात्रि के 5वें दिन से माता कालका के समक्ष जलने वाली दीया पानी से जलता है, जो कि एक चमत्कार से कम नहीं है. माता के भक्त दूर-दूर से माता के चमत्कारी के किस्से सुन दर्शन के लिए मां कालका मंदिर पहुंच रहे हैं. 

छठे दिन से जलाया जाता है पानी का दीपक:
आगरिया गांव के लोगों ने बताया कि नवरात्रि में मां कालका की उपासना के साथ नवरात्रि के 9 दिनों तक मां की दिन रात आराधना होती हैं और नवरात्रि के अंतिम दिन ज्वारा विसर्जन के साथ नवरात्रि का समापन होता है, लेकिन नवरात्र स्थापना के साथ ही नवरात्रि के पांचवे दिन तक मां के समक्ष जलने वाला दीया तेल से जलता रहता है और छठे दिन से उस दिए को साफ कर पानी भर उसमें दीया जलाई जाती है, जोकि नवरात्रि के अंतिम दिन तक दीया पानी से जलता रहता है. जोकि मां कालका की चमत्कार से कम नहीं है. 

विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने भी माना चमत्कार:
मां के भक्तों और आगरिया गांव के रहने वालों का यह दावा हमें भी अंधविश्वास से कम नहीं लगा, लेकिन जब हम पानी से दीए जलने की बात और माता कालका के अलग-अलग चमत्कारों की बात सुनने के बाद कुंभलगढ़ विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ से बात की. विधायक सुरेंद्र सिंह राठौड़ ने भी कहा कि गांव में इस तरह की बातें सुनता था कि पानी से मां कालका मंदिर में दिया जलता है, लेकिन मुझे विश्वास नहीं हुआ और मैं पिछले वर्ष नवरात्रि के समय दर्शन करने पहुंचा और रात भर रुका. इस दौरान मैंने अपनी आंखों से पानी से दिया जलते देखा, जोकि अचंभित करने वाला था और माता के चमत्कार से कम नहीं. 
 

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