अनूठी पहल...! शादी में शामिल हुए मेहमानों को भेंट किए पौधे, देखभाल की दिलाई शपथ

अनूठी पहल...! शादी में शामिल हुए मेहमानों को भेंट किए पौधे, देखभाल की दिलाई शपथ

डीडवाना: अक्सर देखने में आता है कि शादियों में दहेज में लोग कार, मोटरसाइकिल और ग्रामीण क्षेत्रों में तो ट्रेक्टर तक अपनी बेटी को देते है, लेकिन डीडवाना के एक  शिक्षक शकील अहमद उस्मानी ने शनिवार को अपनी बेटी ज़ेबा अख्तर की शादी में दूल्हे सहित सभी बारातियों और शामिल हुए हर शख्स को वधु पक्ष की और से विदाई के समय पौधे भेंट कर एक मिसाल कायम की. यहीं नहीं जिनको भी पौधे दिए गए उनको सामूहिक रूप से पौधों की देखरेख की जिम्मेदारी लेंने की शपथ भी दिलाई गई.

बारातियों को भेंट किए मास्क:
कोरोना के तहत अनलॉक2 के नियमों की पालना के बीच हुई यह शादी क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है. इससे पहले बारात के आने पर बारातियों का स्वागत उन्हें मास्क और सेनेटाइजर देकर किया गया. दरअसल डीडवाना उपखण्ड के सिंघाना के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में व्याख्याता के पद पर कार्यरत शकील अहमद उस्मानी की बेटी ज़ेबा अख्तर की शादी डीडवाना के मोहल्ला सैयदान निवासी सैयद तौसीफ अली के पुत्र सैयद मुस्तफा अली से हुई. उस्मानी की दिली तमन्ना थी कि वे कोरोना काल में हो रही अपनी बेटी की शादी के जरिये कुछ सन्देश आमजन को दे, साथ ही पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी वे लोगों तक पहुंचाए. 

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गाइडलाइन के मुताबिक हुई शादी:
इसलिए उन्होंने अनलॉक2 के नियमों के तहत शादी में शामिल हुए सभी 45 लोगों को पौधे वितरित करवाने का फैसला लिया. जिससे कि हर व्यक्ति घर में एक पौधा लगाए और हमारा पर्यावरण सुरक्षित रहे. पौधे वितरित करने के साथ ,मौजूद लोगों को इन पौधों के सार सम्भाल की शपथ भी दिलाई गई. गौरतलब है कि पर्यावरण प्रेमी शिक्षक शकील अहमद उस्मानी पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र और अन्य सामाजिक सेवा कार्य कि अपनी रुचि के चलते नागौर जिला मुख्यालय सहित कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा भी सम्मानित हो चुके है. 

पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाए:
शकील अहमद उस्मानी ने बताया कि लोग ग्लोबल वाॅर्मिंग के इस दौर में पर्यावरण को हुए नुकसान से अब शायद की कोई अपरिचित हो. भीषण गर्मी और ठंड के साथ बेमौसम बरसात इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना भी कहीं ना कहीं  हमारी पर्यावरण संरक्षण के प्रति लापरवाही का ही नतीजा माना जा सकता है ऐसे में आज जरूरत इस बात की है कि अभी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जिम्मेदारी को निभाए और शादी में लोगों को पौधे देने का मकसद भी उन्हें इसके लिए प्रेरित करना है. दूल्हे ने भी लिया प्रण दूल्हे सैयद मुस्तफा अली ने कहा कि उनकी शादी में वधू पक्ष की ओर से की गई इस पहल से बहुत खुश हैं. उन्होंने कहा कि जो पौधे उन्हें और परिजनों को दिए गए है वे उनकी देखभाल अच्छी तरह से करेंगे. 

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