VIDEO: बेमौसम बारिश ने किसानों की तोड़ी कमर, सरकारी मदद पर टिकी अब किसानों की उम्मीद

VIDEO: बेमौसम बारिश ने किसानों की तोड़ी कमर, सरकारी मदद पर टिकी अब किसानों की उम्मीद

जयपुर: हाड़ौती में इन दिनों हुई बेमौसम बारिश ने किसानो की कमर तोड़ दी हैं.. दिवाली से पहले किसानो की दिवाली काली हो गयी हैं और सोयाबीन से लेकर उड़द और धान खेतो में फैली बर्बादी के बाद किसानों की उम्मीदें भी खाली हो गयी हैं. हाल में बोयी सरसों से लेकर पककर कटने को तैयार और कटी हुयी सोयाबीन से लेकर धान-उङद और मक्का तक के खेतों में हुआ ये खराबा करीब 400-500 करोङ का बताया जा रहा हैं और इस बेमौसम बारिश ने गांवों और खेतों से लेकर किसानों के घरों तक में मातम का माहौल बना दिया हैं.

पहले ही मानसूनी दौर में अतिवृष्टि ने बर्बादी के मुहाने पर ला खड़ा किया था अब रही सही कसर बेमौसम बारिश ने पूरी कर दी. इस बार मानसूनी बारिश ने भी रिकॉर्ड तोडा तो खेतो में फसले गलकर खराबे का शिकार हो गई थोड़ी बहुत बची थी..उन फसलों के साथ बची-खुची उम्मीदों पर भी इस बेमौसम की बारिश ने पानी फेर दिया हैं.कोटा समेत पूरे अंचल में इस खराबे से करीब 500 करोङ के नुकसान का प्रारंभिक आंकलन किया जा रहा हैं और किसानों के घरों से लेकर खेतों तक में मातम जैसा माहौल बन गया हैं.

फसलों को अतिवृष्टि ने पहले ही लील लिया था
50 फीसदी फसलों को अतिवृष्टि ने पहले ही लील लिया था. अब हुई बेमौसम बारिश ने बची हुई 50 फीसदी फसलों में से भी 40 फीसदी तक में खराबा कर दिया हैं. धान-योबान पककर कहीं कटी तो कुछ खेतों में कटने को तैयार खङी थी,जो कहीं आङी पङ गयी हैं तो कहीं खेतों के लबालब हो जाने के बाद पानी में तैरती हुयी किसानों का मुंह चिढा रही हैं. सरसों का हाल में बोया बीज भी इस बेमौसम की बारिश की भेंच टढ चुका हैं और इसने वर्तमान के साथ भावी फसल की उम्मीदें भी तार-तार कर डाली हैं

किसानो की उम्मीदें अब सरकारी मदद पर टिकी हैं
तो पहले अतिवृष्टि और अब बेमौसम बारिश की वजह से बर्बादी के मुहाने पर खड़े हाड़ौती के किसानो की उम्मीदें अब सरकारी मदद पर टिकी हैं. बहरहाल व्यापक खराबे की खबर से प्रशासन भी हरकत में हैं और कलेक्टर उज्ज्वल राठौङ ने कृषिविभाग के अधिकारियों को फील्ड में जाकर सर्वे करने के आदेश जारी कर दिये हैं लेकिन किसानों को जितनी शीघ्रता सर्वे आदेशों में देखने को मिली हैं अब दरकार इस बात की हैं कि राम के दिये घाव पर राज मरहम भी उतनी ही तेज गति से लगायें.लेकिन इन सब हालातों के बीच कोटा के धरतीपुत्र का सामना दिवाली से ऐन पहले काली दीपावली से हो ही गया हैं..

...फर्स्ट इंडिया के लिए भंवर एस. चारण की रिपोर्ट, कोटा
 

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