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VIDEO: मई-जून के लिए ट्रेनों में 60 फीसदी तक बुक हुई सीटें, रेलवे को एक साथ भीड़ होने से संक्रमण फैलने का डर

जयपुर: लॉक डाउन के बाद 15 अप्रैल से ट्रेनों का संचालन शुरू होगा या नहीं. इस पर अभी रेलवे बोर्ड कोई निर्णय नहीं ले सका है. ट्रेनों की बहाली की खबर पर अभी उत्तर-पश्चिम रेलवे असमंजस में है. हालांकि 15 अप्रैल से पूर्व इंजनों और कोचों का परीक्षण करने के निर्देश मिल चुके हैं, लेकिन अंतिम निर्णय 12 या 13 अप्रैल को होने की उम्मीद है. 

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आखिरी निर्णय आने तक लोगों से धैर्य रखने की अपील:
ट्रेनों का संचालन शुरू करने को लेकर पिछले सप्ताह रेलवे बोर्ड ने सभी 16 जोन और मंडलों के अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की थी, जिसमें रेलवे अधिकारियों को अपने स्तर पर ट्रेनों के कोच और इंजन तैयार रखने के निर्देश दिए गए थे. हालांकि अभी तक यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रेनों का संचालन किस तारीख से शुरू हो जाएगा. रेलवे बोर्ड ने फिलहाल आधिकारिक रूप से आखिरी निर्णय आने तक लोगों से धैर्य रखने की अपील की है. अभी तक ऐसा माना जा रहा है कि यदि लॉक डाउन की अवधि नहीं बढ़ाई गई तो 14 अप्रैल की मध्यरात्रि के बाद ट्रेनों का संचालन सुचारु हो जाएगा. ऐसे में अब जोनल रेलवेज को बोर्ड के उस निर्देश का इंतजार है, जिसमें वह किन-किन ट्रेनों को चलाने और नहीं चलाने का निर्देश जारी करेगा. 

जयपुर से जुड़ी 125 ट्रेनों में 60 फीसदी बुकिंग:
- जयपुर से ऑरिजिनेट होने वाली करीब 35 और बाईपास होकर गुजरने वाली करीब 90 ट्रेनों में 60 फीसदी बुकिंग हुई
- मई और जून माह के लिए हुई है ज्यादा बुकिंग
- हालांकि पिछले सालों के ट्रेंड को देखें तो अवकाश के दिनों के लिहाज से ये बुकिंग है कम
- क्योंकि मई-जून माह के बीच ट्रेनों में वेटिंग टिकट भी उपलब्ध नहीं होता
- वहीं अभी तक भी करीब 40 फीसदी सीट खाली पडी हुई हैं
- कोरोना के डर से इस बार लोग एसी कोच की बजाय स्लीपर में करा रहे ज्यादा बुकिंग
- कोच खुला होने और तापमान ज्यादा होने से स्लीपर में कम रहता है खतरा
- बुक हुई कुल सीट में करीब 40 फीसदी सीटें स्लीपर क्लास में बुक हुई 
- एसी कोच में कम तापमान और कोच बंद होने की वजह से रहता है ज्यादा खतरा

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रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यदि 15 अप्रैल से ट्रेनें चलाई जाती हैं तो सबसे बड़ी चुनौती भयंकर भीड़ की होगी. यह भीड़ अनियंत्रित हो सकती है. क्योंकि लोग लगातार लॉक डाउन से जहां के तहां फंसे हुए हैं. ऐसे में ट्रेन शुरू होते ही सबसे पहले अपने-अपने घरों का रुख करेंगे. ऐसे में लोगों में संक्रमण कम से कम हो इसके लिए रेलवे 6 बर्थ के केबिन में 4 बर्थ ही अलॉट किए जाने पर विचार कर रहा है. इसके अलावा जनरल कोच में भी यात्रियों की संख्या निर्धारित करने पर विचार किया जा रहा है. इसे देखते हुए रेलवे हर स्टेशन पर जनरल टिकट बांटने का कोटा निर्धारित कर सकता है. स्टेशन पर ट्रेन के प्रत्येक कोच पर आरपीएफ को तैनात किया जाएगा. जो यात्रियों को एक निश्चित संख्या और दूरी पर बैठाएंगे. ऐसे में इन सभी दिशा निर्देशों पर रेलवे बोर्ड 12 से 13 अप्रैल के बीच अंतिम निर्णय लेगा. 

...काशीराम चौधरी, फर्स्ट इंडिया न्यूज, जयपुर

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सीएम गहलोत ने अधिकारियों को दिए निर्देश, कहा-UPSC की तर्ज पर RPSC समयबद्ध परीक्षा कराएं

जयपुर: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि UPSC की तर्ज पर RPSC का शेड्यूल बनेगा. सीएम गहलोत ने कर्मचारी चयन बोर्ड को निर्देश देते हुए कहा कि भर्तियों को लेकर समयबद्ध टाइम टेबल हो. प्रदेश में कोई भी भर्ती नहीं अटकनी चाहिए. भर्ती में आने वाली अड़चनें शीघ्र दूर की जाएं. आज मुख्यमंत्री आवास पर अहम बैठक हुई थी. प्रमुख सचिव रोली सिंह ने सीएम को पूरी जानकारी दी. प्रदेश में प्रक्रियाधीन भर्तियों के बारे में प्रजेंटेशन दिया. 

प्रक्रियाधीन भर्तियों को लेकर CM गहलोत ने की समीक्षा:
आपको बता दें कि मुख्यमंत्री आवास पर 2 घंटे तक अहम बैठक चली. जिसमें सीएम गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए सभी विभागों में समयबद्ध भर्तियां पूरी की जाए. प्रक्रियाधीन भर्तियों को लेकर CM गहलोत ने समीक्षा की.बैठक में प्रमुख सचिव DOP ने डिटेल जानकारी दी. एक दर्जन विभागों के प्रमुखों ने प्रजेंटेशन दिया. भर्तियों की वर्तमान स्थितियों की जानकारी दी. मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों को लंबित भर्तियां जल्दी पूरा करने के आदेश दिए है. साथ ही सीएम गहलोत ने कहा कि कोर्ट में अटकी भर्तियों का रास्ता निकालने के निर्देश. खाली पदों पर भर्ती के भी निर्देश दिए है. 

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CMR से वीसी के माध्यम से हुई बैठक: 
बैठक में प्रक्रियाधीन भर्तियों के मामले में चर्चा हुई. CMR से वीसी के माध्यम से यह बैठक हुई. जिसमें मुख्य सचिव राजीव स्वरूप मौजूद रहे. ACS वित्त निरंजन आर्य, प्रमुख सचिव DOP रोली सिंह भी मौजूद रही. प्रमुख सचिव चिकित्सा, सचिव शिक्षा विभाग को CMR बुलाया गया. सचिव महिला व बाल विकास और राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव भी CMR मौजूद रहे. 

कलयुगी मां की शर्मनाक करतूत, 4 दिन की मासूम बच्ची को अस्पताल में छोड़ भागी 

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जोधपुर: जोधपुर शहर में एक बार फिर ममता को शर्मसार करने का मामला सामने आया है. उम्मेद अस्पताल में एक कलयुगी मां अपने 4 दिन की मासूम बेटी को छोड़कर भाग गई , हालांकि अस्पताल के वार्ड में भर्ती अन्य मरीज व हॉस्पिटल प्रशासन में बच्ची को अपने संरक्षण में लिया और उसका मेडिकल चेकअप करवाया.

मासूम बच्ची को किया लव कुश संस्थान के सुपुर्द:
2 दिन तक अस्पताल में ऑब्जरवेशन रखने के बाद मासूम बच्ची को लव कुश संस्थान के सुपुर्द किया गया है. उम्मेद अस्पताल के अधीक्षक डॉ रंजना देसाई ने बताया कि 17 सितंबर को एक महिला हॉस्पिटल के वार्ड में आई और  पलंग पर एक बच्ची को छोड़ दिया. उस महिला ने पास में खड़ी महिला को कुछ देर में वापस लौट कर आने की बात कही. करीब 1 घंटा बीत जाने के बावजूद भी वह महिला वापस नहीं आई और मासूम बच्ची का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था.

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महिला की तलाश शुरू:
वार्ड में भर्ती अन्य महिला मरीजों ने अस्पताल प्रशासन को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने उस महिला की तलाश शुरू की. जब वह महिला कहीं नहीं मिली तो बच्चे को अस्पताल प्रशासन ने अपने संरक्षण में लिया और उसे दो दिन तक अस्पताल में रखा. बच्ची के पूर्ण स्वस्थ होने के बाद मासूम बच्ची को लव कुश संस्थान के सुपुर्द किया गया है.

सीएम योगी आदित्यनाथ ने दिए निर्देश,कहा-अस्पतालों में नहीं होनी चाहिए ऑक्सीजन की कमी

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नई दिल्ली: यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कोविड-19 के संक्रमण के नियंत्रण एवं उपचार की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाए रखने के निर्देश दिए है. योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकारी एवं निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता रहनी चाहिए. साथ ही ऑक्सीजन बैकअप की व्यवस्था भी रहनी चाहिए. योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को यहां अपने सरकारी आवास पर एक उच्चस्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा की. 

यूपी में मृत्यु की दर कम और रिकवरी दर अच्छी:
उन्होंने कहा कि राज्य में कोविड-19 के संक्रमण के नियंत्रण एवं उपचार की व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जाए. चिकित्सालयों में ऑक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता के साथ-साथ बैकअप की व्यवस्था भी रहनी चाहिए. यह भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि ऑक्सीजन निर्धारित मूल्य पर ही उपलब्ध हो. उन्होंने कहा कि प्रदेश में मृत्यु की दर कम और रिकवरी दर अच्छी है.  

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ओपीडी सुविधा काफी उपयोगी सिद्ध:
सीएम योगी ने कहा कि ई-संजीवनी एप के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही ओपीडी सुविधा काफी उपयोगी सिद्ध हो रही है. ज्यादा से ज्यादा लोग इस सेवा से लाभान्वित हो सके, इसके मद्देनजर E-संजीवनी एप का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाये. उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के सम्बन्ध में जागरूकता अभियान जारी रखा जाए. इसके लिए प्रचार के कई साधनों के साथ-साथ पब्लिक एड्रेस सिस्टम का भी व्यापक स्तर पर उपयोग किया जाए. योगी ने मेडिकल टेस्टिग, डोर-टू-डोर सर्वे और कॉन्टैक्ट ट्रेंसिग के कार्य को पूरी सक्रियता से संचालित करने के निर्देश दिए हैं. सीएम योगी ने कहा कि कोविड चिकित्सालयों की व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त बनाया रखा जाए. यह सुनिश्चित किया जाए कि चिकित्सक एवं नर्सिंग स्टाफ नियमित राउण्ड लें.

एक बार फिर से वसुंधरा राजे होगी 2023 में भाजपा का मुख्यमंत्री चेहरा, जानकार सूत्रों ने दिए संकेत !

जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में भारतीय जनता पार्टी की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे एक बार फिर से मुख्यमंत्री चेहरा होगी? इस बारे में जानकार सूत्रों ने संकेत दिए है. वसुंधरा राजे के एक बार फिर से कमान संभालने के संकेत दिए गए हैं. जनवरी, 2023 में भाजपा का स्थानीय चेहरा बनाए जाने के संकेत दिए गए हैं, हालांकि इस बारे में अमित शाह-नरेन्द्र मोदी के स्तर पर अंतिम फैसला होगा. लेकिन जेपी नड्डा के स्तर पर मैडम को जरूर मिला है एक LOOSE ASSURANCE.

नड्डा ने मैडम को दी ये सलाह:
गजेन्द्र सिंह और दूसरे सभी विवादास्पद मुद्दों से दूर रहने की सलाह दी गई हैं. एक अनुशासित सिपाही के रूप में पार्टी का काम करते रहने की सलाह दी गई हैं और यदि ऐसे ही सबकुछ ठीक ठाक चलता रहा. तो सचमुच 2023 में मैडम की कमान में चुनाव लड़ा जा सकता है. 

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तो फिर क्या होगा कटारिया-पूनियां-राठौड़ की टीम का?:
फिलहाल मैडम बिहार चुनाव में प्रचार पर जाएंगी और नड्डा की संभावित टीम में भी मैडम को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिल सकती है. अब इस सारे हालात में है एक यक्ष प्रश्न ?यदि सचमुच अमित शाह-नरेन्द्र मोदी ने मान लिया नड्डा का मैडम को आगे लाने का सुझाव? तो फिर कटारिया-पूनियां-राठौड़ की टीम का क्या होगा? और खासतौर पर गजेन्द्र सिंह शेखावत की सीएम उम्मीदवारी का भी होगा क्या?

साल 2003 में बनी थी सूबे की पहली बार सीएम:
गौरतलब है कि वसुंधरा राजे 2 बार सूबे की कमान संभाल चुकी है.साल 2003 में उन्होंने झालरापाटन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा और फिर से विधायक के रूप में चुनी गई. बाद में वे राजस्थान की मुख्यमंत्री बन गई थी. साल 2008 में उन्होंने फिर से झालरापाटन विधानसभा से चुनाव जीता और राजस्थान विधानसभा के लिए चुनी गई, लेकिन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विपक्ष में बैठी. साल 2009 में वसुंधरा राजे को राजस्थान विधान सभा के विपक्ष के नेता के रूप में निर्वाचित किया गया था. 

साल 2013 में बनी थी दूसरी बार मुख्यमंत्री:
साल 2013 में वसुंधरा राजे ने फिर से झालरापाटन से चुनाव लड़ा और कांग्रेस की मीनाक्षी चंद्रावत को हराया. फिर वे राजस्थान की मुख्यमंत्री बनी थी.आपको बता दें कि साल 2018 में वसुंधरा राजे ने झालरपाटन से जीत दर्ज की और फिर से विधायक चुनी गई,लेकिन उनके नेतृत्‍व में राजस्‍थान भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा. जिसके चलते वसुंधरा से मुख्‍यमंत्री की कुर्सी छिन गई. 

सामूहिक आत्महत्या प्रकरण: पुलिस को ​मौके से मिला सुसाइड नोट, मृतक यशवंत ने लिखा था सुसाइड नोट...

सामूहिक आत्महत्या प्रकरण: पुलिस को ​मौके से मिला सुसाइड नोट, मृतक यशवंत ने लिखा था सुसाइड नोट...

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर में कर्ज के चलते एक ही परिवार के 4 लोगों ने सामूहिक खुदकुशी कर ली. माता-पिता और 2 बच्चों ने आत्महत्या कर ली. ये घटना जयपुर के कानोता थाना इलाके के जामडोली की है. पुलिस को मौके पर एक सुसाइड नोट मिला है. यह सुसाइड नोट यशवंत सोनी ने लिखा था, जिसमें लिखा है कि कर्ज नहीं चुकाने की वजह से हमें परेशान किया जा रहा है. उसमें 3 लोगों का ​जिक्र किया गया है.

पुलिस ने नामजद तीन व्यक्तियों को लिया हिरासत में:
पुलिस ने नामजद 3 लोगों को हिरासत में ले लिया है. पुलिस ने मृतकों के शव मोर्चरी में रखवाए है. फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है. बताया जा रहा है कि परिवार कर्ज से परेशान था. घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है. प्राथमिक तौर पर यह मामला खुदकुशी से जुड़ा माना जा रहा है.

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माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या:
पुलिस ने बताया कि माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या की है. पति यशवंत सोनी और पत्नी ममता सोनी, दो पुत्र भारत और अजित सोनी ने सामूहिक आत्महत्या की. परिवार के इन सदस्यों ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है. यह परिवार ज्वैलरी के कारोबार से जुड़ा हुआ था. 

कर्जे और आर्थिक तंगी की वजह से की आत्महत्या:
बताया जा रहा है कि कर्जे और आर्थिक तंगी की वजह से परिवार ने आत्महत्या की. यह जानकारी डीसीपी ईस्ट राहुल जैन ने दी. इस मामले में 3 लोगों को हिरासत में लिया है. बहरहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है. हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है. 

आखिर कौन होगा 2023 में भाजपा का चुनावी चेहरा? इस बारे में जानकार सूत्रों ने दिए चौंकाने वाले संकेत

जयपुर: राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में भारतीय जनता पार्टी का चुनावी चेहरा आखिर कौन होगा ? इस बारे में जानकार सूत्रों ने चौंकाने वाले संकेत दिए है. वसुंधरा राजे के एक बार फिर से कमान संभालने के संकेत दिए गए हैं. जनवरी, 2023 में भाजपा का स्थानीय चेहरा बनाए जाने के संकेत दिए गए हैं, हालांकि इस बारे में अमित शाह-नरेन्द्र मोदी के स्तर पर अंतिम फैसला होगा. लेकिन जेपी नड्डा के स्तर पर मैडम को जरूर मिला है एक LOOSE ASSURANCE.नड्डा ने मैडम को ये सलाह दी. 

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जोधपुर में पुस्तकालय भर्ती परीक्षा में पकड़ा मुन्नाभाई, ब्लूटूथ के जरिये नकल करते हुए पाया गया परीक्षार्थी

जोधपुर में पुस्तकालय भर्ती परीक्षा में पकड़ा मुन्नाभाई, ब्लूटूथ के जरिये नकल करते हुए पाया गया परीक्षार्थी

जोधपुर: प्रदेश में आज पुस्तकालय भर्ती परीक्षा में ब्लूटूथ के जरिये नकल करते परीक्षार्थी पकड़ा गया. JNVU रजिस्ट्रार चंचल वर्मा और पुलिस मौके पर पहुंची. परीक्षार्थी नकल करते वरुण भारती स्कूल में पकड़ा गया. नकल करने वाले परीक्षार्थी का नाम श्रीराम विश्नोई है. फिलहाल परीक्षार्थी को दूसरी कॉपी दी गई. परीक्षा खत्म होने के बाद मुकदमा दर्ज होने की कार्रवाई होगी.  

पेपर आउट गिरोह सक्रिय होने की खबर आई थी सामने:
आपको बता दें कि पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती-2018 परीक्षा के एक दिन पहले पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो गए थे. जानकारी के मुताबिक सोशल मीडिया पर पेपर आउट करने का ऑडियो वायरल हो रहा था. परीक्षा से 5 घंटे पहले 13 लाख रुपए में पेपर देने की बात कही जा रही थी. जयपुर और जोधपुर में पेपर आउट गिरोह सक्रिय हो रहे हेै. परीक्षा से पहले 3 लाख रुपए देने की बात हो रही है. तो वहीं अंतिम सिलेक्शन के बाद 10 लाख रुपए देने की बात हो रही है. दिसंबर 2019 में पहले भी पेपर आउट होने के चलते यह परीक्षा रद्द हुई थी. 

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आज आयोजित हुई परीक्षा:
पुस्तकालय अध्यक्ष ग्रेड थर्ड सीधी भर्ती परीक्षा-2018 का आयोजन शनिवार को हुआ. यह परीक्षा प्रदेश के 23 जिलों में आयोजित हुई. सुबह 11 बजे से 2 बजे तक परीक्षा आयोजित हुई. परीक्षा को लेकर कोरोना गाइड लाइन अनुसरण के निर्देश दिए. बिना मास्क के किसी परीक्षार्थी को प्रवेश नहीं दिया जाएगा. परीक्षार्थियों की तापमान जांच और हाथ सैनिटाइज की व्यवस्था की गई. 

जयपुर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने की आत्महत्या, कर्जे और आर्थिक तंगी से परेशान था परिवार 

जयपुर में एक ही परिवार के 4 सदस्यों ने की आत्महत्या, कर्जे और आर्थिक तंगी से परेशान था परिवार 

जयपुर: प्रदेश की राजधानी जयपुर से सनसनीखेज खबर सामने आई है. यहां पर कर्ज के चलते एक ही परिवार के 4 लोगों ने सामूहिक आत्महत्या कर ली है. माता-पिता और 2 बच्चों ने आत्महत्या कर ली. ये घटना जयपुर के कानोता थाना इलाके के जामडोली की है. बताया जा रहा है कि परिवार कर्ज से परेशान था. घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई है. हालांकि मौके से किसी तरह का सुसाइड नोट मिला है या नहीं, पुलिस ने फिलहाल इस बारे में कोई जानकारी नहीं दी है. पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है. प्राथमिक तौर पर यह मामला खुदकुशी से जुड़ा माना जा रहा है.

माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या:
पुलिस ने बताया कि माता-पिता और दो बच्चों ने की सामूहिक आत्महत्या की है. पति यशवंत सोनी और पत्नी ममता सोनी, दो पुत्र भारत और अजित सोनी ने सामूहिक आत्महत्या की. परिवार के इन सदस्यों ने फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली. घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची. जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है. यह परिवार ज्वैलरी के कारोबार से जुड़ा हुआ था. 

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कर्जे और आर्थिक तंगी की वजह से की आत्महत्या:
बताया जा रहा है कि कर्जे और आर्थिक तंगी की वजह से परिवार ने आत्महत्या की. यह जानकारी डीसीपी ईस्ट राहुल जैन ने दी. इस मामले में 3 लोगों को हिरासत में लिया है. बहरहाल, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले में आगे की जांच की जा रही है. हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ की जा रही है. 

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