बाड़मेर कस्टडी मौत पर सदन में हंगामा, भाजपा ने उठाई सीबीआई जांच की मांग 

 बाड़मेर कस्टडी मौत पर सदन में हंगामा, भाजपा ने उठाई सीबीआई जांच की मांग 

जयपुर: राजस्थान विधानसभा में शुक्रवार को बाड़मेर में पुलिस कस्टडी में दलित युवक की मौत के मामले में जमकर हंगामा हुआ. संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल और नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया के बीच जमकर नोकझोंक हुई. वही स्पीकर सीपी जोशी और धारीवाल के बीच भी जमकर बहस हुई. मामला बढ़ता देख स्पीकर डॉ. सीपी जोशी ने अगले हफ्ते इस मुद्दें पर चर्चा कराने की बात कहकर मामले को वहीं समाप्त कर दिया. 

अपना धर्म निभाया और जमकर किया हंगामा: 
जैसी आशंका थी, ठीक वैसा ही हुआ. बाड़मेर में पुलिस कस्टडी में दलित युवक की मौत के मामले में राज्य सरकार ने हालांकि सदन में मामला आने से पहले ही पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई कर दी, लेकिन राजनीतिक दलों ने सदन में अपना धर्म निभाया और जमकर हंगामा किया. शून्यकाल में संसदीय कार्यमंत्री शांति धरीवाल ने बाड़मेर की घटना पर सरकार की तरफ से बयान दिया. नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, विधायक जोगेश्वर गर्ग ने मंत्री के जवाब पर सवाल उठाए. 

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दोषी पुलिसकर्मियों को नौकरी से हटाने की मांग:
भाजपा विधायकों ने घटना की सीबीआई जांच की मांग की. साथ ही मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की. गुलाबचंद कटारिया ने दोषी पुलिसकर्मियों को नौकरी से हटाने  की मांग की.  इस मामले में कुछ भाजपा विधायक बोलना चाह रहे थे लेकिन स्पीकर सीपी जोशी ने मना कर दिया, इस बीच भाजपा विधायक मदन दिलावर उठकर वेल में आने लगे, नाराज स्पीकर ने विधायकों को कड़ी फटकार लगाई और चर्चा समाप्त करने की घोषणा कर दी. इससे नाराज भाजपा विद्यायक वेल में आ गए और नारेबाजी करने लगे.

स्पीकर सीपी जोशी ने मोर्चा संभाला: 
हंगामे के दौरान ही स्पीकर सीपी जोशी ने मोर्चा संभाला और बाड़मेर में कस्टडी में मौत मामले में मंत्री शांति धरीवाल से सवाल शुरु कर दिए, जोशी ने पूछा कि बाड़मेर में पुलिस हिरासत में हुई मौत मामले में अब आगे क्या कार्रवाई की जाएगी,  बिना एफआईआर दर्ज किए किसी को प्रताड़ित नहीं करने को लेकर सरकार क्या कुछ कानून लाएगी. साथ ही यह भी कहा कि मृतक के परिवार के भरण-पोषण के मानवीय पहलू पर विचार होना चाहिए. इस पर मंत्री शांति धारीवाल फिर पूरी कहानी सुनाने लग गए. इस पर स्पीकर सीपी जोशी नाराज हो गए और कहा कि क्या पुलिस इतनी सज्जन है कि किसी को थाने में रातभर बैठाए और उसकी पिटाई नहीं करे. इसे लेकर जोशी की धारीवाल से जमकर बहस हुई. जोशी ने कहा कि आजादी के बाद से यह प्रक्रिया चल रही है.

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तीखी नोकझोंक खत्म:
शांति धारीवाल और स्पीकर के बीच तीखी नोकझोंक खत्म हुई थी कि नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया इस मामले पर फिर बोलने को लेकर खड़े हुए इस बीच मंत्री शांति धारीवाल ने उनको बीच में टोका इसके बाद तो हालात यहां तक हो गए कि दोनों ने एक-दूसरे पर जमकर हमले बोले. सदन में स्थिति बिगड़ कर देखकर विधानसभा अध्यक्ष डॉक्टर सीपी जोशी ने चर्चा को बीच में ही खत्म कर दिया और कहा कि अब अगले सप्ताह ही इस विषय पर फिर से चर्चा होगी और अगली बार जब चर्चा हो तो सरकार पुलिस कस्टडी में मरने वाले लोगों के परिजनों के लिए विशेष पैकेज का प्लान लेकर आए.

...योगेश शर्मा, ऋतुराज शर्मा, ऐश्वर्य प्रधान, नरेश शर्मा फर्स्ट इंडिया न्यूज़ जयपुर

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