मरीज की मौत के बाद परिजनों का अस्पताल में हंगामा, लगाए गंभीर आरोप

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/09/24 02:17

कोटा: जिले में आज एक बार फिर शहर के जाने माने प्राइवेट अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ. मरीज की मौत के बाद अस्पताल में परिजनों ने तौड़फोड़ कर दी. परिजनों का आरोप था कि मरीज की बीमारी के बारे में स्पष्ट रूप से अस्पताल प्रबंधन ने नहीं बताया और इलाज की रकम जमा कराते गए. दो दिन में एक लाख से ज्यादा की रकम जमा कराने बाद भी आज अंत में परिजनों को डेड बॉडी दे दी गई. 

गुस्साएं परिजनों ने काउंटर पर रखे कम्प्यूटर को तहस नहस कर दिया: 
कोटा में शहर तलवंडी क्षेत्र में सबसे बड़े प्राइवेट अस्पताल में आज मरीज की मौत के बाद हंगामा हुआ. परिजनों का गुस्सा इतना बढ़ा की उन्होंने अस्पताल के रजिस्ट्रेशन काउंटर से वहां रखे कम्प्यूटर को तहस नहस कर दिया. हंगामे की सूचना पर जवाहर नगर थाना पुलिस और आलाधिकारी मौके पर पहुंचे और मरीजों से समझाइश की गई. इस दौरान एक युवक ने फिर से हाथ से काउंटर को फोड़ डाला जिससे हाथ की नसें कट गई. दरअसल, कोटा के ग्रामीण इटावा क्षेत्र से मोहनलाल मीणा को दो दिन पहले सुधा अस्पताल में भर्ती करवाया गया था. परिजनों के मुताबिक दो दिन तक अस्पताल में कई महंगी जांच करवाई गई और मोहनलाल की मौत तक बीमारी के बारे में नहीं बताया गया और अंत में उन्हें डेड बॉडी सुपुर्द की गई. दो दिन में अस्पताल प्रबंधन करीब एक लाख रूपये से ज्यादा की रकम भी जमा कराई. अब परिजन अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे है. 

अस्पताल प्रशासन कहा ने मरीज को बताया गंभीर: 
हंगामे और तौड़फोड़ के बाद अस्पताल प्रशासन ने अपने उपर लगे सभी आरोपों झूठा बताया और कहा कि मरीज मोहनलाल बहुत सीरियस हालत में अस्पताल में लाया गया था. मरीज के फैंफडे पूरी तरह से खराब हो चुके थे और इंफेक्शन फैल चुका था. इस बारे में परिजनों को भी बता दिया गया था. लेकिन मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया. अस्पताल प्रबंधन से जब इस बात का पूछा गया कि आखिर हर बार सुधा हॉस्पिटल में हंगामा क्यों होता है. इस पर अस्पताल के मालिक ने कहा कि यहां सबसे ज्यादा गंभीर हालत में मरीज आते है. मरीज की मौत हो जाती है तो परिजनों के पास ना तो पैसा बचता है और ना ही मरीज ऐसे में हंगामे के हालात बनते है. 

रिपोर्ट आने के बाद होगी कानूनी कार्रवाई: 
उधर, मौके पर पहुंचे पुलिस के आलाधिकारियों ने कहा कि जो भी रिपोर्ट आयेगी उस पर कानूनी से कार्रवाई की जायेगी. कोटा का यह हॉस्पिटल इससे पहले भी कई बार विवादों में आ चुका है. कई बार यहां मरीज की मौत और इलाज में लापरवाही को लेकर हंगामे हुए है. ऐसे में सवाल यहीं उठता है कि लाखों रूपये इलाज के नाम पर लेने वाले नामी अस्पतालों में बार बार हंगामे होना कहा तक उचित है और कब तक इसी तरह मौत पर हंगामे होते रहेंगे. 

...गुल मोहम्मद मुल्तानी फर्स्ट इंडिया न्यूज कोटा

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