Uttar Pradesh: योगी सरकार ने तय की धान क्रय नीति, बायोमीट्रिक प्रक्रिया का करना होगा पालन

Uttar Pradesh: योगी सरकार ने तय की धान क्रय नीति, बायोमीट्रिक प्रक्रिया का करना होगा पालन

Uttar Pradesh: योगी सरकार ने तय की धान क्रय नीति,  बायोमीट्रिक प्रक्रिया का करना होगा पालन

लखनऊ: उत्तर प्रदेश मंत्रिमंडल ने खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में किसानों को उनकी उपज का लाभकारी मूल्य दिलाने के लिए बुधवार को धान क्रय नीति तय कर दी. 

सीएम योगी की बैठक के बाद लिया निर्णय:
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने यहां बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस नीति पर मुहर लगाई गई. उन्होंने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में लखनऊ सम्भाग के हरदोई, लखीमपुर तथा बरेली, मुरादाबाद, मेरठ, सहारनपुर, आगरा, अलीगढ़ और झांसी जिलों में धान क्रय की अवधि एक अक्टूबर 2021 से 31 जनवरी 2022 तक तथा लखनऊ सम्भाग के लखनऊ, सीतापुर, रायबरेली, उन्नाव व चित्रकूट, कानपुर, अयोध्या, देवीपाटन, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, वाराणसी, मिर्जापुर एवं प्रयागराज मंडलों में एक नवंबर 2021 से 28 फरवरी 2022 तक होगी. 

बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा होगी धान की खरीद:
गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में मूल्य समर्थन योजना के तहत सामान्य धान का समर्थन मूल्य 1940 रुपए प्रति क्विंटल तथा ग्रेड-ए का समर्थन मूल्य 1960 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है. निर्धारित खरीद नीति के तहत धान विक्रय से पूर्व कृषक पंजीयन तथा सभी क्रय एजेंसियों पर ऑनलाइन धान क्रय की प्रक्रिया अनिवार्य की गई. नीति के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में 4,000 क्रय केन्द्र स्थापित किए जाएंगे. खरीफ विपणन वर्ष 2021-22 में 'इलेक्ट्रॉनिक पॉइंट ऑफ परचेज' मशीन के माध्यम से किसानों के बायोमीट्रिक प्रमाणीकरण द्वारा क्रय केन्द्रों पर धान की खरीद की जाएगी. सोर्स-भाषा

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