Uttarakhand: मूसलाधार बारिश से 23 और लोगों की मौत, नैनीताल का राज्य के शेष हिस्सों से टूटा संपर्क

Uttarakhand: मूसलाधार बारिश से 23 और लोगों की मौत, नैनीताल का राज्य के शेष हिस्सों से टूटा संपर्क

Uttarakhand: मूसलाधार बारिश से 23 और लोगों की मौत, नैनीताल का राज्य के शेष हिस्सों से टूटा संपर्क

देहरादून: उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश होने से मंगलवार को 23 और लोगों की मौत हो गयी तथा कई मकान ढह गए. कई लोग अब भी मलबे में फंसे हुए हैं. राज्य आपात अभियान केंद्र (SEOC) के अनुसार राज्य में पिछले दो दिनों में बारिश से संबंधित घटनाओं में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 28 हो गयी है. सोमवार को पांच लागों की मौत हुई थी. राज्य का कुमाऊं क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुआ है. एसईओसी ने बताया कि मंगलवार को नैनीताल जिले में 18, अल्मोड़ा जिले में तीन और चंपावत तथा ऊधम सिंह नगर जिलों में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई. इसके अलावा भूस्खलन के बाद नैनीताल से पांच लोगों के लापता होने की खबर है जबकि अल्मोड़ा से एक और चंपावत जिले से दो लोग लापता हैं.

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ कुमाऊं क्षेत्र में वर्षा प्रभावित इलाकों का दौरा करने गए पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा कि नैनीताल के काठगोदाम और लालकुआं तथा ऊधम सिंह नगर के रुद्रपुर में सड़कों, पुलों और रेल पटरियों को नुकसान पहुंचा हैं. कुमार ने पीटीआई-भाषा से कहा कि क्षतिग्रस्त पटरियों को ठीक करने में कम से कम चार-पांच दिन लगेंगे. नैनीताल का संपर्क राज्य के बाकी हिस्सों से दूसरे दिन भी कटा रहा क्योंकि भूस्खलन से जिले की ओर जाने वाले तीन रास्ते अवरुद्ध हो गए हैं. नैनीताल में मॉल रोड और नैनी झील के किनारे पर स्थित नैना देवी मंदिर में बाढ़ आ गयी है, जबकि भूस्खलन के कारण एक हॉस्टल की इमारत को नुकसान पहुंचा है. भूस्खलन से शहर से बाहर जाने का रास्ता अवरुद्ध हो गया है. रामनगर-रानीखेत मार्ग पर लेमन ट्री रिजॉर्ट में करीब 100 लोग फंस गए हैं और कोसी नदी का पानी रिजॉर्ट में घुस रहा है. नैनीताल जिले में बिजली, दूरसंचार और इंटरनेट संपर्क भी बुरी तरह बाधित है.

जिला प्रशासन शहर में फंसे पर्यटकों की मदद कर रहा है 
नैनीताल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, जिला प्रशासन शहर में फंसे पर्यटकों की मदद के लिए पुरजोर प्रयास कर रहा है. शहर में आने वाले और बाहर जाने वाले वाहनों में सवार यात्रियों को आगाह करने के लिए पुलिस को तैनात किया गया है. धामी ने कहा कि भारतीय वायु सेना के तीन हेलीकॉप्टर राज्य में पहुंच गए हैं और राहत तथा बचाव कार्यों में मदद कर रहे हैं. दो हेलीकॉप्टर नैनीताल जिले में तैनात किए गए हैं जबकि तीसरा हेलीकॉप्टर गढ़वाल क्षेत्र में बचाव अभियान में शामिल है. मुख्यमंत्री ने राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री धन सिंह रावत और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अशोक कुमार के साथ बारिश से हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया. धामी ने कहा कि व्यापक क्षति हुई है. उन्होंने कहा कि फंसे हुए लोगों को सुरक्षित निकालने पर ध्यान दिया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने लोगों से नहीं घबराने की अपील करते हुए कहा कि लोगों की जान बचाने के लिए हरसंभव कदम उठाए जा रहे हैं. उन्होंने कहा कि मौसम विभाग ने मंगलवार शाम से मौसम में सुधार होने की बात कही है. 

चारधाम यात्रा मार्ग पर फंसे हुए तीर्थयात्रियों की खासतौर से की जा रही है देखभाल
उन्होंने चारधाम यात्रियों से फिर अपील की कि वे जहां हैं, वहीं रुक जाएं और मौसम में सुधार होने से पहले अपनी यात्रा शुरू नहीं करें. उन्होंने चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के जिलाधिकारियों से चारधाम यात्रा मार्ग पर फंसे हुए तीर्थयात्रियों की खासतौर से देखभाल करने का निर्देश दिया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति का जायजा लेने के लिए धामी से फोन पर बातचीत की और उन्हें हरसंभव मदद का आश्वासन दिया. इस बीच, एसईओसी ने कहा कि राज्य की अधिकतर नदियां उफान पर हैं और हरिद्वार में गंगा का जलस्तर 293.90 मीटर तक पहुंच गया है, जो खतरे के निशान 294 मीटर से मामूली नीचे है. एसईओसी ने बताया कि नैनीताल में 90 मिलीमीटर, हल्द्ववानी में 128 मिमी, कोश्याकुटोली में 86.6 मिमी, अल्मोड़ा में 216.6 मिमी, द्वाराहाट में 184 मिमी और जागेश्वर में 176 मिमी बारिश हुई. सोर्स- भाषा
 

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