उत्तराखंडः यमुनोत्री के कपाट खुले, शनिवार को खुलेंगे गंगोत्री के कपाट, चारधाम यात्रा आरंभ

उत्तराखंडः यमुनोत्री के कपाट खुले, शनिवार को खुलेंगे गंगोत्री के कपाट, चारधाम यात्रा आरंभ

उत्तरकाशी (उत्तराखंड): कोविड-19 के बढ़ते कहर के बीच विश्वप्रसिद्ध हिमालयी धाम यमुनोत्री के कपाट छह माह के शीतकालीन अवकाश के बाद सीमित संख्या में तीर्थ पुरोहितों और प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में खोले गए. यहां पहली पूजा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से की गई .कपाट खुलने के दौरान इस साल भी श्रद्धालु मौजूद नहीं रहे. कोरोना वायरस संक्रमण के चलते ऐसा लगातार दूसरी बार हुआ है . पिछले साल भी केवल तीर्थ पुरोहित और प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में ही धाम के कपाट खुले थे.

कुल 25 लोगों की मौजूदगी में यमुनोत्री धाम के कपाट खुलेः
अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर अभिजीत मुहूर्त में सवा बारह बजे विधिवत पूजा अर्चना के साथ यमुनोत्री मंदिर समिति के पदाधिकारियों, बडकोट के उपजिलाधिकारी चतर सिंह तथा तीर्थ पुरोहितों सहित कुल 25 लोगों की मौजूदगी में यमुनोत्री धाम के कपाट खुले.

प्रधानमंत्री मोदी की ओर से की गई पहली पूजाः
कपाट खुलने के बाद पहली पूजा प्रधानमंत्री मोदी की ओर से की गई. यमुनोत्री धाम के पुरोहित पवन उनियाल ने बताया कि प्रधानमंत्री की ओर से यमुनोत्री में पहली पूजा के लिए 1101 रुपए की धनराशि दी गई जिसे चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड ने यमुनोत्री मंदिर समिति के खाते में स्थांतरित किया गया.

कोविड नियमों के कारण ग्रामीणों ने अपने घरों से ही मां यमुना को दी विदाईः
इससे पहले, सुबह नौ बजे विशेष पूजा अर्चना के बाद मां यमुना की डोली और भोगमूर्ति ढोल-दमाऊ के बीच अपने भाई शनि महाराज की डोली के साथ अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली से रवाना हुई. इस दौरान सरकार द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया का पालन करते हुए ग्रामीणों ने अपने घरों से ही मां यमुना को विदाई दी.

चारधाम यात्रा आरंभः
यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही इस वर्ष की चारधाम यात्रा आरंभ हो गई है . शनिवार 15 मई को गंगोत्री धाम के कपाट मिथुन लग्न में सुबह 07:30 पर पूरे विधि-विधान से साथ खोले जाएंगे. केदारनाथ मंदिर के कपाट 17 मई को और बदरीनाथ के कपाट 18 मई को खुलेंगे. 

केवल तीर्थ पुरोहित ही करेंगे पूजा पाठः
प्रदेश में संक्रमण की गंभीर स्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने 29 अप्रैल को चारधाम यात्रा स्थगित करने की घोषणा की थी और कहा था कि धामों के कपाट नियत समय पर खुलेंगे लेकिन उनमें पूजा पाठ केवल तीर्थ पुरोहित ही करेंगे.
सोर्स भाषा

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