देहरादून, उत्तराखंड Uttarakhand Glacier Burst Update: तपोवन सुरंग से 2 और शव बरामद, मरने वालों की संख्या 40 हुई, 164 अभी भी लापता

Uttarakhand Glacier Burst Update: तपोवन सुरंग से 2 और शव बरामद, मरने वालों की संख्या 40 हुई, 164 अभी भी लापता

Uttarakhand Glacier Burst Update: तपोवन सुरंग से 2 और शव बरामद, मरने वालों की संख्या 40 हुई, 164 अभी भी लापता

देहरादूनः उत्तराखंड के आपदाग्रस्त चमोली जिले में तपोवन सुरंग से आज तड़के दो शव बरामद किए गए है. चमोली की जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया ने बताया है कि सुरंग के अंदर से तड़के दो शव बरामद हुए हैं. उन्होंने बताया कि शवों की शिनाख्त करने का प्रयास किया जा रहा है. गौरतलब है कि ऋषिगंगा घाटी में सात फरवरी को आई बाढ़ में मारे गए 40 लोगों के शव अब तक बरामद हो चुके हैं, जबकि 164 अन्य लोग अब भी लापता हैं. फिलहाल रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है और नए-नए तरीकों से लोगों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है. 

सुरंग में काम करने वाले कर्मचारी अभी भी फंसे हुएं हैं अंदर 

इन लापता लोगों में तपोवन सुरंग में फंसे 25 से 35 वे लोग भी शामिल हैं जो आपदा के समय वहां काम कर रहे थे. सुरंग में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए सेना, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल, राज्य आपदा प्रतिवादन बल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस द्वारा पिछले एक सप्ताह से संयुक्त बचाव अभियान चलाया जा रहा है. गौरतलब है कि कल ऋषिगंगा नदी पर बनी एक अस्थायी झील से पानी निकलना शुरू हो गया था, जिससे इस क्षेत्र में एक और बाढ़ का खतरा कम हो गया है जबकि उत्तराखंड में एनटीपीसी की तपोवन-विष्णुगाड जल विद्युत परियोजना की गाद से भरी सुरंग के अंदर फंसे लोगों के संभावित स्थान तक पहुंचने के लिए सुरंग में किए गए सुराख को बचाव टीमों ने शनिवार को और चौड़ा करना शुरू कर दिया है.

सुराख को किया जा रहा है चौड़ा

राष्ट्रीय ताप विद्युत निगम (एनटीपीसी) परियोजना के महाप्रबंधक आर पी अहिरवाल ने कहा है कि सिल्ट फ्लशिंग टनल (एसएफटी) में शुक्रवार रात 75 मिमी व्यास का सुराख किया गया था, लेकिन अब इसे 300 मिमी तक चौड़ा किया जा रहा है ताकि गाद से भरी सुरंग के अंदर उस स्थान तक कैमरा और पानी बाहर निकालने वाला पाइप पहुंच सके जहां लोगों के फंसे होने की आशंका है. उन्होंने कहा है कि सुराख में 12 मीटर की गहराई होगी. बचाव अभियान में लगी कई एजेंसियों की समन्वय बैठक में, अहिरवाल ने कहा है कि एसएफटी सुरंग के अंदर की स्थितियों को 10-12 घंटे में जाना जा सकता है. 

बाढ़ का खतरा हुआ कम

एनटीपीसी अधिकारी ने कहा है कि धौलीगंगा के प्रवाह को बहाल करने का कार्य भारी मशीनों के जरिए शुरू किया जा चुका है. प्रभावित इलाकों से अब तक 40 शव बरामद किए गए हैं जबकि 164 अभी भी लापता हैं. यहां राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र ने कहा कि ऋषि गंगा के एक हवाई सर्वेक्षण के दौरान भारतीय दूर संवेदन संस्थान के वैज्ञानिकों ने पाया कि हिमस्खलन के कारण बनी झील पानी छोड़ने लगी है, जिससे इस क्षेत्र में एक और बाढ़ का खतरा कम हो गया है. (सोर्स-भाषा)

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