जयपुर VIDEO: मवेशियों में फैल रही लम्पी स्किन डिजीज को लेकर वीसी, पशुपालन मंत्री कटारिया बोले- मिशन मोड पर कार्य करें अधिकारी

VIDEO: मवेशियों में फैल रही लम्पी स्किन डिजीज को लेकर वीसी, पशुपालन मंत्री कटारिया बोले- मिशन मोड पर कार्य करें अधिकारी

जयपुर: लम्पी स्किन डिजीज को लेकर पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक ली. पशुपालन मंत्री ने अफसरों को मिशन मोड पर कार्य करने के निर्देश दिए हैं. वहीं विभाग के अफसर अगले 20 दिन में बीमारी पर नियंत्रण का दावा कर रहे हैं. पशुपालन मंत्री लालचंद कटारिया ने प्रदेश के पश्चिमी जिलों के मवेशियों में फैल रही लम्पी स्किन डिजीज की समीक्षा की. इस मौके पर कटारिया ने कहा कि राज्य सरकार गौवंशीय पशुओं को इस बीमारी से बचाने के लिए संवेदनशीलता के साथ हर संभव प्रयास कर रही है. उन्होंने अधिकारियों को बीमारी की रोकथाम के लिए मिशन मोड पर काम करने के निर्देश दिए हैं. 

कटारिया ने आज यहां पंत कृषि भवन में वीसी के माध्यम से प्रभावित जिलों के अधिकारियों के साथ चर्चा की. बीमारी के संक्रमण एवं रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की समीक्षा की. मंत्री ने जिला वार अधिकारियों से चर्चा कर बीमारी के संक्रमण की स्थिति और रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी ली. साथ ही दवा की उपलब्धता और चिकित्साकर्मियों की स्थिति के बारे में जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को संक्रमण की जानकारी मिलने पर तुरंत मौके पर पहुंचकर उपचार करने और पशुपालकों को बचाव के उपायों के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए. 

कटारिया ने गौशाला संचालकों के लगातार संपर्क में रहने को कहा. कहा कि चिकित्सा दल अनुदानित-गैर अनुदानित सभी गौशालाओं का गहनता से विजिट करें और बीमार गायों का उपचार करें. पारम्परिक तरीकों के साथ सोडियम हाइपो क्लोराइट से सेनिटाइज कराएं. आपातकालीन जरूरी दवाएं खरीदने के लिए संभाग स्तरीय पशुपालन कार्यालयों को बजट आवंटित किया गया है. अजमेर, बीकानेर और जोधपुर कार्यालयों को 8 से 12 लाख रुपए और बाकी प्रभावित जिलों को 2 से 8 लाख रुपए का बजट दिया गया है. आपातकालीन परिस्थितियों को देखते हुए अन्य जिलों के औषधि भंडारों में उपलब्ध दवाईयां प्रभावित जिलों में भेजी गई हैं.

पशुपालन मंत्री ने अत्यावश्यक दवाईयां जैनरिक नाम से उपलब्ध नहीं होने पर ब्रांड नाम से खरीदने की स्वीकृृति दी है. उन्होंने बताया कि ज्यादा प्रभावित जिलों में स्टेट मेडिकल टीम और पड़ोसी जिलों से टीमें भेजी गई हैं. प्रभावित जिलों के लिए अन्य जिलों से 29 पशु चिकित्सक एवं 93 पशुधन सहायक लगाए गए हैं. रोगी पशुओं का उपचार और प्रभावी माॅनिटरिंग के लिए 30 अतिरिक्त वाहनों की स्वीकृति जारी की गई है. निदेशालय से भेजे गए नोडल अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर लगातार माॅनिटरिंग कर रहे हैं. आवश्यकता होने पर अन्य जिलों से और स्टाफ भेजा जाएगा. 

पशुओं में फैल रहे इस रोग की सतत निगरानी के लिए प्रभावित जिलों के साथ-साथ जयपुर मुख्यालय पर नियंत्रण कक्ष बनाया गया है. पशुपालन विभाग के सचिव पीसी किशन ने लम्पी स्किन डिजीज पर अगले 15 से 20 दिन में पूरी तरह काबू करने के निर्देश दिए. किशन ने कहा कि बाड़मेर, जालोर, जैसलमेर, जोधपुर एवं सिरोही जिलों में संक्रमण ज्यादा होने के कारण क्लोज माॅनिटरिंग की जा रही है. गुजरात से सटे डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, राजसमंद सहित अन्य जिलों में भी सतर्कता बरती जा रही है. उन्होंने बताया कि भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, नई दिल्ली एवं राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशु रोग संस्थान, भोपाल से आए दल ने जोधपुर एवं नागौर जिले के रोगी पशुओं के सैम्पल लिए हैं.

पशुपालन मंत्री ने बताया कि रोग प्रकोप की इस आपदा से निपटने के लिए जिलों को पूर्ण शक्तियां दी गई हैं. उन्होंने रोगी पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग बांधने की सलाह दी है. साथ ही स्थानीय निकाय के सहयोग से मृत पशुओं का निस्तारण वैज्ञानिक विधि से करने के भी निर्देश दिए. जोधपुर संभाग में इस बीमारी का प्रकोप ज्यादा है, हालांकि इसमें मृत्यु दर ज्यादा नहीं है. बीमार होने वाले पशुओं में से एक से डेढ़ प्रतिशत पशुओं की मौत हो रही है, जो काफी कमजोर और कम रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले हैं. बीमारी की रोकथाम और बचाव के लिए पशु चिकित्सक लक्षण आधारित उपचार कर रहे हैं. रोकथाम की दिशा में पशुपालन विभाग आगामी दिनों में पशुओं के एक से दूसरी जगह पर परिवहन पर रोक लगा सकता है. साथ ही प्रदेशभर में पशुओं के मेला भरने पर भी रोक लगाई जा सकती है.

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