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'लव जिहाद' के नाम पर मेडिकल स्टूडेंट से बदसलूकी, आरोपी विहिप कार्यकर्ताओं के सपोर्ट में पुलिस

'लव जिहाद' के नाम पर मेडिकल स्टूडेंट से बदसलूकी, आरोपी विहिप कार्यकर्ताओं के सपोर्ट में पुलिस

मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ में आज 'लव जिहाद' को लेकर बेहद ही संजीदा और शर्मनाक मामला सामने आया है। मेरठ मेडिकल कॉलेज में पढ़ने वाले एक छात्र और छात्रा के साथ विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं ने बदसलूकी और मारपीट की। इतना ही नहीं इस घिनौने कृत्य में पुलिस ने भी विहिप कार्यकर्ताओं का साथ दिया। 

दरअसल विश्व हिंदू परिषद ने घर में पढ़ाई कर रहे युगल पर लव-जिहाद के तहत रंगरेलियां मनाने का आरोप लगाया। छात्र-छात्रा के साथ मारपीट करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने भी शाम तक दोनों को थाने बिठाए रखा। छात्र-छात्रा से मारपीट करने वालों ने थाने में भी घुसकर हंगामा किया और पुलिसवालों को धमकाया। बाद में पुलिस ने छात्रा को उसके घरवालों के हवाले कर दिया और छात्र को भी छोड़ दिया।

इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। वीडियो के अनुसार, यूपी पुलिस के दो पुरूष सिपाही और एक महिला सिपाही पीड़ित छात्रा के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। इस घटना में पुलिस की भूमिका पर सवाल उठने के बाद दो कांस्टेबल, एक हेड कांस्टेबल और होमगार्ड के एक जवान को सस्पेंड कर दिया गया है। 

विहिप कार्यकर्ताओं का आरोप था कि मुस्लिम छात्र लव जिहाद के नाम पर हिंदू छात्रा को फॅसाकर दोस्ती के नाम पर उसका शोषण कर रहा है। पुलिस युगल को थाने ले कर आ गई और उसके पीछे विहिप कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए। 

Meerut: Three police personnel including a woman constable suspended after a video of them abusing and slapping a woman for being friends with a Muslim man, went viral pic.twitter.com/ypqO5dxFbK

— ANI UP (@ANINewsUP) September 25, 2018
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मेरठ: देशभर के साथ उत्तर प्रदेश के मेरठ में कोरोना का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है. यहां एक ही परिवार के 13 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं. पहले दिन एक व्यक्ति, दूसरे दिन चार और फिर रविवार की रात में एक साथ 8 लोगों को कोरोना पॉजिटिव आने से प्रशासन की हवाइयां उड़ी हुई है. अभी मरीजों की संख्या बढ़ने का अनुमान है क्योंकि निगरानी में लिए गए 46 में से सिर्फ 11 की ही जांच हुई है. 35 की रिपोर्ट आनी अभी बाकी है.

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पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया:
पहला कोरोना पॉजिटिव मिलने के बाद से ही पूरे क्षेत्र को सील कर दिया गया है. जिस क्षेत्र में कोरोना पॉजिटिव मिले हैं उसके आसपास के लोगों को यहीं चिंता सता रही है कि अगला नंबर कही उनका तो नहीं है. हालांकि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने लगातार लोगों की जांच कर रही है. 

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पुलिस की गाड़ी भी लोगों को घरों के भीतर रहने की अपील कर रही:
वहीं पुलिस की गाड़ी भी लोगों को घरों के भीतर ही रहने के लिए लाउडस्पीकर से एनाउंस कर रही है. दरअसल खुर्जा का रहने वाला शख्स महाराष्ट्र के अमरावती से मेरठ में अपनी ससुराल आया था. इसके बाद उसकी पत्नी और तीन रिश्तेदारों में कोरोना संक्रमण मिला था. वहीं, दूसरी ओर कारोबारी और उसके रिश्तेदारों के संपर्क में आए 35 लोग अभी आइसोलेशन वॉर्ड में भर्ती हैं. 
 

हिंदू महासभा ने पुण्यतिथि पर गांधी जी को बताया प्रेतात्मा, हनुमान चालीसा का किया पाठ

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मेरठ: 30 जनवरी को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि पर जहां देशभर में उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई, वहीं अपने विवादित कार्यों के लिए अक्सर चर्चाओं में रहने वाले संगठन अखिल भारत हिंदू महासभा ने इस साल भी हर साल की तरह महात्मा गांधी की पुण्यतिथि को शौर्य दिवस के रूप में मनाया. इस दौरान संगठन के नेताओं ने महात्मा गांधी की आत्मा को प्रेतात्मा बताते हुए उसे देश से भगाने के लिए अपने कार्यालय में हनुमान चालीसा का पाठ भी किया. 

महात्मा गांधी को बताया अवसरवादी:
कुछ वर्ष पहले महात्मा गांधी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर गोलियां बरसाने वाली संगठन की वरिष्ठ नेता पूजा शकुन पांडे और संगठन के जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल के नेतृत्व में शारदा रोड स्थित संगठन के कार्यालय पर हनुमान चालीसा का पाठ किया गया. पूजा शकुन पांडे ने महात्मा गांधी को अवसरवादी बताते हुए देश के विभाजन के समय उन पर लाखों हिंदुओं की हत्या करवाए जाने का आरोप लगाया. वहीं शाहीन बाग दिल्ली में चल रहे धरने प्रदर्शन पर भी विवादित बयान देते हुए चेतावनी दी कि 1 घण्टे में खाली करा देंगे. हिन्दू महासभा के इस बयान से मुस्लिम समुदाय में खासा रोष है. प्रशासन कड़ी मशक्कत के साथ माहौल को सामान्य बनाने में लगा है तो वहीं हिन्दू महासभा के इस बयान से निश्चित तौर पर एक विवाद पैदा होने की आशंका है.

... मेरठ से राशिद खान की रिपोर्ट  
 

CAA हिंसा के लिए पीएफआई-एसडीपीआई जिम्मेदार, संगठनों का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

CAA हिंसा के लिए पीएफआई-एसडीपीआई जिम्मेदार, संगठनों का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंसा के मास्टरमाइंड के रुप में पीएफआई और एसडीपीआई जैसे संगठन के नाम सामने आए है. मेरठ पुलिस ने एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष समेत अब तक इन दोनों संगठनों के चार लोगों को जेल भेज दिया है. जिसके बाद एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी का गठन करके इन संगठनों के और गुर्गों को खंगाला जा रहा है. माना जा रहा है कि कई और गिरफ्तारियां इन्हीं संगठन के कार्यकर्ताओं की की जाएंगी. 

हिंसा के दौरान पांच लोगों की मौत:
दरअसल बीस दिसम्बर को मेरठ हिंसा की चपेट में आ गया था. उपद्रवियों ने शहर को आग लगाने की कोशिश की. इसी हिंसा के दौरान पांच लोगों की मौत भी हो गई. पुलिसिया जांच में कई खुलासे भी हुए, जिसके बाद मेरठ में हिंसा की साजिश रचने वाले लोगों का नाम भी सामने आ गया है. प्रतिबंधित संगठन पीपल्स फंट ऑफ इंडिया और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं की कारगुजारियां सामने आई है. पुलिस अधिकारियों की मानें तो इन्हीं संगठनों के पदाधिकारियों ने लोगों को उकसाने का काम किया. उनके बीच आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री बांटी, जिससे लोग आक्रोशित हो गए और सड़कों पर उतर कर हिंसक बन गए. 

भड़काऊ सामग्री तैयार और बांटने का आरोप:
पुलिस ने एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष नूर हसन और उसके ड्राइवर अब्दुल मुईद हासमी को गिरफ्तार कर लिया. वहीं इससे पहले पुलिस ने पीएफआई के दो सदस्यों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया. इन सभी पर भड़काऊ सामग्री तैयार करने और उसे बांटने का आरोप लगा है. प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो एसडीपीआई, पीएफआई, सिम्मी समेत करीब ऐसे 14 संगठनों पर नजर रखी गई है. हिंसा के दौरान कॉल रिकॉर्ड्स और एफआईयू की रिपोर्ट पर इन तथ्यों का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस प्रशासन सरगरमी से इस तरह के लोगों की तलाश में जुटा हुआ है. अभी तक मेरठ के नौचंदी और लिसाड़ी गेट क्षेत्र से ही चार लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है.

... मेरठ से राशिद खान की रिपोर्ट 

CAA हिंसा के लिए पीएफआई-एसडीपीआई जिम्मेदार, संगठनों का नेटवर्क खंगाल रही पुलिस

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हिंसा के दौरान पांच लोगों की मौत:
दरअसल बीस दिसम्बर को मेरठ हिंसा की चपेट में आ गया था. उपद्रवियों ने शहर को आग लगाने की कोशिश की. इसी हिंसा के दौरान पांच लोगों की मौत भी हो गई. पुलिसिया जांच में कई खुलासे भी हुए, जिसके बाद मेरठ में हिंसा की साजिश रचने वाले लोगों का नाम भी सामने आ गया है. प्रतिबंधित संगठन पीपल्स फंट ऑफ इंडिया और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं की कारगुजारियां सामने आई है. पुलिस अधिकारियों की मानें तो इन्हीं संगठनों के पदाधिकारियों ने लोगों को उकसाने का काम किया. उनके बीच आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री बांटी, जिससे लोग आक्रोशित हो गए और सड़कों पर उतर कर हिंसक बन गए. 

भड़काऊ सामग्री तैयार और बांटने का आरोप:
पुलिस ने एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष नूर हसन और उसके ड्राइवर अब्दुल मुईद हासमी को गिरफ्तार कर लिया. वहीं इससे पहले पुलिस ने पीएफआई के दो सदस्यों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया. इन सभी पर भड़काऊ सामग्री तैयार करने और उसे बांटने का आरोप लगा है. प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो एसडीपीआई, पीएफआई, सिम्मी समेत करीब ऐसे 14 संगठनों पर नजर रखी गई है. हिंसा के दौरान कॉल रिकॉर्ड्स और एफआईयू की रिपोर्ट पर इन तथ्यों का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस प्रशासन सरगरमी से इस तरह के लोगों की तलाश में जुटा हुआ है. अभी तक मेरठ के नौचंदी और लिसाड़ी गेट क्षेत्र से ही चार लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है.

... मेरठ से राशिद खान की रिपोर्ट 

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मेरठ: पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हिंसा के मास्टरमाइंड के रुप में पीएफआई और एसडीपीआई जैसे संगठन के नाम सामने आए है. मेरठ पुलिस ने एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष समेत अब तक इन दोनों संगठनों के चार लोगों को जेल भेज दिया है. जिसके बाद एसपी क्राइम के नेतृत्व में एसआईटी का गठन करके इन संगठनों के और गुर्गों को खंगाला जा रहा है. माना जा रहा है कि कई और गिरफ्तारियां इन्हीं संगठन के कार्यकर्ताओं की की जाएंगी. 

हिंसा के दौरान पांच लोगों की मौत:
दरअसल बीस दिसम्बर को मेरठ हिंसा की चपेट में आ गया था. उपद्रवियों ने शहर को आग लगाने की कोशिश की. इसी हिंसा के दौरान पांच लोगों की मौत भी हो गई. पुलिसिया जांच में कई खुलासे भी हुए, जिसके बाद मेरठ में हिंसा की साजिश रचने वाले लोगों का नाम भी सामने आ गया है. प्रतिबंधित संगठन पीपल्स फंट ऑफ इंडिया और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के कार्यकर्ताओं की कारगुजारियां सामने आई है. पुलिस अधिकारियों की मानें तो इन्हीं संगठनों के पदाधिकारियों ने लोगों को उकसाने का काम किया. उनके बीच आपत्तिजनक और भड़काऊ सामग्री बांटी, जिससे लोग आक्रोशित हो गए और सड़कों पर उतर कर हिंसक बन गए. 

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पुलिस ने एसडीपीआई के प्रदेश अध्यक्ष नूर हसन और उसके ड्राइवर अब्दुल मुईद हासमी को गिरफ्तार कर लिया. वहीं इससे पहले पुलिस ने पीएफआई के दो सदस्यों को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया. इन सभी पर भड़काऊ सामग्री तैयार करने और उसे बांटने का आरोप लगा है. प्रशासनिक अधिकारियों की मानें तो एसडीपीआई, पीएफआई, सिम्मी समेत करीब ऐसे 14 संगठनों पर नजर रखी गई है. हिंसा के दौरान कॉल रिकॉर्ड्स और एफआईयू की रिपोर्ट पर इन तथ्यों का खुलासा हुआ, जिसके बाद पुलिस प्रशासन सरगरमी से इस तरह के लोगों की तलाश में जुटा हुआ है. अभी तक मेरठ के नौचंदी और लिसाड़ी गेट क्षेत्र से ही चार लोगों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है.

... मेरठ से राशिद खान की रिपोर्ट 

साध्वी प्राची ने फिर दिया विवादित बयान, नेहरू को बताया सबसे बड़ा रेपिस्ट

साध्वी प्राची ने फिर दिया विवादित बयान, नेहरू को बताया सबसे बड़ा रेपिस्ट

मेरठ: अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहने वाली विश्व हिंदू परिषद की नेता साध्वी प्राची का एक बार फिर विवादित बयान सामने आया है. साध्वी प्राची ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि आतंकवाद, नक्सलवाद, बलात्कार की घटनाएं सब नेहरू खानदान की ही देन है. साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी हमला किया.

दरअसल मेरठ में एक कार्यक्रम के दौरान वीएचपी नेता साध्वी ने कहा कि देश के पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू देश के सबसे बड़े बलात्कारी थे. राहुल गांधी के 'रेप कैपिटल' वाले बयान पर साध्वी ने कहा कि उन्हें  देशवासियों से अपने बयान पर माफी मांगनी चाहिए. बता दें कि देश में हाल की रेप की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि भारत रेप कैपिटल के रूप में विकसित हो रहा है.

अखिलेश को लेकर साध्वी प्राची ने कहा कि जब वे सत्ता में होते हैं तो बलात्कारियों को बचाते हैं और विपक्ष में रहने पर धरने पर बैठते हैं. यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री शनिवार को उन्नाव रेप कांड के खिलाफ विधानसभा के बाहर मौन धरने पर बैठे थे. साध्वी प्राची ने हैदराबाद एनकाउंटर पर पुलिस की तारीफ की और कहा कि इससे सीख लेकर यूपी पुलिस को भी उन्नाव कांड पर ऐसी ही कार्रवाई करनी चाहिए थी. 

प्रियंका गांधी के घर मे घुसने वाली संदिग्ध कार की हुई पहचान, मेरठ के कांग्रेस नेता की मां गई थी मिलने 

प्रियंका गांधी के घर मे घुसने वाली संदिग्ध कार की हुई पहचान, मेरठ के कांग्रेस नेता की मां गई थी मिलने 

मेरठ: हाल ही में प्रियंका गांधी की सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया. 26 नंवबर को करीब 2 बजे उनके घर में एक अनजान गाड़ी घुस आई, जिसमें कई लोग सवार थे. अब इस मामले में नया मोड़ आ गया है, मिली जानकारी के अनुसार उक्त सन्दिग्ध कार मेरठ की है, जो कि खरखौदा के रहने वाले कांग्रेस नेता शेखर त्यागी की है. कार का नम्बर UP 15 CW 0002 है, जो शेखर की मां शारदा त्यागी के नाम है.

दरअसल मेरठ के खरखौदा के रहने वाले शारदा देवी कांग्रेस की पुरानी कार्यकर्ता है और करीब 40 साल से कांग्रेस में है और अब भी कांग्रेस में हैं. इतना ही नहीं शारदा देवी 90 की दशक में खरखौदा विधानसभा सीट से पार्टी से चुनाव भी लड़ चुकी है. उनका कहना कि बीती 26 नम्बर को वो अपनी बेटी के साथ टाटा सफारी कार में प्रियंका के गांधी के घर उनसे मिलने पहुंची. उनका कहना है कि गेट पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उनसे कोई पूछताछ नहीं की और ना ही कार की तलाशी ली और तत्काल गेट खोल दिया था. 

सुरक्षा में हुई इस चूक में शारदा त्यागी हैरान रह गईं, उन का मानना है कि ये उनकी सुरक्षा में बहुत बड़ी चूक है. सरकार को उनकी सुरक्षा की प्रियंका गांधी की सुरक्षा बढ़ा देनी चाहिए, कोई भी अप्रिय घटना हो सकती है. उन्होंने कहा कि सुरक्षा हटने के कारण ही राजीव गांधी की हत्या हो गई थी. 

... मेरठ से राशिद खान की रिपोर्ट 
 

गोली लगा युवक सड़क पर हाथ जोड़कर जिंदगी की भीख मांगता रहा, लोग बनाते रहे वीडियो

गोली लगा युवक सड़क पर हाथ जोड़कर जिंदगी की भीख मांगता रहा, लोग बनाते रहे वीडियो

मेरठ: मेरठ में एक बार फिर लोगों का अमानवीय चेहरा सामने आया, जब पेट मे गोली लगा युवक सड़क पर हाथ जोड़कर लोगों से अपनी ज़िंदगी बचाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन लोगों की जैसे आत्मा मर गई हो. भीड़ तमाशाबीन बनकर उसे देखती रही और वीडियो बनाती रही. किसी ने उसे अस्पताल ले जाने की कोशिश तक नहीं की और कुछ देर बाद युवक की मौत हो गई. 

पेट में लगी थी गोली:
दरअसल मामला मेरठ के खरखौदा थाना इलाके के बिजौली गांव का है. यहां एनएच 235 पर गांव के ही रहने वाले रितेश का उसी के गांव के युवकों से एक दिन पूर्व झगड़ा हो गया था. जिसके बाद उक्त लोगों ने उसे जान से मारने की धमकी दी और कल उसे पेट से सटा कर गोली मार दी और फरार हो गए. गोली लगने से रितेश बुरी तरह घायल हो गया और दर्द से तड़पने लगा. एनएच 235 के किनारे घायल हाथ जोड़कर भीड़ से अस्पताल ले जाने की गुहार लगाता रहा, लेकिन सब तमाशबीन बनकर देखते रहे और वीडियो बनाते रहे. हद तो तब हो गई जब वहां से गुजर रहे एक कार सवार को लोगों ने मदद के लिए रोका, लेकिन कार चालक ने साफतौर पर मना कर दिया और वहां से चलता बना. इसके कुछ देर बाद ही रितेश ने दम तोड़ दिया. 

आरोपी अभी फरार:
सवाल ये है कि हम किस समाज मे जी रहे हैं. एक शख्स मौत के मुहाने पर खड़ा होकर मदद की गुहार लगता है और लोग मनोरंजन के लिए उसके मरते हुए की वीडियो बनाते रहे हैं. अगर उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया होता तो उसकी जान बच सकती थी. वहीं मृतक के परिजनों ने गांव के ही दो युवकों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है, पुलिस मामले की पड़ताल में जुटी है. आरोपी अभी फरार हैं. 

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