VIDEO: मंदी से उबरेगा रियल एस्टेट, हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए केन्द्र के फंड का प्रदेश हो होगा फायदा

VIDEO: मंदी से उबरेगा रियल एस्टेट, हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए केन्द्र के फंड का प्रदेश हो होगा फायदा

VIDEO: मंदी से उबरेगा रियल एस्टेट, हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए केन्द्र के फंड का प्रदेश हो होगा फायदा

जयपुर: देश भर के अटके हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को राहत देने के लिए केन्द्र सरकार की ओर से ऐलान किए गए 25 हजार करोड़ के फंड का फायदा राजस्थान को भी मिलेगा. राजस्थान में भी निजी बिल्डर्स के ऐसे कई प्रोजेक्ट्स हैं जो विभिन्न कारणों से लम्बे समय से अटके हुए हैं. ऐसे में फंड के उपयोग के लिए जिस तरह के मापदंड बनने के आसार हैं, उनके मुताबिक करीब 60 फीसदी प्रोजेक्ट्स को ही इससे मदद मिल पाएगी. खास रिपोर्ट:

अटके प्रोजेक्ट में काम आएगा फंड:
केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने हाल ही 25 हजार करोड़ रुपए के फंड का ऐलान किया है. इस फंड का उपयोग उन निजी हाउसिंग प्रोजेक्ट्स के लिए हो सकेगा, जो लम्बे समय से अटके हैं, जिनमें निवेशकों का पैसा फंसा हुआ है. क्रेडाई राजस्थान के सूत्रों की मानें ताे प्रदेश में 350 से 400 प्रोजेक्ट्स ऐसे हैं, जो बंद पड़े हैं. राजधानी जयपुर की बात करें तो यहां मुहाना मंडी, जयसिंहपुरा रोड, जगतपुरा व अजमेर रोड आदि कई स्थानों पर ऐसे प्रोजेक्ट्स हैं. भिवाड़ी, भीलवाड़ा आदि शहरों में भी इस तरह के हाउसिंग प्रोजेक्ट्स हैं. कई प्रोजेक्ट्स में इमारतें तो खड़ी कर दी गई, लेकिन फिनिशिंग व अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराने का काम अटका हुआ है. फंड के उपयोग के लिए जिस तरह के मापदंड बनने के आसार हैं, उनके मुताबिक करीब 60 फीसदी प्रोजेक्ट्स को ही इससे मदद मिल पाएगी. आपको सबसे पहले बताते हैं कि प्रदेश में इतनी बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट्स के अटकने के क्या कारण रहे.

प्रोजेक्ट्स अटकने के कारण:
—प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर में मांग से अधिक प्रोजेक्ट्स शुरू कर दिए गए
—जिस आय वर्ग में आवास की आवश्यकता थी,उस वर्ग के लिए आवास उपलब्ध नहीं कराए गए
—अधिकतर प्रोजेक्ट्स शहर के ऐसे दूरदराज इलाकों में हैं,जहां पेयजल,सड़क,बिजली,सार्वजनिक परिवहन आदि की सुचारू आधारभूत व्यवस्था नहीं हैं
—प्राेपर्टी में आए बूम के दौरान प्रोजेक्ट्स के लिए बिल्डर ने अधिक कीमत पर जमीन खरीदी,जिससे मकान की कीमत बढ़ गई
—रियल एस्टेट में मंदी के दौर पर पहले मकान बुक कराने वाले लोगों ने प्रोजेक्ट्स से हाथ खींच लिए
—बाजार में उछाल के समय बिल्डर ने एक प्रोजेक्ट्स से एकत्र राशि से दूसरे प्रोजेक्ट्स शुरू कर दिए
—बिल्डर के पास पैसे के अभाव के चलते ये प्रोजेक्ट्स लम्बे से अटके हुए हैं

प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को होगा फायदा:
क्रेडाई राजस्थान के पदाधिकारियों की मानें तो अटके प्रोजेक्ट्स को संजीवनी देने के लिए केन्द्र सरकार के ऐलान से निश्चित तौर पर प्रदेश के रियल एस्टेट सेक्टर को फायदा होगा. क्रेडाई राजस्थान के अध्यक्ष सुनील जैन की माने तो इस फंड के उपयोग के जल्द ही मापदंड तय होंगे. 1 करोड़ रुपए की कीमत तक और 2 हजार 150 वर्गफीट तक के मकान ही इस फंड के दायरे में आ सकते हैं. जैन के अनुसार इस फंड के उपयोग से कई फायदे होंगे. 

फंड के ये होंगे फायदे:
—लम्बे समय से अटके प्रोजेक्ट्स पूरे हो सकेंगे
—सबसे ज्यादा फायदा प्रोजेक्ट्स में मकान खरीदने वाले लोगों को होगा
—खरीदारों को उनके मकान का जल्द कब्जा मिल सकेगा
—अप्रत्यक्ष तौर पर रियल एस्टेट में छाई मंदी कुछ हद तक दूर हो सकेगी

रियल एस्टेट के जानकार उम्मीद कर रहे हैं कि केन्द्र सरकार की ओर से घोषित इस राहत फंड के मापदंड आसान बनाए जाएं, ताकि प्रोजेक्ट्स में अपना पैसा लगा चुके अधिक से अधिक लोगों को फायदा मिल सके. 

... संवाददाता अभिषेक श्रीवास्तव की रिपोर्ट 

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