राजस्थान में कोरोना का टीका अभियान का आगाज, मुख्यमंत्री गहलोत ने किया वर्चुअल शुभारंभ

राजस्थान में कोरोना का टीका अभियान का आगाज, मुख्यमंत्री गहलोत ने किया वर्चुअल शुभारंभ

जयपुरः दुनिया का सबसे बड़ा कोरोना टीकाकरण अभियान का शनिवार को देशभर में आगाज हुआ. मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री निवास से वैक्सीनेशन  का राज्य स्तरीय शुभारंभ किया. सीएम आवास पर हुए वर्चुअल कार्यक्रम में चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा सहित मंत्रीमंडल के साथी, वरिष्ठ आईएएस अधिकारी, विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया ने हिस्सा लिया.

राजस्थान के कई सेंटरों पर टीकाकरण की प्रक्रिया शुरूः
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के देशभर में वैक्सीनेशन का सुबह 11 बजे शुभारंभ करने के साथ ही राजस्थान के भी कई सेंटरों पर टीकाकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, लेकिन इसके बाद 12 बजे मुख्यमंत्री आवास पर राज्य स्तरीय कार्यकम भी हुआ. कोविड की पहली वैक्सीन एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल सुधीर भंडारी को लगाई गई. राज्य में 161 सेंटर स्थलों के अतिरिक्त जयपुर जिले के 6 सेंटर  स्थलों पर कोविड-19 वैक्सीनेशन शुरू हुआ, जो शाम को पांच बजे तक  चलेगा और हर सेंटर पर 100 वॉरियर्स को टीके लगाए जाएंगे. राजस्थान को दो कंपनियों से करीब 5 लाख 63 हजार वैक्सीन के डोज प्राप्त हुए हैं. इसमें स्टेट वैक्सीन स्टोर, जयपुर को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की कोवीशील्ड के 4,43,000 और भारत बायोटेक की को-वैक्सीन के 20,000 डोज मिले हैं. 

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वैक्सीन के संबंध में नहीं रखनी हैं कोई आशंकाः
वहीं स्टेट वैक्सीन स्टोर उदयपुर को 1,00,500 डोज उपलब्ध कराए गए हैं. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वैक्सीन को लेकर कुछ लोगों को आशंका है, लेकिन मेरी लोगों से गुजारिश है कि वैक्सीन के संबंध में कोई आशंका नहीं रखनी है, जनता को विश्वास दिलाना होगा कि हमारे वैज्ञानिकों ने जो कड़ी मेहनत से 10 महीने में शोध कर जो वैक्सीन तैयार की है यह पुख्ता वैक्सीन है. इसके लिए लोगों को समझाएं साथ ही वैक्सीन लगाने के बाद कोई लापरवाही नहीं बरतें. देश के करीब 130 करोड़ लोगों को टीका लगने में करीब 1 साल का समय लगेगा. ऐसे में कोरोना के हेल्थ प्रोटोकॉल की पूरी तरह से पालना करते रहना है, इस में लापरवाही नहीं बरतनी है.

गुरुवार, रविवार और राजकीय अवकाश के दिन नहीं होगा वैक्सीनेशनः
चिकित्सा मंत्री डॉ रघु शर्मा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोरोना वैक्सीनेशन के दौरान अन्य स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित ना हों इसके लिए सप्ताह में केवल 4 दिन वैक्सीनेशन किया जाएगा. गुरुवार, रविवार व राजकीय अवकाश के दिन वैक्सीनेशन नहीं किया जाएगा. उन्होंने बताया कि 31 जनवरी तक 161 सत्र स्थल पर टीकाकरण किया जाएगा. रघु शर्मा ने कोरोनाकाल में सरकार द्वारा किए गए कार्यों की जानकारी दी और साथ ही यह भी बताया कि इस चुनौती को अवसर में बदलकर किस तरह से प्रदेश के हैल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत किया गया.

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मंत्री, विधायक, अफसर व जन प्रतिनिधि रहे मौजूद:
कार्यक्रम के दौरान ही सीएम सहित विभिन्न मंत्रियों ने प्रदेश के सात सेंटर से मुख्यमंत्री आवास से ही चिकित्सकों से संवाद किया और टीकाकरण की तैयारियों की जानकारी ली. खुद सीएम गहलोत ने सबसे पहले एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ सुधीर भंडारी से बात की. इसके बाद रघु शर्मा ने केकड़ी,  गोविंद सिंह डोटासरा ने जोधपुर, बीडी कल्ला ने सादुलशहर, प्रताप सिंह ने बाड़ी, सुभाष गर्ग ने बागीदौरा आनंदपुरी तथा शांति धारीवाल ने बारां के केलवाडा स्थिति अस्पताल में चिकित्सकों से संवाद किया. इस दौरान बांसवाड़ा के सीएमएचओ चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा के सवालों को संतोषजनक जवाब नहीं दे सके, तो रघु शर्मा ने कहा कि आपको कोई जानकारी नहीं है.

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतीश पूनिया भी आए कार्यक्रम में:
कोरोनाकाल के दौरान पूरे प्रदेश ने एक जुट होकर महामारी का मुकाबला किया था और आज जब वैक्सीनेशन की शुरुआत हुई तब भी पक्ष विपक्ष व विभिन्न संस्थाएं व धर्मगुरु एक मंच पर नजर आए. भाजपा नेता सतीश पूनिया, रामचरण बोहरा, नरपत सिंह राजवी भी कार्यक्रम में शामिल होने सीएम हाऊस आए थे. प्रदेश में वैक्सीनेशन की शुरुआत तो हो गई, लेकिन अभी सावधानी रखनी भी जरूरी है. यानि दवाई के साथ कड़ाई रखना जरूरी है.

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