वैभव गहलोत को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म

FirstIndia Correspondent Published Date 2019/01/15 08:11

जोधपुर। प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र और राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव वैभव गहलोत को लेकर एक बार फिर चर्चाओं और अटकलो का बाजार फिर से गर्म हो गया है जिसमें इस बार लोकसभा चुनाव वैभव गहलोत को जोधपुर से लडाए जाने का प्रस्ताव कांग्रेस के वरिष्ठ नेता काशीराम विश्नोई द्वारा देहात कांग्रेस की बैठक में रखा गया था। यही नही विधानसभा चुनाव से पूर्व खुद अशोक गहलोत ने भी स्पष्ट कर दिया था कि वैभव अब पूरी तरह निर्णय लेने को स्वतंत्र है।

राजनीति के क्षेत्र में भले ही खुद के पिता शीर्ष पर रहे हो लेकिन कभी गलत रास्ते से राजनीति में जाने की बजाय कदम दर कदम आगे बढाकर खुद की पहचान बनाने वाले वैभव गहलोत ने राजनीति की सीख भले ही अपने पिता अशोक गहलोत से ली हो लेकिन उन्होने राजनीति को बारिकी से समझा,पढा और उसके बाद व्यवहारिक रूप से जब अपना लिया तब जिस आत्मविश्वास का संचार उनमें हुआ तब कहीं जाकर जोधपुर में पिछले साल 6 नवम्बर को उनके पिता अशोक गहलोत ने स्पष्ट कर दिया था कि अब वैभव गहलोत राजनीतिक क्षेत्र में खुद को खुद की मेहनत से आगे बढाने के लिए स्वतंत्र है। 

कभी भी वैभव गहलोत के लिए यह नही कहा जाना चाहिए कि पिता के कद और पद की वजह से वैभव गहलोत आगे बढे है। उन्ही वैभव गहलोत को जोधपुर से लोकसभा चुनाव लडाए जाने का प्रस्ताव जब देहात कांग्रेस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता काशीराम विश्नोई ने रखा है तो इसे हल्के में नही लिया जा सकता। हालांकि उस प्रस्ताव को पारित नही किया गया और हर बार की तरह शहर और देहात की ओर से इस सीट के निर्णय के लिए अशोक गहलोत का निर्णय ही अंतिम निर्णय मानने का प्रस्ताव लिया गया। काशीराम विश्नोई का कहना है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी अपनी किशोरावस्था से ही रचनात्मक कार्यो के जरिए धीरे-धीरे राजनीति में एक-एक कदम आगे बढाया था और आज बेहतर मुकाम पर पहुंचे है। उनके पुत्र में भी वही गुण है और अब वे इस काबिल भी हो चुके है कि लोकसभा चुनाव लडाया जाए। इसी सोच के साथ बैठक में प्रस्ताव रखा था। 

गौरतलब है कि प्रदेश कांग्रेस के महासचिव वैभव को वर्ष 2008 में प्रदेश कांग्रेस कमेटी का सदस्य बनाया गया था। वर्ष 2009 में उन्हें सवाई माधोपुर से लोकसभा चुनाव लड़ाने का प्रस्ताव सामने आया था। लेकिन मुख्यमंत्री गहलोत ने उन्हें चुनावी रण में उतारने से मना कर दिया। अब मुख्यमंत्री स्वयं अपने बेटे को चुनावी रण में उतारने को पूरी तरह से तैयार है। हाल ही संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के दौरान गहलोत ने कहा भी पहले वे अपने बेटे के चुनाव लड़ने के पक्षधर नहीं थे, लेकिन दस वर्ष से प्रदेश की राजनीति में सक्रिय वैभव को अब वे चुनाव लड़ने से नहीं रोकेंगे। उसके बाद से यह माना जा रहा है कि वैभव इस बार लोकसभा का चुनाव अवश्य लड़ेंगे। लेकिन कहां से चुनाव लड़ेंगे इसका फैसला उनके पिता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत करेंगे। वैभव का नाम दो स्थान से प्रमुखता से लिया जा रहा है, लेकिन माना जा रहा है कि वे सवाई माधोपुर या फिर जोधपुर से चुनाव मैदान में उतरेंगे।
 राजीव गौड,जोधपुर

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