RCA के निर्विरोध अध्यक्ष बनेंगे वैभव गहलोत, विपक्षी गुट खड़ा नहीं करेगा उम्मीदवार

Naresh Sharma Published Date 2019/10/01 11:10

जयपुर: RCA चुनाव पर सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है. मिली जानकारी के अनुसार वैभव गहलोत RCA के निर्विरोध अध्यक्ष बनेंगे, क्योंकि विपक्षी गुट अध्यक्ष पर उम्मीदवार खड़ा नहीं करेगा. हालांकि बाकी पैनल पर चुनाव लड़ा जाएगा. दरअसल RCA चुनाव से पहले बड़ा फैसला हुआ. रामेश्वर डूडी का नाम वोटर लिस्ट में नहीं आया, जबकि राजसमंद से वैभव गहलोत का नाम शामिल हुआ. ऐसे में साफ हो गया कि रामेश्वर डूडी RCA का चुनाव नहीं लड़ पाएंगे. 

वहीं रात 2 बजे फाइनल हुई RCA की वोटर लिस्ट में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला. टोंक में विवेक व्यास का नाम लिस्ट में शामिल नहीं किया गया. विवेक की जगह उनके भाई अनंत को सचिव माना. टोंक और दौसा जिला संघ मोदी ग्रुप के हुए, लेकिन मोदी ग्रुप के तीन जिले अमान्य हो गए. अलवर, नागौर और श्रीगंगानगर अमान्य करार दिया गया. हालांकि सीपी जोशी ने पहले ही इनको अमान्य कर दिया था, अब चुनाव अधिकारी ने इस पर मुहर लगाई. अब 35 में से 32 वोट ही चुनाव में पड़ेंगे. 33 जिला संघों में से 30 वोट पड़ेंगे. 

रात 2बजे फाइनल हुई RCA की वोटर लिस्ट:
—कोटा-अमीन पठान, पाली-धर्मवीर सिंह
—राजसमंद-गिरिराज सनाढ्य, सवाई माधोपुर- सुमित गर्ग
—सीकर- सुभाष जोशी, सिरोही-संयम लोढ़ा
—टोंक-अनंत व्यास, जैसलमेर-विमल शर्मा
—उदयपुर-महेन्द्र शर्मा, प्रतापगढ़-पिंकेश जैन
—अजमेर-राजेश भड़ाना, बारां-रमेश गुप्ता
—बांसवाड़ा-नृपजीत सिंह, बीकानेर-रतन सिंह
—बाड़मेर-देवाराम, भरतपुर-शत्रुघ्न तिवाड़ी
—भीलवाड़ा-महेंद्र नाहर, बूंदी-राजकुमार माथुर
—चित्तौड़गढ़-शक्तिसिंह, चूरू-सुशील शर्मा 
—खिलाड़ी-सलीम दुर्रानी व गगन खोड़ा को भी मिला वोट का अधिकार

वैभव से पहली जंग हार गए डूडी !
वैभव वोटरलिस्ट में नाम शामिल कराने में सफल हुए, लेकिन डूडी न खुद को बचा सके न जिले को. दरअसल शुरू में ही डूडी ने गलत दाव खेल दिया था. उनका विवादास्पद नागौर से एंट्री करने का गलत फैसला हुआ. उधर वैभव ने दूरदर्शिता का फैसला लिया. जब जोधपुर में वैभव के लिए बात नहीं बनी तो वैभव सीपी जोशी के राजसमंद चले गए. ऐसे में यह सीपी जोशी की जिम्मेदारी हो गई और सीपी ने भी वैभव से वादा पूरा किया. 

15साल बाद RCA से ललित मोदी युग समाप्त !
3 जिला संघों की सीपी जोशी ने संबद्धता खत्म की थी. उन्होंने नागौर, अलवर व श्रीगंगानगर को असम्बद्ध किया था. अब चुनाव अधिकारी ने भी इस पर मुहर लगा दी. नागौर से खुद ललित मोदी अध्यक्ष थे. हालांकि वे पहले ही पद छोड़ चुके थे. अलवर से ललित मोदी के बेटे रुचिर अध्यक्ष थे. उन्होंने पिछला चुनाव सीपी जोशी के खिलाफ लड़ा था. वहीं श्रीगंगानगर में महमूद आब्दी अध्यक्ष थे और वे ललित मोदी के वकील व प्रवक्ता हैं. 
 

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