Vasant Panchmi 2021: वसंत पंचमी पर इस शुभ मुहुर्त, मंत्र और पूजन विधि से कीजिए मां की अर्चना

Vasant Panchmi 2021:  वसंत पंचमी पर इस शुभ मुहुर्त, मंत्र और पूजन विधि से कीजिए मां की अर्चना

जयपुरः माघ शुक्ल पक्ष की उदया पंचमी तीथि से बंंसतोत्सव की शुरुआत हो जाती है. इसे श्रीपंचमी या ज्ञान पंचमी भी कहते हैं. आज समूचे देश में मां सरस्वती की पूजा अर्चना की जाती है. हिंदू पुराणों के अनुसार आज ही के दिन भगवान ब्रम्हा ने इस सृष्टि की रचना की थी. माता सरस्वती भी आज ही के दिन जन्मी थी.  उनकी काया दूध सी उज्जवल, चार हाथ, जिनमें वीणा, पुस्तक, माला और एक हाथ वर देने के लिए होता है.

असल में ब्रम्हा जी ने सृष्टि की रचना करके माता सरस्वती से अरदास की कि वे वीणा बजाएं. माता ने जैसे ही सुर छेड़ा तो सारे सभी में जीवों में स्वर आ गया था. इससे खुश होकर माता सरस्वती को ब्रम्हा जी ने वाणी की देवी का खिताब दे दिया था. उसी दिन से देवी की पूजा वाणी की देवी के रूप में होने लगी है. देवी को खुश करने के लिए लोग पीले रंग के वस्त्र पहनते है.

पूजा का शुभ मुहुर्तः

आज के दिन वसंत पंचमी का त्यौहार मनाया जाएगा. देवी को खुश करने के लिए पूजा को मुहुर्त पर ही करना चाहिए. आज सुबह 3 बजकर 36 मिनट पर पंचमी लग चुकी है और ये अगले दिन 5 बजकर 46 मिनट तक रहेगी. इस दौरान आप देवी की आराधना कर सकते हैं. 

पूजन की विधिः

देवी के पूजन के लिए सबसे पहले स्नान करके देवी की प्रतिमा रखिए. सबसे पहले गणेश जी को माला चढ़ाइए और माता के आगे कलश स्थापित करिए. अब देवी को आमचन व स्नान कराइए. अब देवी को सफेद वस्त्र पहना कर पीले फूलों की माला पहनाइए. उनके पैरों पर सिंदूर चढ़ाइए. अब देवी को पीले फल, खीर, पीली मिठाई आदि का भोग चढ़ाइए. 

इसके बाद देवी की आराधना कीजिए और कोशिश करे की पूजा के दौरान वाद्ययंत्र भी हो. देवी का पूजन करते समय ऊं श्री सरस्वत्यै नमः स्वाहा का जाप कीजिए. अगर  हवन कर रहें है तो 108 बार इस मंत्र का जाप करिए. इससे देवी प्रसन्न हो जाएंगी और आपको मन चाहा फल प्रदान करेंगी. 

पूजन मंत्रः

देवी को प्रसन्न करने के लिए ऊं श्री सरस्वत्यै नमः स्वाहा का जाप करिए.  

और पढ़ें