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वाहनों के थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में बढ़ोत्तरी, 16 जून से होगा प्रभावित

वाहनों के थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम में बढ़ोत्तरी, 16 जून से होगा प्रभावित

जयपुर: भारतीय नागरिकों में बीमा के प्रति उदासीनता को दूर करने के लिए चल रहे जागरुकता अभियानों के बीच बीमा कराने में रुचि लेने वालों पर बढ़े हुए वाहन बीमा प्रीमियम की मार पड़ेगी. भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण अर्थात IRDAI ने वाहनों के थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम दर में बढ़ोतरी का फैसला किया है. इस फैसले से किस वाहन पर कितना प्रीमियम बढ़ेगा और आम आदमी पर कितना भार आएगा. देखिए फर्स्ट इण्डिया न्यूज की इस एक्सक्लूसिव खबर में ..

कानून में वाहनों का बीमा अनिवार्य 
मोटर वाहन कानून में वाहनों का बीमा अनिवार्य है. बिना बीमा कराए सड़क पर वाहन चलाना मोटर वाहन कानून के नियमों का उल्लंघन है. जिसके लिए वाहन मालिक का चालन भी किया जाता है. लेकिन इसके बावजूद भारतीय सड़कों पर असंख्य वाहन ऐसे भी दनदनाते फिर रहे हैं, जिन्होंने अपना वाहन बीमा ही नहीं कराया या फिर कराया तो केवल थर्ड पार्टी बीमा करावा कर ही वाहन चला रहे हैं. पिछले साल की तर्ज पर IRDAI ने वाहनों के थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम दर में बढ़ोतरी का फैसला किया है. 

16 जून से प्रभावी होंगी दरें
राहत की बात यह है कि यह बढ़ोतरी इस बार अप्रेल माह के स्थान पर 16 जून से प्रभावी हो रही है. सूत्रों का कहना है कि वाहनों के दुर्घटना दावों के आधार पर इस साल भी चूंकि थर्ड पार्टी प्रीमियम दर में बढ़ोतरी होनी थी, लेकिन लोकसभा चुनाव की अधिसूचना के चलते इस बढ़ोतरी को टाला गया. अब चूंकि नई सरकार का गठन हो चुका है और लोकसभा चुनाव की अधिसूचना भी समाप्त हो गई, अत: बुधवार को IRDAI ने नई थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम दर की घोषणा कर दी. इस आधार पर यह माना जा रहा है कि इससे बीमा कम्पनियों की प्रीमियम आय में बढ़ोतरी होगी और इस श्रेणी में होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी.

 IRDAI ने जारी किए आदेश
IRDAI के 4 जून को जारी आदेश के अनुसार इस साल आम आदमी के काम आने वाले सामान्यत: सभी वाहनों के थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम दर में बढ़ोतरी हुई है. प्रीमियम दर में बढ़ोतरी को प्रतिशत में देखा जाएं तो यह 5 से 11 फीसदी तक है. खास बात यह भी है कि इस बार IRDAI ने जहां आम आदमी के उपयोग लिए जाने वाले 75 से 150 सीसी इंजन क्षमता के दुपहिया वाहन की थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम दर को 720 रुपए से बढ़ाकर 752 रुपए किया है, वहीं 150 से 350 सीसी के दुपहिया वाहन की मौजूदा दर को 985 रुपए से बढ़ाकर 1193 रुपए कर दिया गया. 

75 सीसी से कम क्षमता के दुपहिया वाहनों के लिए दरें यथावत
खास बात यह भी है कि दुपहिया वाहन श्रेणी में 350 सीसी व अधिक श्रेणी के वाहनों की पिछली दर 2323 रुपए में कोई परिवर्तन नहीं किया गया. इसी तरह IRDA ने इस बार 75 सीसी से कम क्षमता के दुपहिया वाहनों के लिए 482 रुपए की पुरानी दर को यथावत रखा है, हालांकि इस श्रेणी में वाहनों की मांग सबसे कम रहती है. कमोबेश यही स्थिति 1000 सीसी व 1000 से 1500 सीसी की निजी कारों में भी रही. 

यहां भी 1500 सीसी से अधिक क्षमता की निजी कारों के थर्ड पार्टी प्रीमियम दर में कोई बदलाव नहीं किया गया. इस तरह हर श्रेणी के ट्रकों के वाहन बीमा दर में भी बढ़ोतरी की गई है. बीमा कम्पनियों के अधिकारियों का कहना है कि थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम दर का निर्धारण वित्तीय वर्ष में बीमा कम्पनियों के थर्ड पार्टी बीमा दावों में हुए नुकसान के आधार पर होता है, अत: इस बार की बढ़ोतरी का आधार भी पिछले साल के दावें हैं.

ये रही थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम की प्रस्तावित दरें

वाहन की श्रेणी                  वर्तमान दर            16 जून से प्रस्तावित दर

दुपहिया
75 से 150 सीसी                  720/-                      752/-
150 से 350 सीसी                985/-                      1193/-
+350 सीसी                       2323/-                      2323/-
निजी कार
1000 सीसी तक                1850/-                      2072/-
1000 से 1500 सीसी          2863/-                      3221/-
+1500 सीसी                    7890/-                      7890/-
मालवाहक सार्वजनिक वाहन
7500 किलो क्षमता तक              14390/-                      15746/-
7500 से 12000 किलो तक         24190/-                      26935/-
12001 से 20000 किलो तक       32367/-                      33418/-  
20001 से 40000 किलो तक       39849/-                      43037/-    
40000 किलो से अधिक              38308/-                      41561/-   

नोट : प्रीमियम दर के अलावा बीमित को 18% GST अतिरिक्त चुकाना होगा।

बीमा प्रीमियम का सबसे बड़ा लाभ वाहन दुर्घटना में
वाहन बीमा कारोबार से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि IRDA ने वाहनों की थर्ड पार्टी प्रीमियम दर में बढ़ोतरी कर ऐसे लोगों का बीमा कराने का हतोत्साहित करने का ही प्रयास किया है. इसका कारण यह है कि बीमा कम्पनियों की आय में जहां लगातार बढ़ोतरी हो रही है, वहीं आम आदमी को अपने बीमा दावे के भुगतान के लिए हमेशा जूझना ही पड़ता है. चूंकि थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम का सबसे बड़ा लाभ वाहन दुर्घटना में मृत्यु की दशा में मिलने वाली क्षतिपूर्ति के रूप में होता है, लेकिन विडम्बना यह है कि ऐसे दावों का निस्तारण होने में पांच-पांच साल का समय लग रहा है. 

उत्तराधिकारियों को भी तत्काल राहत मिल सकेगी
यदि सरकार अनिवार्य रूप से थर्ड पार्टी बीमा दावा भुगतान की अधिकतम समय सीमा 3 माह कर दें तो न केवल बीमा कम्पनियों को देरी से किए जाने वाले भुगतान पर देय ब्याज से राहत मिलेगी, बल्कि मृतक के उत्तराधिकारियों को भी तत्काल राहत मिल सकेगी. हालांकि, इसका विपरीत असर मोटर दुर्घटना दावों का अदालत में निपटारा करने का दावा करने वाले दलालों पर जरूर पड़ेगा, जो दावा राशि का एक हिस्सा मृतकों के उत्तराधिकारियों से हड़पते हैं और बीमा कम्पनियों को ब्याज के रूप में मोटा नुकसान पहुंचाते हैं. 

जयपुर से विमल कोठारी की रिपोर्ट

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