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कांवट कस्बे में दुष्कर्म पीड़िता की इलाज के दौरान मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया बंद का आह्वान

कांवट कस्बे में दुष्कर्म पीड़िता की इलाज के दौरान मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया बंद का आह्वान

सीकर: जिले के कांवट कस्बे में दुष्कर्म पीड़िता की इलाज के दौरान जयपुर में मौत हो जाने के मामले में आक्रोशित ग्रामीणों ने आज कांवट बंद का आह्वान किया है. बंद के आह्वान के बाद कावट कस्बे में तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठान व दुकानों के साथ-साथ शिक्षण संस्थान भी बंद है. वहीं मुआवजे की मांग को लेकर आक्रोशित ग्रामीणों ने थोई थाने के घेराव की भी चेतावनी दी है. 

27 जनवरी को पीड़िता के पड़ोस में रहने वाले युवक ने किया था दुष्कर्म:
गौरतलब है कि 27 जनवरी को पीड़िता के पड़ोस में रहने वाले बसंत मीणा नाम के युवक ने पीड़िता के साथ दुष्कर्म करने के बाद हत्या का प्रयास किया था जिससे वह बेहोश हो गई थी. पीड़िता का जयपुर के जेके लोन अस्पताल में इलाज चल रहा था लेकिन पीड़िता की इलाज के दौरान ही कल मौत हो गई थी. पुलिस ने दुष्कर्म के आरोपी बसंत मीणा को गिरफ्तार कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है. वही बंद और प्रदर्शन को देखते हुए कांवट में पुलिस का अतिरिक्त जाब्ता तैनात किया गया है और पुलिस के आला अधिकारी मामले पर निगाह रखे हुए हैं.

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शहीद दीपचंद को दी गई अंतिम विदाई, पैतृक गांव में राजकीय सम्मान के साथ हुआ अंतिम संस्कार 

सीकर: जम्मू कश्मीर के बारामूला के सोपोर में आतंकवादियों की मुठभेड़ में शहीद हुए दीपचंद वर्मा को गुरुवार को नम आंखों से अंतिम विदाई दी गई. इस अंतिम विदाई में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधि एवं हजारों ग्रामीणों ने अपने लाडले को श्रद्धांजलि दी. इस अवसर पर शिक्षा राज्य मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा शहीद के परिवार के बच्चों की शिक्षा निशुल्क होगी और इसी के साथ गांव में स्थित सीनियर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का नाम सहित दीपचंद के नाम से होगा.

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कभी नहीं भुलाई जा सकती लाडले की शहादत: 
खंडेला के विधायक महादेव सिंह खंडेला ने कहा कि वे बनने वाले शहीद स्मारक का पैसा विधायक कोटे से खर्च करेंगे और हम स्मारक अपनी तरफ से तैयार करेंगे. शहीद स्मारक के लिए जल्द से जल्द जमीन का चयन होगा. तो वहीं सांसद सुमेधानंद सरस्वती ने कहा कि देश के लाडले ने जो शहादत दी है वह कभी नहीं भुलाई जा सकती है. सीकर जिले में गुरुवार को 219 वें लाडले ने देश की रक्षा करते करते अपने प्राण न्योछावर किए हैं. वहीं शेखावाटी के सैंकडों युवाओं ने देश रक्षा करते करते अपने प्राणों को हंसते-हंसते न्यौछावर किए हैं. उन शहीदों को सांसद ने सलाम करते हुए कहा कि निश्चित रूप से इन्हीं शहीदों की वजह से आज अपना देश सुरक्षित है.

नम आंखों से दी गई अं​तिम विदाई:
उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्य और केंद्र सरकार से मिलने वाली आर्थिक पैकेज की सहायता राशि परिवार को मुहैया कराई जाएगी. शहीद के परिवार में एक बेटी और दो बेटे है. शहीद का परिवार अजमेर में सेना के क्वार्टर में रहता था. बुधवार को आतंकवादियों की मुठभेड़ में बावड़ी गांव का दीपचंद शहीद हो गया था. इससे पूर्व शहीद की अंतिम यात्रा रींगस से तिरंगा यात्रा निकाली गई और तिरंगा यात्रा में हजारों युवाओं ने देशभक्ति नारे लगाए तिरंगा यात्रा के रूप में शहीद का पार्थिक देह उनके पैतृक गांव पहुंचा. जहां उन्हें आज नम आंखों से विदाई दी गई. 

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सीकर के पलसाना में कोरोना विस्फोट,दुल्हा-दुल्हन और 4 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित 8 पॉजिटिव

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सीकर: राजस्थान में कोरोना मरीजों का आंकड़ा बढता जा रहा है. हर रोज कोरोना वायरस के मरीज मिल रहे है. अब खबर सीकर जिले के पलसाना कस्बे से है. यहां पर सोमवार को कोरोना विस्फोट हो गया. कस्बे में पिछले दिनों दिल्ली से शादी कर लौटे दुल्हा-दुल्हन और चार आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं सहित आठ जने कोरोना पॉजिटिव आए है. एक साथ आठ जनों की रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद कस्बे में हडक़ंप मच गया. चिकित्सा विभाग की टीम सभी की ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने में जुटी है.

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आधा दर्जन लोग गए थे बारात लेकर दिल्ली:
इधर पंचायत की ओर से ग्राम पंचायत कार्यालय सहित अस्पताल और संबंधित क्षेत्रों को सेनिटाइजर करवाया जा रहा है. वहीं चिकित्सा विभाग की टीम पॉजिटिव आए लोगों के परिजनों और सम्पर्क में आने वाले लोगों की लिस्ट तैयार कर रही है. पलसाना से शुक्रवार को दो छोटी गाडिय़ों में सवार होकर एक परिवार के करीब आधा दर्जन से ज्यादा लोग बारात लेकर दिल्ली गए थे. यह लोग शादी कर शनिवार को वापस घर लौटे थे.

ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने में जुटा प्रशासन:
इसके बाद शनिवार को ही दुल्हा-दुल्हन सहित चार जनों के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए थे. रिपोर्ट में दुल्हा-दुल्हन सहित चारों पॉजिटिव आए है. पलसाना में पिछले दिनों दिल्ली से आए मां-बेटे सहित तीन जनों के कोरोना पॉजिटिव आने के बाद घर घर सर्वे में जुटी चार आंगनबाड़ी कार्यकर्ता भी पॉजिटिव निकली है. कस्बे में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के पॉजिटिव आने की सूचना के बाद आमजन के साथ ही चिकित्सा विभाग के भी पसीने छूट गए है. क्योंकि ये आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर घर सर्वे में जुटी हुई थी. ऐसे में इनकी ट्रेवल हिस्ट्री भी काफी लम्बी हो गई है. विभाग अब इनकी ट्रेवल हिस्ट्री खंगालने में जुटा है. 

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अमरीका के सबसे बड़े टैलेंट शो अमरीकाज गॉट टैलेंट में फतेहपुर के दो भाई दूसरे राउंड में सलेक्ट, विजेता को मिलेंगे 1 मिलियन डॉलर

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फतेहपुर(सीकर): कस्बे के दो चचेरे भाइयों का अमेरिका के सबसे बड़े रियलिटी शो अमरीकाज गॉट टेलेंट में चयन हुआ है. दोनों भाइयों के डांस से प्रभावित होकर शो प्रबन्धकों ने अपने खर्चे पर दोनों को अमरीका बुलाया है. पहले राउंड में सलेक्ट होने के बाद वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दूसरा राउंड हुआ था उसमें भी सलेस्ट होने के बाद दोनों भाइयों के डांस का अमरीका में शूट किया गया. वीडियो अमरीकाज गॉट टैलेंट ने सोशल मीडिया पर डाला तो 24 घंटे के भीतर ही करीब 2 मिलियन लोगों ने देख लिया.

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पिछले 4 वर्षों से दोनों डांस कर रहे:
जानकारी के अनुसार कस्बे में धोबियो के मोहल्ले में के रहने वाले शाकिर व रेहान दोनों चचेरे भाई हैं. पिछले 4 वर्षों से दोनों डांस कर रहे हैं. दोनों भाई हाल ही में डांस प्लस में तीसरे राउंड तक सलेक्ट हुए थे. इसी दौरान अमेरिकाज गॉट टैलेंट में अपना वीडियो भेजा. वहां के प्रबंधकों व जज को यह वीडियो पसंद आया तो उन्होंने अपने खर्चे पर दोनों को अमरीका बुलाया. शो के बुलावे पर दोनों भाई 2 मार्च को अमरीका के केलिफोर्निया गए. वहां पर आयोजित हुए रियलिटी शो में दोनों ने प्रस्तुति दी तो लोग मंत्र मुग्ध हो गए. इसके बाद 9 मार्च को दोनों भाई मुम्बई लौट गए. बीते 2 सालों से मुंबई की एक डांस अकेडमी में दोनों तैयारी करते हैं. लॉकडाउन के चलते अमरीकाज गॉट टेलेंट का दूसरा राउंड नहीं हो पाया. मई के आखिरी सप्ताह में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये दूसरा राउंड हुआ. दूसरे राउंड में सलेस्ट होने के बाद पहले राउंड का वीडियो जारी किया गया.  

तीसरे राउंड के लिए जायेंगे अमरीका:
शाकिर ने बताया कि अभी वह टॉप 16 में शामिल हैं. पहले राउंड में 40 लोग थे. उसके बाद यह संख्या कम होती गई. इस शो में दुनिया के कई देशों से प्रतियोगी शामिल होते हैं. लॉक डाउन के चलते दूसरा राउंड वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हुआ. अब हालात सामान्य होने पर तीसरा राउंड अमरीका में होगा. इसके लिए उन्हें बुलावा मिल गया हैं.  अब क्वार्टर फाइनल होगा उसके बाद सेमीफाइनल व उसके बाद फाइनल होगा. फाइनल में 5 ही टीम हिस्सा लेंगी.  

24 घंटे में ही 2 मिलियन व्यू मिले:
शाकिर व रेहान के डांस का वीडियो अमेरिका गॉट टैलेंट की ओर से अपने यू ट्यूब एकाउंट पर 10 जून की रात को डाला. दोनों का डांस इतना शानदार था कि 24 घंटे से ही कम समय मे 2 मिलियन लोगो ने वीडियो देखा. 

इंडिया से दूसरी बार पहुंचा कोई उस रियलिटी शो में:
अमरीकाज गॉट टेलेंट का यह 15 वा सीजन हैं. 15 वर्षो में भारत से भाग लेने वाले यह दूसरी टीम हैं. इससे पहले इस शो में एक टीम भाग ले चुकी हैं. शाकिर व रेहान बताते हैं कि उन्हें बहुत अच्छा लगा कि उनका यहां तक जाना हुआ. 

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सामान्य परिवार से है दोनों:
शाकिर व रेहान चचेरे भाई हैं. दोनों ही सामान्य परिवार से है. 2 वर्ष पहले शाकिर रेहान को डांस क्लास के लिये मुम्बई ले गया था. वहां पर कई शो में गये लेकिन सलेस्ट नही हुए तो घर वालो ने उन्हें वापस घर आने के लिए कह दिया. रेहान के घर वालो ने तो यहां वहा से पैसे का बंदोबस्त करके उन्हें वहा रखा. वहीं शाकिर के पिता की सीकर में टायर पंचर की दुकान है. 

...फर्स्ट डंडिया के लिए फतेहपुर से योगश पारीक की रिपोर्ट

निर्जला एकादशी पर बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार, भक्तों के लिए पट रहे बंद

निर्जला एकादशी पर बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार, भक्तों के लिए पट रहे बंद

सीकर: आज निर्जला एकादशी का पर्व है, लेकिन कोरोना संकट के बीच सारे उत्सव रद्द है, तो ऐसे में लोग निर्जला एकादर्शी का पर्व घरों में ही मना रहे है. निर्जला एकादशी पर बाबा श्याम की विशेष पूजा आराधना हुई. सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पुजारियों ने बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार के आराधना की. लेकिन श्याम प्रेमी इस बार निर्जला एकादशी पर दर्शन नहीं कर पाये. 

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श्याम प्रेमियों को नहीं हुए दर्शन:
निर्जला एकादशी पर जहां बाबा श्याम के दरबार में लाखों लोगों की भीड़ रहती थी, लेकिन कोरोना के चलते इस बार श्याम के भक्तों को निराश रहना पडा .मंगलवार को बाबा श्याम के भक्त दीदार नहीं कर पाए, कोरोना संक्रमण के चलते बाबा का दरबार बंद रहा. निर्जला एकादशी के दिन पुजारियों ने सिर्फ बाबा श्याम की सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पूजा आराधना की और पट बंद कर दिए. 

निर्जला एकादशी का पौराणिक बड़ा महत्व:
निर्जला एकादशी का पौराणिक बड़ा महत्व है, आज के दिन बाबा श्याम के दरबार में लाखों भक्त अपनी हाजिरी लगाते हैं. लेकिन इस बार ऐसा नहीं हुआ और मंदिर 3 माह से पूरी तरह बंद चल रहा है. राज्य सरकार के आदेश के बाद ही भक्तों के लिए मंदिर खोला जाएगा. पहली बार ऐसा हुआ है कि निर्जला एकादशी के दिन बाबा श्याम के दर्शन भक्तों को नहीं हुए. 

निजी अस्पतालों के लिए एडवाइजरी जारी, कोरोना मरीजों का फ्री इलाज, अन्यथा होगी सख्त कार्रवाई 

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सीकर: आज निर्जला एकादशी का पर्व है, लेकिन कोरोना संकट के बीच सारे उत्सव रद्द है, तो ऐसे में लोग निर्जला एकादर्शी का पर्व घरों में ही मना रहे है. निर्जला एकादशी पर बाबा श्याम की विशेष पूजा आराधना हुई. सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पुजारियों ने बाबा श्याम का विशेष श्रृंगार के आराधना की. लेकिन श्याम प्रेमी इस बार निर्जला एकादशी पर दर्शन नहीं कर पाये. 

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न बैंड, न बारात सादगी के साथ हुआ विवाह सम्पन्न, वर और वधु पक्ष ने दिया समाज को सकारात्मक संदेश

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अजीतगढ़(सीकर): वैश्विक महामारी कोरोना का देशभर में कहर जारी है. ऐसे में जहां कुछ लोग मनमानी करते हुए लॉकडाउन की एडवाजरी की धज्जियां उड़ा रहे हैं, वहीं कुछ लोग लॉकडाउन के पालन की मिसाल भी कायम कर रहे हैं. एक ऐसा ही मामला सीकर जिले के अजीतगढ़ में सामने आया है. यहां लॉकडाउन के नियमों का पालन करते हुए नवदंपति 7 फेरों के बंधन में बंधे. विवाह समारोह में वर पक्ष के 5 लोग बारात लेकर आए जिनका वधु पक्ष की ओर से स्वागत सत्कार के बाद सोसियल डिस्टेंस और सरकार की एडवाजरी की पालना करते हुए पूर्ण वैदिक विधि विधान और 7 फेरों के साथ विवाह की रस्मे अदा की गई.

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हिन्दू रीति रिवाज के मुताबिक हुई शादी की रस्में: 
जानकारी के मुतबिक पूर्व भाजपा प्रदेश महामंत्री कुनेड पावटा निवासी जगदीश प्रसाद यादव के पुत्र अक्षय कुमार यादव की शादी 18 मई को तय हुई थी. वर पक्ष और वधु पक्ष की ओर से विवाह की धूमधाम से तैयारियां की गई, लेकिन कोरोना को लेकर लॉक डाउन लगने पर तैयारिया धरी रह गई. विवाह की तारीख नजदीक आने पर वर के पिता जगदीश यादव ने वधु पक्ष से चर्चा कर सादगी पूर्ण विवाह करने का निर्णय किया. इस पर लड़के के पिता ने मात्र पांच लोगों के साथ अजीतगढ़ निवासी सेठ रामेश्वर यादव हरियाणा वाले की पुत्री प्रवीण यादव के साथ सोमवार को हिन्दू रीति रिवाज के मुताबिक शादी की रस्में पूरी की.

विवाह समारोह में फिजूलखर्ची पर लगेगी रोक:
शादी में सादगी के साथ चंद लोगो के बीच सम्पन्न हुई. इस संबंध में विवाहित जोड़े अक्षय व प्रवीण ने कहा है कि हम लोगों ने लॉकडाउन का पालन करते हुए शादी की है. यह भी जीवन में एक पहचान बनी रहेगी. वर के पिता जगदीश प्रसाद यादव ने बताया कि वर्तमान में विवाह समारोह में फिजूलखर्ची बढ़ गई है. सादगी के साथ बेटे का विवाह करने में खुशी हुई और इससे समाज में फिजूलखर्ची रुकेगी और रचनात्मक सन्देश जाएगा.

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वीसी के जरिए हुई शिक्षा विभाग की ​बैठक, दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं को लेकर हुई विस्तृत चर्चा

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सीकर: राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा की शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक हुई. इस बैठक के बाद प्रेस वार्ता करते हुए शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड दसवीं और बारहवीं की परीक्षाओं को लेकर विस्तृत चर्चा वीसी में की गई है. परीक्षाओं को लेकर निर्णय मुख्यमंत्री गहलोत को लेना है. परीक्षा कराना इस समय संभव नहीं है लेकिन बोर्ड का रिजल्ट भी अपने आप में अलग महत्व रखता है. इसलिए निर्णय मुख्यमंत्री खुद अपने स्तर पर लेंगे.  

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आरटीई में बढाई आय सीमा:
इसी के साथ एलडीसी की हाल ही में जारी विभाग और जिला आवंटन संबंधी एवं आरटीई के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए आय सीमा 1 लाख  से 2लाख 50 हजार रुपए और  स्कूल लेक्चरर हैड मास्टर प्रिंसिपल के पदों पर नियमों में संशोधन के साथ ही सैकंड ग्रेड वरिष्ठ अध्यापक में चयनित नियुक्ति को लेकर विस्तृत चर्चा की गई है. जल्दी इन सभी को लेकर मुख्यमंत्री स्तर पर निर्णय होगा. 

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टाइम पास के लिए युवाओं ने शुरू की पहल बनी मिसाल, कोई भूखा न सोये की मुहिम पर अब तक बांटे 78 हजार से ज्यादा टिफिन

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फतेहपुर(सीकर): लॉक डाउन के कारण घरों में बैठे बैठे परेशान नहीं हो इसको लेकर चार दोस्तों ने असहाय लोगों के एक दिन का खाना बनाकर छह सौ टिफिन बांटे. सेवा कार्य में ऐसा मजा आया कि युवाओं की एक टीम बन गई और पिछले 40 दिनों से रोजाना हजारों लोगों को खाना बनाकर मुहैया करवा रही है. हम बात कर रहे है फतेहपुर के उन युवाओं की टीम की जो सबके लिए प्ररेणा से कम नहीं है. सिर्फ एक दिन छह सौ टिफिन बांटे थे उसके बाद ऐसी मुहीम बनी की अब तक 78 हजार से यादा टिफिन बांट कर कोई भूखा ना सोएं की पहल सार्थक होने लग गई. कस्बे के चार दोस्त पंकज पारीक, मगन प्रजापत, भवानी चोटिया व योगेश ने 24 मार्च को गरीबो के लिए एक दिन का भोजन तैयार किया. पंकज ने बताया कि जनता कर्फ्यू के दौरान पूरे दिन घर रहे तो बहुत परेशान हुए. अक्सर दिनभर बाहर घूमते रहते थे ऐसे में अब घर कैसे रहा जाएगा. अगले ही दिन राजस्थान सरकार ने लॉकडाउन कर दिया तो घर बैठे बैठे परेशान होने लगे. ऐसे में सोचा कि क्यों ना समाज के लिए इस कोरोना महामारी के बीच कुछ किया जाएं. ऐसे में 24 मार्च को रेलवे स्टेशन के पास एक घर में छह सौ लोगों के लिए खाने के पैकेट तैयार किए. इसके बाद प्रशासन की देखरेख में जरूरतमंद लोगों तक पहुचाएं. पूरा दिन कैसे बीता मानो पता ही नहीं चला. असहाय लोगों की सेवा में जो सुकून मिला उसके आगे सबकुछ फीका था. इसके बाद सोशल मीडिया पर फोटो डाली तो लोगों का अपार स्नेह मिला तो मुहीम को आगे बढ़ाने की सोची. ऐसे में सोचा की पहले दिन का खर्चा तो दोस्तों ने मिलकर दे दिया लेकिन आगे कैसे चलेगा. लेकिन कस्बे के लोगों का ऐसा सहयोग मिला कि मुहीम अपने आप आगे बढ़ गई. छह सौ टिफिन से यह संख्या ढाई हजार तक पहुंच गई. 

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घर किए चिन्हित, अब रोज पहुंचा रहे हैं खाना:
एक ओर पूरा विश्व कोरोना जैसी महामारी की चपेट में है. लॉक डाउन के चलते असहाय व जरूरतमंद लोगों पर जबरदस्त संकट आ गया. कामकाजी लोग भटक रहे हैं. कोई पहले कचरा बीनता था ,कोई कुली हमाल था कोई रिक्शा चलाता था. उन स्थानों तक भोजन पैकेट जरुरतमंदों को पहुंचाए जा रहे हैं जहाँ मेहनतकशों का बसेरा है. अस्पतालों के बाहर ,कोई कच्ची बस्ती ,फुटपाथ ,बंजारों की बस्ती ऐसे स्थान है जहां ये लोग रोज पहुंच रहे हैं. रसोई टीम के संदीप हुड्डा व अभिषेक जोशी ने बताया कि पहले दिन खाना देने के बाद से सोशल मीडिया पर संदेश डाला कि कस्बे में कोई भूखा न सोये कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति या परिवार है तो उसकी जानकारी हमे दे. जब लोगों ने जानकारी मुहैया करवाई तो टीम के सदस्य जाके देख कर आये की इस परिवार को वास्तव में जरूरत है या फिर नही. वास्तविक जरूरत वाले परिवार एक दो दिन भर चिन्हित हो गए. 

चार लोगों से संख्या 20 से अधिक हुई, सब अपने आप जुड़े किसी को नहीं बुलाया:
राम रसोई चार दोस्तों ने मिलकर शुरू की. उसके बाद कार्यकर्त्ताओं की फ़ौज अपने आप जुड़ गई. एक भी कार्यकर्ता को फोन करके नहीं बुलाया. सब अपने आप जुड़े. इसके बाद सबने अपनी रुचि से कार्य निर्धारित कर लिया. तब से लेकर आज तक वैसे ही सभी लोग लगे हुए है. कोई पैकिंग में लगा है तो खाना सप्लाई में लग गया. उसके बाद आने वाले लोगों को वापस भेजा गया. 

शहरवासियों का मिला अतुलनीय सहयोग:
राम रसोई शुरू होने के साथ ही शहर वासियों का अतुलनीय सहयोग रहा. मनोज पीपलवा व गोविंद पारीक ने बताया कि कास्बे के लोगो ने दिल खोल कर सहयोग किया. किसी ने राशन सामग्री भेजी तो किसी ने नकद राशि दी. इसके बाद किसी ने अपनी गाड़ी दी तो किसी ने सब्जी मुहैया करवाई. कस्बे के लोगों व लायंस क्लब के सदस्यों से मिले सहयोग के काऱण 78 हजार से ज्यादा टिफ़िन वितरण किये गए. राम रसोई के कार्य से लोग अभिभूत हुए. बंधेज का काम करने वाली एक महिला ने भी नाम नहीं बताने की शर्त पर अपने घर से सहयोग दिया. जबकि वो खुद गरीब परिवार से थी. 

यह है राम रसोई की टीम:
कार्यकर्ताओं की टीम में योगेश पारीक, मनोज पीपलवा, अजमद खां, सद्दाम हुसैन, किशोर ढाढ़णियां, गोविन्द पारीक, पंकज पारीक, मगन प्रजापत, संदीप हुड्डा, भवानी शंकर चोटिया, अभिषेक जोशी, मोहित सिलावट, रितिक पिपलवा, रमेश दर्जी, राहुल वर्मा, राहुल रॉय, अतुल ढण्ड, मीनू शर्मा, राकेश प्रजापत, ललित सैनी, बबलू सांखला कार्य कर रहे हैं. 

बिना संगठन बड़ा काम, संभवत शेखावाटी की सबसे बड़ी रसोई:
फतेहपुर की युवाओं की टीम का ना ही तो कोई संगठन है ना ही कोई संस्था. सिर्फ अपने बलबूते पर शुरू हुआ यह काम अब बड़े स्तर तक पहुंच गया. रोजाना 25 सौ लोगों को पिछले 38 दिनों से खाना पहुंचाने में यह शेखावाटी की सबसे बड़ी रसोई है. यह संदेश है कि अच्छे काम के लिए संस्थान व एनजीओ के बिना भी कार्य किया जा सकता है. 

- रोज 150 किलो आटे की बन रही है रोटियां, 70 किलो चावल व 200 किलो से अधिक सब्जी की हो रही है रोजाना खपत

- 2100 से लेकर 2500 तक टिफिन रोजाना भेज रहे है असहाय व जरूरतमंद लोगों तक

जरूरतमंद लोगों तक खाना पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं की टीम सुबह चार बजे से ही खाना बनाने के काम में जुट जाती है. हलवाई सुबह चार बजे आते है इसके बाद खाना बनाने का काम शुरू होता है. सुबह नौ बजे पैकिंग शुरू की जाती है. इसके बाद दूर के इलाको में गाड़ी भेजना शुरू किया जाता है. रोजाना दोपहर को 1300 से लेकर 1450 तक टिफिन तैयार किए जाते है. ऐसे में रोजाना डेढ़ क्विंटल आटे की रोटियां व दो क्विंटल से ज्यादा की सब्जी तैयार की जाती है. शाम को हल्का खाना व हेल्दी फूड देने के उद्देश्य को लेकर कभी वेज पुलाव तो कभी नमकीन खीचड़ी व कभी राजमा चावल दिए जा रहे हैं. शाम को खाने के एक हजार टिफिन तैयार किये जाते हैं. अब तक 78 हजार से ज्यादा टिफिन वितरित कर दिये गए है. इसके लिए भामाशाहों का भी पूरा सहयोग मिल रहा है. कोई सामान देता है तो कोई नकद पैसे दे रहा है. लायंस क्लब के द्वारा भी भामाशाहों को प्रेरित किया गया तो कई भामाशाह भी जुड़ गए. नगर पालिका की टीम भी कार्य की पूरी मॉनीटरिंग कर रही है. 

सुरक्षा का रहा जा रहा है पूरा ख्याल: 
कार्यकर्ताओं की टीम के द्वारा रेलवे स्टेशन के पास एक मकान में खाना बनाने का कार्य किया जा रहा है. यहां पर खाना बनाने से लेकर पैकिंग व खाना वितरण में पूरी सावधानियां बरती जा रही है. सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जा रहा है. खाना पैकिंग करते समय मुहं पर मास्क व हाथों में दस्ताने पहने जा रहे हैं. यह लोग कोरोना की जंग में अपनी भागीदारी निभा रहे हैं.

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कोई हलवाई है कोई दुकानदार, कोई फोटोग्राफर तो कोई मजदूर:
रेलवे स्टेशन के पास चल रही राम रसोई में काम कर रहे युवाओं की कहानी भी अलग है. कोई पेशे से हलवाई है तो कोई मजदूरी करता है. कोई विदेश रहता है तो किसी के कैटरिंग का काम है तो कोई व्यापारी है. लेकिन लॉक डाउन के बाद सबका एक ही मकसद है फतेहपुर क्षेत्र में कोई भूखा ना सोएं. किसी भी कार्यकर्ता को फोन करके नहीं बुलाया गया. चार दोस्तों के द्वारा शुरू करने के बाद कारवां अपने आप बनता गया. अब कार्यकर्ताओं की भी कमी नहीं है. खाना पैक करने से लेकर वितरण करने वाली टीमें भी अलग अलग है. 

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