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बहुचर्चित पवन व्यास हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी

बहुचर्चित पवन व्यास हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी

नोहर (रोहताश सैनी)। नोहर क्षेत्र के बहुचर्चित पवन व्यास हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर ग्रामीणों का विरोध जारी है। आक्रोशित ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार किया है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पवन व्यास हत्याकांड का खुलासा नहीं हो जाता तब तक उनका यह विरोध जारी रहेगा। इसके तहत वे विधानसभा चुनाव के अलावा लोकसभा व पंचायत चुनाव में भी मतदान नहीं करेंगे। 

उधर प्रशासन की ओर से भी ग्रामीणों से समझाईश के लिए कई दौर की वार्ता की गई, लेकिन सब बेनतीजा रही। ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। उनका कहना है कि जब तक पवन व्यास के हत्यारों को नहीं पकड़ा जाता तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। विदित रहे कि जसाना गांव के अटल सेवा केंद्र में  ईमित्र संचालक पवन व्यास की दिनदहाड़े गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई थी, लेकिन हत्यारों का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है, और ना ही  हत्या के कारणों का पता चल पाया है। 

ग्रामीणों का आरोप है कि  पुलिस ने पूछताछ के नाम पर डेढ़ हजार से अधिक ग्रामीणों को थाने बुलाया है लेकिन हत्याकांड का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। इसके अलावा मृतक के पिता का भी आरोप है कि पुलिस ने पूछताछ के नाम पर  केवल परेशान ही किया है जबकि वे शासन से प्रशासन तक दर-दर की ठोकरे खा चुके हैं। उन्हें कहीं से भी न्याय की उम्मीद नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों की ओर से संघर्ष समिति बनाकर मतदान का बहिष्कार किया जा रहा है। इसके लिए बाकायदा गांव में दाखिल होने वाले सभी रास्तों प्रमुख जगहों पर पवन व्यास के हत्याकांड के खुलासे की मांग को लेकर चुनाव बहिष्कार संबंधित पोस्टर लगाए गए हैं। वहीं गांव के मुख्य मार्ग पर एक साइन बोर्ड भी लगाया गया है जिसमें पवन व्यास की आत्मा की ओर से न्याय की गुहार की गई है। 

चुनाव प्रचार के दौरान ग्रामीणों ने किसी भी प्रत्याशी को गांव में नहीं घुसने दिया। वहीं अब मतदान को लेकर भी पेशम पेश की स्थिति बनी हुई है। देखने वाली बात यह होगी क्या प्रशासन कल मतदान करवाने में सफल हो पाता है या नहीं।

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एसडीएम की बोलेरो और कार की टक्कर में महंत की मौत

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नोहर(हनुमानगढ़): उपखंड अधिकारी की सरकारी बोलेरो गाड़ी की कार से भिड़ंत हो गई. घटना पीलीबंगा क्षेत्र की है हादसे में कार सवार महंत की मौत हो गई. हादसे की सूचना पर पीलीबंगा पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे. दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को क्रेन की मदद से सड़क से हटाकर यातायात व्यवस्था दुरुस्त कराई. पुलिस ने महंत का शव पीलीबंगा सीएचसी की मोर्चरी में रखवाया. हादसे में नोहर एसडीएम श्वेता कोचर को मामूली चोटें आई. इस संबंध में कोई मामला दर्ज नहीं कराया गया.

हादसे में कार सवार महंत की मौत: 
प्राप्त जानकारी के अनुसार नोहर एसडीएम श्वेता कोचर मंगलवार सुबह करीब ग्यारह बजे पीलीबंगा की तरफ से रावतसर की ओर जा रही थी. रावतसर रोड पर गांव पंडितांवाली से करीब चार किलोमीटर दूर मोड़ मंदिर के पास एसडीएम की जीप सामने से आ रही कार से टकरा गई. हादसे में कार सवार महंत बाल भारती (50) की मौके पर ही मौत हो गई. वे चक 6 बीएचएम धोरेवाला की महंत अमरभारती कुटिया में रहते थे. एसडीएम सरकारी जीप में सवार थी. बताया जा रहा है कि वे किसी निजी कार्य से जा रही थी.

शादी की खुशियों में मातम लेकर आया कोहरा, बारातियों से भरी बोलेरो गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त होने से तीन की मौत, चार घायल

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नोहर(हनुमानगढ़): घने कोहरे के चलते आज अल सुबह शादी की खुशियां उस समय मातम में बदल गई जब बारातियों से भरी बोलेरो गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई. हादसे में तीन बारातियों की मौत हो गई जबकि चार घायल हो गए. घायलों में भी दो की हालत गंभीर बनी हुई है. जानकारी के अनुसार हरियाणा के पीली मंदौरी में भाग लेकर बारातियों से भरी बोलेरो क्षेत्र के गांव नेहरावाली ढाणी जा रही थी. इसी दरमियान भादरा रोड़ पर एक निजी कॉलेज के सामने यह हादसा हो गया.

हादसे का कारण घना कोहरा माना जा रहा: 
बताया जाता है कि सामने से आये ट्रक से बोलेरो की आमने सामने की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो के आगे का हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया. हादसे का कारण घना कोहरा माना जा रहा है. बताया जा रहा है कि दोनों वाहनों के चालक एक दूसरे वाहन को देख नहीं पाए जिससे इतना बड़ा हादसा हो गया. हादसे के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया. 

प्रसिद्ध गोगामेड़ी मेला अपने पूरे परवान पर, विभिन्न राज्यों से आ रहे श्रद्धालु

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नोहर(हनुमानगढ़): उत्तर भारत का प्रसिद्ध गोगामेड़ी मेला अपने पूरे परवान पर है. पूरे एक माह तक चलने वाला देश का सबसे लंबा यह लक्खी मेला अब दूसरे पखवाड़े का शुरू हो गया है. इसके तहत आज अष्टमी व कल नवमी को विशेष धोक लगाई जाएगी. इसके लिए गोगामेड़ी में देश के विभिन्न राज्यों से लाखों श्रद्धालु जुटे हुए हैं. लोक देवता वीर गोगा जी चौहान के समाधि स्थल पर लगने वाले इस मेले में यूपी, बिहार, उत्तरांचल, उत्तराखंड, हिमाचल, हरियाणा, दिल्ली पंजाब व महाराष्ट्र सहित देश के उत्तरी राज्यों से श्रद्धालु आते हैं. मान्यता के अनुसार यह श्रद्धालु पीले वस्त्र पहन कर आते हैं. इसलिए इन्हें पुरबिया कहा जाता है.

प्रशासन ने किए सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध: 
यहां पहले गोरक्ष गंगा में स्नान कर गुरू गोरखनाथ जी के धूणे पर धोक लगती है. उसके बाद करीब तीन किलोमीटर दूर वीर गोगाजी की समाधि पर मत्था टेककर भक्त मन्नत मांगते हैं. मेले में श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने भी पुख्ता प्रबंध किए हुए हैं. इसके लिए बकायदा मंदिर परिसर के सामने कई किलोमीटर लंबी बैरिकेडिंग लगाई गई है. श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या न हो इसके लिए बैरिकेडिंग में छांव-पानी व हवा की पूरी व्यवस्था की गई है. मेला मजिस्ट्रेट जय कौशिक ने बताया कि पीक-डे के तहत अष्टमी व नवमी को करीब 26 लाख श्रद्धालु मेले में आने की उम्मीद है. उसी के अनुरूप मेले की व्यवस्था की गई है. सफाई व्यवस्था भी दुरुस्त करवाई जा रही है. इसके अलावा पुलिस की ओर से भी सुरक्षा के पुख़्ता प्रबंध किए गए हैं. 

सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखा गया पूरा मेला: 
पूरा मेला सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में रखा गया है. मेले में एएसपी, डीएसपी व सीआई स्तर के अधिकारियों सहित करीब 800 जवान सुरक्षा व्यवस्था में जुटे हुए हैं. देव स्थान विभाग को अभी तक मेले से करीब सवा तीन करोड़ रुपए की आय हो चुकी है.  

परवान पर चढ़ने लगा गोगाजी महाराज का लक्खी मेला

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नोहर(हनुमानगढ़): उत्तर भारत का प्रसिद्ध लोक देवता जाहरवीर गोगाजी महाराज का लक्खी मेला अब धीरे धीरे परवान चढ़ने लगा है. देश के विभिन्न प्रान्तों से आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या के साथ मेले में भीड़ बढ़ने लगी है. गोगाजी मंदिर के बाहर बनाई गई करीब 1800 मीटर लम्बी बेरिकेटिंग में श्रद्धालुओं की कतार लगने लगी हैं. देवस्थान विभाग की ओर से बेरिकेटिंग में छाया, बिजली, पानी, चिकित्सा, पंखे, कुलर आदि की व्यवस्था की गई है.

पुलिस प्रशासन सक्रिय: 
उधर गोगाजी मेले के दौरान शांति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस व प्रशासन भी सक्रिय बना हुआ हैं. कार्यकारी मेला मजिस्ट्रेट एवं नोहर तहसीलदार जय कौशिक तथा गोगामेड़ी थाना प्रभारी महेन्द्र कुमार ने रविवार को भी मेला क्षेत्र में पुलिस जाब्ता के साथ मेला की व्यवस्थाओं का जायजा लिया. मेला क्षेत्र में इस बार साफ सफाई की व्यवस्था अभी तक सुचारू रूप से दिखाई दे रही है. मेला क्षेत्र में किसी भी अप्रिय घटना के समाचार नहीं मिले.

दो पखवाड़ों में चलता है मेला: 
मेले में राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तरप्रदेश, दिल्ली, महाराष्ट्र, उतराखण्ड, झारखण्ड, जम्मू-कश्मीर, मध्यप्रदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु आते हैं. यह मेला दो पखवाड़ों में चलता है. प्रथम पक्ष के इस मेले में पीले वस्त्रधारी, पूरब से चलकर ज्यादातर गरीब तबके के श्रद्धालु आते है, इस मेले को पूरबियों का मेला भी कहा जाता है. श्रद्धालु गोगाजी की स्माधि पर धोक लगाकर अपनी मन्नतें मांग रहे हैं.  

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