मुंबई विराट कोहली बोले- रहाणे की फॉर्म को मैं नहीं परख सकता,वही जानता है कि वह किस दौर से गुजर रहा है

विराट कोहली बोले- रहाणे की फॉर्म को मैं नहीं परख सकता,वही जानता है कि वह किस दौर से गुजर रहा है

विराट कोहली बोले- रहाणे की फॉर्म को मैं नहीं परख सकता,वही जानता है कि वह किस दौर से गुजर रहा है

मुंबई: भारतीय कप्तान विराट कोहली ने सोमवार को यह कहा कि अजिंक्य रहाणे की फॉर्म का  वह या कोई भी अन्य आकलन नहीं कर सकता है और उन्हें अपनी स्पष्ट स्थिति का पता करने के लिये टीम के समर्थन की जरूरत है.भारत की न्यूजीलैंड पर श्रृंखला में 1-0 से जीत के बाद भारतीय कप्तान को कुछ मुश्किल सवालों से जूझना पड़ा जिनमें से कुछ उनकी स्वयं की खराब फॉर्म से जुड़े हुए थे जिसके बारे में उन्होंने कहा कि इसे एक ही तरह से आउट होने के तरीके से नहीं जोड़ा जा सकता है.

खिलाड़ी ही जानता है कि वह किस दौर से गुजर रहा है :
उन्होंने इसके साथ ही कहा कि इस महीने के आखिर में होने वाले दक्षिण अफ्रीकी दौरे के लिये टीम संयोजन पर जल्द ही चर्चा होगी.कोहली से जब रहाणे की खराब फॉर्म के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि मैं उनकी (रहाणे) की फॉर्म का आकलन नहीं कर सकता. कोई भी ऐसा नहीं कर सकता है.केवल एक खिलाड़ी ही जानता है कि वह किस दौर से गुजर रहा है.कोहली ने कहा कि यह महत्वपूर्ण है कि पिछले अच्छे रिकार्ड को देखते हुए रहाणे टीम में सुरक्षित महसूस करें.उन्होंने कहा कि इस दौर में हमें उनका समर्थन करने की जरूरत है विशेषकर तब जबकि उन्होंने अतीत में अच्छा प्रदर्शन किया है। हमारे यहां ऐसा माहौल नहीं है जहां खिलाड़ी यह सोचे कि अब क्या होगा. एक टीम के तौर पर हम ऐसी चीजों को प्रश्रय नहीं देते.

जिन गलतियों की पुनरावृत्ति हो रही हो उन्हें दूर करना होगा :
भारतीय कप्तान ने कहा कि हम खिलाड़ी जानते हैं कि टीम में क्या हो रहा है. बाहर बहुत कुछ होता रहता है और हम नहीं चाहते कि उससे हमारे खेल पर प्रभाव पड़े. हम अंजिक्य हो या कोई और टीम में हर किसी का समर्थन करते हैं. बाहर क्या हो रहा है हम उस आधार पर फैसले नहीं करते.कोहली ने अपना आखिरी शतक 2019 में बांग्लादेश के खिलाफ कोलकाता में लगाया था लेकिन पिछले दो वर्षों में वह आउट होने के अपने तरीके को लेकर किसी तरह से परेशान नहीं हुए.उन्होंने कहा,हम प्रक्रिया पर कायम रहते हैं लेकिन अगर आउट होने का तरीका एक जैसा हो तो फिर उसमें सुधार की जरूरत पड़ती है. कभी कभी ये चीजें स्वाभाविक तौर पर हो जाती हैं और कभी नहीं होती है.कोहली ने कहा कि गलती की पुनरावृत्ति होने पर ही उसमें सुधार की जरूरत होती है.उन्होंने कहा आपको आगे बढ़ने पर ध्यान देना होगा और जिन गलतियों की पुनरावृत्ति  हो रही हो उन्हें दूर करना होगा.आपको यह विश्वास होना चाहिए कि आप इस दौर से बाहर निकल सकते हो.यह जंग है, विश्वास है.

ऐसी पारियां खेलने के लिये जज्बे की जरूरत होती है :
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 26 दिसंबर से शुरू होने वाले टेस्ट श्रृंखला में टीम संयोजन को लेकर कोहली ने कोई खुलासा नहीं किया। कप्तान ने कहा कि आने वाले दिनों में टीम को लेकर गंभीर चर्चा होने की संभावना है.कोहली ने कहा कि इस मामले में चर्चा करने की जरूरत है.हम किन्हें कुछ स्थानों के लिये विशेषज्ञ मानते हैं और वे उस रूप में शामिल होंगे, इस पर मैं संवाददाता सम्मेलन में जवाब नहीं दे सकता। हमें इस पर चर्चा करके सामूहिक निर्णय लेना होगा.श्रेयस अय्यर, मयंक अग्रवाल और मोहम्मद सिराज सभी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं और मुख्य कोच राहुल द्रविड़ की तरह कोहली ने भी माना यह अच्छा सिरदर्द है.कोहली ने अग्रवाल की प्रशंसा की जिन्होंने पहली पारी में 150 और दूसरी पारी में 62 रन बनाये.उन्होंने कहा,उसने शानदार पारियां खेली.ऐसी पारियां खेलने के लिये जज्बे की जरूरत होती है और उसके पास यह है.इस तरह की पारियों से उसे केवल एक बल्लेबाज ही नहीं एक व्यक्ति के रूप में भी आगे बढ़ने में मदद मिलेगी. सोर्स- भाषा

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