भारतीय खिलाड़ियों पर नस्ली टिप्पणी को लेकर भड़के विराट कोहली, कहा- यह अभद्र व्यवहार का चरम

भारतीय खिलाड़ियों पर नस्ली टिप्पणी को लेकर भड़के विराट कोहली, कहा- यह अभद्र व्यवहार का चरम

भारतीय खिलाड़ियों पर नस्ली टिप्पणी को लेकर भड़के विराट कोहली, कहा- यह अभद्र व्यवहार का चरम

नई दिल्लीः विराट कोहली ने तीसरे टेस्ट मैच के दौरान कुछ ऑस्ट्रेलियाई प्रशंसकों की मोहम्मद सिराज के खिलाफ की गई नस्ली टिप्पणी को ‘अभद्र व्यवहार का चरम सीमा’ करार देते हुए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की. कोहली को भी 2011-12 की टेस्ट श्रृंखला के दौरान अपशब्दों का सामना करना पड़ा था.

कोहली ने किया ट्वीट, लिखा- नस्ली दुर्व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्यः
पितृत्व अवकाश पर चल रहे कोहली ने ट्वीट किया कि नस्ली दुर्व्यवहार पूरी तरह से अस्वीकार्य है. सीमा रेखा पर क्षेत्ररक्षण करते समय मुझे भी घटिया बातें सुननी पड़ी है और यह अभद्र व्यवहार की चरम सीमा है. मैदान पर इस तरह की घटनाएं देखना दुखद है. 

2011 में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर विराट कोहली को भी करना पड़ा था अपशब्दों का सामनाः
कोहली जब 2011 में जब ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गए थे तब सीमा रेखा पर लगातार अपशब्दों का सामना करने के बाद उन्होंने सिडनी के दर्शकों को उंगली दिखाई थी जिससे विवाद पैदा हो गया था. भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच सिडनी में चल रहे तीसरे टेस्ट मैच में शनिवार और रविवार को सिराज और जसप्रीत बुमराह के खिलाफ दर्शकों ने नस्ली टिप्पणियां की. विराट कोहली ने कहा कि इस घटना पर पूरी तत्परता और गंभीरता से गौर करने की जरूरत है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए.

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया कर रहा है मामले की जांचः
क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया इस मामले की जांच कर रहा है तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) के मैच रेफरी डेविड बून इस पर अपनी रिपोर्ट पेश कर सकते हैं.

हरभजन सिंह ने भी अपने साथ हुई ऐसी ही घटना का किया जिक्रः
पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने भी इसी तरह के अनुभव को साझा किया. हरभजन ने ट्वीट किया कि ऑस्ट्रेलिया में खेलते हुए मैंने निजी तौर पर अपने लिए, मेरे धर्म को लेकर, मेरे रंग को लेकर कई बातें सुनी. यह पहला अवसर नहीं है जबकि दर्शकों ने इस तरह की बकवास की है. आप उन्हें कैसे रोकेंगे.

इंग्लैंड के स्पिनर मोंटी पनेसर ने कहा आईसीसी को नस्लवाद पर आचार संहिता तैयार करनी चाहिएः
इस बीच इंग्लैंड के स्पिनर मोंटी पनेसर ने आईसीसी से दर्शकों के लिए नस्लवाद को स्पष्ट रूप से परिभाषित करने को कहा ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो. उन्होंने ट्वीट किया कि आईसीसी को नस्लवाद पर आचार संहिता तैयार करनी चाहिए ताकि दर्शकों को अच्छी तरह से पता हो कि क्या नस्ली टिप्पणी है और क्या नहीं.
सोर्स भाषा

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